एक का मुनाफा 468% बढ़ा, दूसरे को HAL से ऑर्डर; 214% तक रिटर्न देने वाले इन 2 डिफेंस स्टॉक पर रखें नजर
डिफेंस सेक्टर में बढ़ते अवसरों के बीच Omnitech Engineering और Millworks Technologies कारोबार का विस्तार कर रही हैं. Omnitech की ऑर्डर बुक 3,055 करोड़ रुपये से ज्यादा है और Q1FY27 में मुनाफा 468.7% बढ़ा. दूसरी ओर, Millworks Technologies को HAL से HAWK और MiG-29 विमानों के लिए असेंबली बनाने के ऑर्डर मिले.

भारत में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का दायरा धीरे-धीरे बढ़ रहा है. घरेलू स्तर पर रक्षा उपकरणों का उत्पादन बढ़ने से उन कंपनियों के लिए नए मौके बन रहे हैं, जो आधुनिक तकनीक से लैस सटीक कलपुर्जे और असेंबली तैयार करती हैं. विमान प्रणालियों, ड्रोन तकनीक और खास तरह के कलपुर्जों की मांग के बीच दो स्मॉलकैप कंपनियां इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही हैं. इनमें Omnitech Engineering और Millworks Technologies शामिल हैं.
Omnitech Engineering को भारत के रक्षा क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख संस्थाओं से ऑर्डर मिले हैं. वहीं, Millworks Technologies को Hindustan Aeronautics Limited (HAL) से HAWK और MiG-29 विमानों के लिए असेंबली बनाने के दो डेवलपमेंट परचेज ऑर्डर मिले हैं. दोनों कंपनियों का डिफेंस कारोबार अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन इनके मौजूदा कारोबार में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई है.
शेयरों के प्रदर्शन की बात करें तो Omnitech Engineering के शेयर ने पिछले एक साल में 214 फीसदी तक रिटर्न दिया है. वहीं, Millworks Technologies के शेयर ने पिछले छह महीने में 51 फीसदी तक रिटर्न दिया है. दोनों कंपनियों के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन और शेयरों की चाल पर एक नजर डालते हैं.
Omnitech Engineering
Omnitech Engineering का मार्केट कैप फिलहाल 7,860 करोड़ रुपये है. कंपनी हाई-प्रिसिजन इंजीनियर्ड कंपोनेंट्स और असेंबली बनाती है. इसकी खासियत 5 माइक्रोन यानी 0.005 मिलीमीटर तक की सटीकता के साथ मशीनिंग करना है. कंपनी CNC, VMC और TMC मशीनिंग के अलावा ग्राइंडिंग, गियर कटिंग, लैपिंग, लेजर कटिंग, क्लैडिंग, वेल्डिंग, फैब्रिकेशन और असेंबली जैसे काम करती है.
कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में Weatherford, Halliburton, SLB, Dover Corporation, Lufkin, Boart Longyear, Oshkosh AeroTech, CEJN और Donaldson शामिल हैं. कंपनी की सभी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के पास एविएशन, स्पेस और डिफेंस से जुड़े सर्टिफिकेशन हैं. अब कंपनी डिफेंस और एयरोस्पेस कारोबार में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है. इसकी रणनीति ज्यादा मार्जिन वाले औद्योगिक क्षेत्रों में कारोबार का विस्तार करने की है.
डिफेंस सेक्टर से मिले ऑर्डर
कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही यानी Q1FY27 में डिफेंस कारोबार से शुरुआती आय दर्ज की और ट्रायल ऑर्डर हासिल किए. इस कारोबार से हुई आय को ‘Others’ कैटेगरी में रखा गया, जिसकी कुल तिमाही आय में हिस्सेदारी 6.9 फीसदी थी. मैनेजमेंट को उम्मीद है कि अगले एक से तीन साल में डिफेंस कारोबार से होने वाली आय बढ़ेगी.
21 अक्टूबर 2026 को कंपनी को भारत के रक्षा क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख संस्थाओं से बिजनेस ऑर्डर मिले. इन ऑर्डर के तहत जमीन आधारित प्रणालियों और आधुनिक सब-सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले अहम कलपुर्जे और असेंबली तैयार करनी हैं.
पहली तिमाही में मुनाफा 468.7% बढ़ा
Omnitech Engineering ने Q1FY27 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया. कंपनी की आय सालाना आधार पर 61.5 फीसदी बढ़कर 166.6 करोड़ रुपये हो गई. EBITDA 90.8 फीसदी बढ़कर 50.6 करोड़ रुपये रहा. EBITDA मार्जिन Q1FY26 के 25.7 फीसदी से बढ़कर 30.4 फीसदी हो गया.
इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 468.7 फीसदी बढ़कर 29.7 करोड़ रुपये पहुंच गया. कंपनी की वर्किंग कैपिटल स्थिति में भी सुधार हुआ. नेट वर्किंग कैपिटल के दिन वित्त वर्ष 2026 के 294 दिनों से घटकर Q1FY27 में 233 दिन रह गए.
Omnitech Engineering का वित्तीय प्रदर्शन
| वित्तीय पैमाना | आंकड़ा |
|---|---|
| Q1FY27 में आय | ₹166.6 करोड़ |
| आय में सालाना बढ़त | 61.5% |
| EBITDA | ₹50.6 करोड़ |
| EBITDA में सालाना बढ़त | 90.8% |
| Q1FY27 में EBITDA मार्जिन | 30.4% |
| Q1FY26 में EBITDA मार्जिन | 25.7% |
| नेट प्रॉफिट | ₹29.7 करोड़ |
| नेट प्रॉफिट में सालाना बढ़त | 468.7% |
| वित्त वर्ष 2026 में नेट वर्किंग कैपिटल के दिन | 294 दिन |
| Q1FY27 में नेट वर्किंग कैपिटल के दिन | 233 दिन |
कंपनी के शेयर का हाल
Omnitech Engineering का शेयर 23 अक्टूबर को 7.24 फीसदी गिरकर 636 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का मार्केट कैप 7,860 करोड़ रुपये है. शेयर का 52 हफ्ते का हाई 769 रुपये और लो 176 रुपये है. इसका स्टॉक P/E 75.6, बुक वैल्यू 55 रुपये, ROCE 17.6 फीसदी और ROE 18 फीसदी है. कंपनी की फेस वैल्यू 5 रुपये और डिविडेंड यील्ड शून्य फीसदी है.
शेयर के रिटर्न की बात करें तो इसमें सिर्फ एक हफ्ते में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी रही. छह महीने में कंपनी के शेयर ने 56 फीसदी का रिटर्न दिया, जबकि एक साल में 214 फीसदी तक का रिटर्न दिया है.
Millworks Technologies
Millworks Technologies का मार्केट कैप फिलहाल 1,676 करोड़ रुपये है. कंपनी हाई-प्रिसिजन मशीनिंग वाले कलपुर्जे, शीट मेटल पार्ट्स और अहम औद्योगिक कामों के लिए असेंबली बनाती है. यह ‘बिल्ड-टू-प्रिंट’ और ‘बिल्ड-टू-स्पेसिफिकेशन’ मॉडल पर काम करती है. इसके तहत कंपनी तय डिजाइन के मुताबिक उत्पाद बनाती है या जरूरत के हिसाब से मैन्युफैक्चरिंग सेवाएं देती है.
कंपनी डिफेंस, एयरोस्पेस, ड्रोन, रेलवे, मेट्रो रेल और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में काम करती है. इसके कारोबार के लिए चार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं. डिफेंस क्षेत्र में कंपनी कलपुर्जे बनाने के साथ रणनीतिक कंपनियों में हिस्सेदारी के जरिए भी मौजूदगी रखती है.
HAWK और MiG-29 विमानों के लिए बनाएगी असेंबली
Millworks Technologies डिफेंस उपकरणों और ड्रोन में इस्तेमाल होने वाले मजबूत मशीनिंग पार्ट्स, शीट मेटल कंपोनेंट्स और सब-असेंबली बनाती है. कंपनी की Quick Pay Private Limited में हिस्सेदारी है. Quick Pay ने AASHVAST नाम का स्वदेशी फर्मवेयर सॉल्यूशन विकसित किया है, जिसका इस्तेमाल भारतीय सेना के इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाता है.
Millworks Technologies को Hindustan Aeronautics Limited से दो डेवलपमेंट परचेज ऑर्डर मिले हैं. ये ऑर्डर HAWK और MiG-29 विमानों के लिए असेंबली बनाने से जुड़े हैं. ये ऐसे कलपुर्जे हैं, जो विमान के सुरक्षित संचालन के लिए अहम हैं.
पहले ऑर्डर के तहत कंपनी को HAWK विमान के लिए ऑक्सीजन वाल्व असेंबली बनानी और सप्लाई करनी है. दूसरे ऑर्डर के तहत MiG-29 विमान के लिए सर्ज वॉर्निंग सेंसर असेंबली तैयार करनी है. कंपनी MiG-29 लड़ाकू विमान के RD-33 इंजन के लिए यह असेंबली विकसित कर रही है. इसका इस्तेमाल इंजन की निगरानी करने वाले सिस्टम में होगा.
इसके अलावा, Millworks ने TridenTech Engineering के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत दोनों कंपनियां मानवरहित हवाई वाहनों यानी UAVs में इस्तेमाल होने वाले इंटरनल कम्बशन इंजन को मिलकर विकसित और तैयार करेंगी.
एक साल में आय बढ़कर ₹148.8 करोड़ हुई
कंपनी ने अपनी प्रिसिजन इंजीनियरिंग क्षमता बढ़ाई है. इसके बाद वित्त वर्ष 2026 में उसकी आय करीब 6.8 गुना बढ़कर 148.8 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2025 में 22 करोड़ रुपये थी.
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 8 करोड़ रुपये से बढ़कर 52 करोड़ रुपये हो गया. इसी दौरान नेट प्रॉफिट 5 करोड़ रुपये से बढ़कर 37 करोड़ रुपये पहुंच गया. हालांकि, मुनाफे में विदेशी मुद्रा से हुए 4.4 करोड़ रुपये के लाभ का भी योगदान रहा. यह कंपनी के कुल मुनाफे का 11.9 फीसदी था.
कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो वित्त वर्ष 2026 में करीब 0.4 गुना से घटकर 0.2 गुना रह गया. यानी कंपनी के कर्ज और इक्विटी के अनुपात में कमी आई है.
कंपनी के शेयर का हाल
Millworks Technologies का शेयर 23 अक्टूबर को 5.07 फीसदी गिरकर 952 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का मार्केट कैप 1,676 करोड़ रुपये है. शेयर का 52 हफ्ते का हाई 1,306 रुपये और लो 629 रुपये है. इसका स्टॉक P/E 45.2, ROCE 81 फीसदी और ROE 70 फीसदी है. कंपनी की फेस वैल्यू 10 रुपये और डिविडेंड यील्ड शून्य फीसदी है.
शेयर के रिटर्न की बात करें तो इसने सिर्फ तीन महीने में 24 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. छह महीने में कंपनी के शेयर ने 51 फीसदी तक का रिटर्न दिया है.
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