ऊंची दुकान फीकी पकवान साबित हुए ये 13 शेयर! तोड़ा निवेशकों के अमीर बनने का सपना, 50 फीसदी तक गिरे
Nifty 50 में करीब एक-तिहाई हिस्सेदारी रखने वाले 13 शेयरों ने पिछले 5 साल में इंडेक्स के रिटर्न पर दबाव डाला. सितंबर 2021 से अगस्त 2026 के बीच इन शेयरों का सालाना रिटर्न निगेटिव रहा, जबकि Nifty 50 ने 7.1% का सालाना रिटर्न दिया. 360 One Wealth की रिपोर्ट के मुताबिक, इन 13 शेयरों को हटाने पर रिटर्न 11% होता.

शेयर बाजार के बेंचमार्क निफ्टी 50 ने पिछले 5 साल में 7.1% का सालाना रिटर्न दिया है. लेकिन इसी दौरान निफ्टी में करीब एक-तिहाई हिस्सेदारी रखने वाले 13 शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा. 360 वन वेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक, इन 13 शेयरों का निफ्टी में कुल भागीदारी 33.7% है.
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर इन 13 शेयरों को निफ्टी के प्रदर्शन से अलग कर दिया जाए, तो इसी अवधि में निफ्टी का सालाना रिटर्न 11% होता यानी निफ्टी में ज्यादा हिस्सेदरी रखने वाले इन शेयरों के कमजोर प्रदर्शन का पूरे इंडेक्स के रिटर्न पर बड़ा असर पड़ा.
निफ्टी के 13 कमजोर प्रदर्शन वाले शेयर
| शेयर | निफ्टी में भागीदारी | 5 साल का सालाना रिटर्न | मुख्य वजह |
|---|---|---|---|
| HDFC Bank | 9.9% | -4.22% | विलय के बाद NIM 3.26% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, FII हिस्सेदारी 4.1% |
| Reliance Industries | 8.0% | +3% | नए ऊर्जा कारोबार में भारी पूंजी खर्च, O2C मार्जिन में उतार-चढ़ाव |
| Infosys | 3.7% | -40% | AI के कारण बिल योग्य घंटे वाले मॉडल पर दबाव |
| Kotak Mahindra Bank | 2.8% | 2.50% | 2024 RBI डिजिटल प्रतिबंध का असर, नेतृत्व बदलाव |
| TCS | 2.2% | -45.50% | 5 साल का कमजोर प्रदर्शन, बड़े सौदों के अमल में धीमापन |
| Hindustan Unilever | 1.6% | -31.51% | मात्रा में 5% वृद्धि, पाम ऑयल और कच्चे तेल से जुड़ी लागत |
| HCL Technologies | 1.3% | -2.46% | समान क्षेत्र की कंपनियों से कमजोर प्रदर्शन |
| Asian Paints | 1.1% | -26% | बिड़ला ओपस की 10% हिस्सेदारी, JSW Dulux की एंट्री, कच्चे माल की लागत |
| Tech Mahindra | 0.9% | 5% | नए प्रबंधन के तहत सुधार की उम्मीद का असर पहले से कीमत में |
| Dr Reddy’s | 0.7% | 24.24% | Revlimid से जुड़े कारोबार में गिरावट, अमेरिकी जेनेरिक दवाओं की कीमतों में कमी |
| Tata Motors PV | 0.6% | -1.07% | अलग कारोबार बनने के बाद पीवी/जेएलआर से जुड़े जोखिम, शुल्क और मांग की चिंता |
| HDFC Life | 0.5% | -23.41% | IRDAI के नियम, कमीशन और खर्च की सीमा, कर बदलाव |
| Wipro | 0.5% | -50.81% | इंडेक्स में 5 साल का सबसे कमजोर पूर्ण रिटर्न, अन्य कंपनियों से विकास में पिछड़ना |
HDFC Bank, Reliance और Infosys का सबसे ज्यादा भागीदारी
इन 13 शेयरों में HDFC Bank, Reliance Industries, Infosys, Kotak Mahindra Bank और TCS का निफ्टी में सबसे ज्यादा वजन है. इन पांचों की कुल हिस्सेदारी करीब 27% है. इसलिए इन कंपनियों के शेयरों में कमजोर प्रदर्शन का असर निफ्टी के कुल रिटर्न पर भी दिखाई दिया.
HDFC Bank का निफ्टी में भागीदारी 9.9% है और 5 साल का सालाना रिटर्न -4.22% रहा. Reliance Industries की भागीदारी 8% और रिटर्न 3% रहा. वहीं Infosys की भागीदारी 3.7% है, लेकिन 5 साल का सालाना रिटर्न -40% रहा.
IT कंपनियों पर AI का दबाव
Infosys, TCS, HCL Technologies, Tech Mahindra और Wipro को मिलाकर निफ्टी में इनका भागीदारी 8.5% है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों पर AI के कारण बिल योग्य घंटे वाले कारोबार मॉडल पर दबाव पड़ा. इनमें TCS का 5 साल का सालाना रिटर्न -45.50% और Wipro का -50.81% रहा. Infosys ने -40% का सालाना रिटर्न दिया.
FMCG और पेंट कंपनियां भी दबाव में
Hindustan Unilever और Asian Paints का प्रदर्शन भी कमजोर रहा. Hindustan Unilever का 5 साल का सालाना रिटर्न -31.51%, जबकि Asian Paints का -26% रहा. रिपोर्ट में Hindustan Unilever के लिए पाम ऑयल और कच्चे तेल से जुड़ी लागत का दबाव बताया गया है. वहीं Asian Paints के मामले में बिड़ला ओपस की 10% हिस्सेदारी, JSW Dulux की एंट्री और कच्चे माल की लागत का असर बताया गया है.
इन शेयरों से दूरी ने एक्टिव फंडों को दिया फायदा
इन 13 शेयरों के कमजोर प्रदर्शन का असर एक्टिव म्यूचुअल फंडों पर उतना नहीं पड़ा, क्योंकि कई एक्टिव फंडों ने इन शेयरों में निफ्टी की तुलना में कम निवेश रखा था. रिपोर्ट में बताया गया है कि, इस अवधि में निफ्टी 50 इंडेक्स फंड का सालाना औसत रिटर्न 8.32%, बड़े शेयरों वाले फंड का 11.41%, फ्लेक्सी-कैप फंड का 12.23% और मल्टी-कैप फंड का 16.30% रहा. आम एक्टिव योजनाओं में इन 13 शेयरों की हिस्सेदारी 15 से 22% थी, जबकि निफ्टी 50 में इनकी हिस्सेदारी करीब 34% था.
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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.