Will Zero-GST make Health Insurance cheap: कैसे बढ़ेगी हेल्थ इंश्योरेंस की पहुंच?

देश में स्वास्थ्य बीमा का कवरेज 2025 में भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार लगभग 30 फीसदी आबादी अर्थात 40 करोड़ से अधिक लोग अभी भी स्वास्थ्य बीमा से वंचित हैं. इनमें अफॉर्डेबिलिटी, जागरूकता की कमी और युवाओं का टालमटोल रवैया इसकी प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं. हालांकि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के विस्तार से कवरेज में बढ़ोतरी हुई है, फिर भी समग्र कवरेज 50 फीसदी के आसपास रहने की संभावना जताई जा रही है, जहां वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से शामिल किया गया है. 2024-25 में भारत में चिकित्सा उपचार की लागत में 14 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है. निजी बीमा योजनाएं और रिटेल सेक्टर में बढ़ोतरी धीमी है, जबकि कॉर्पोरेट बीमा योजना का कवरेज बेहतर है. बीमा कंपनियों का फोकस अब डिजिटल क्लेम, वेलनेस और कस्टमर एक्सपीरियंस सुधार पर है. ऐसे में जानकारों की सलाह हैं कि वित्तीय सुरक्षा के लिए कम-से-कम दस लाख रुपये का बीमा कवरेज होना जरूरी है और परिवार की आयु तथा आवश्यकताओं के हिसाब से बीमा प्लान चुनना चाहिए.