डॉली खन्ना और रमेश दमानी का इन 2 शेयरों पर बड़ा दांव, मुनाफे में 4 से 7 गुना उछाल; फोकस में रखें स्टॉक
डॉली खन्ना ने Rain Industries में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 1.72 फीसदी की है, जबकि रमेश दमानी की Panama Petrochem में हिस्सेदारी 1.22 फीसदी पहुंच गई है. जून 2026 तिमाही में Rain Industries का मुनाफा करीब चार गुना और Panama Petrochem का मुनाफा 43 करोड़ रुपये से बढ़कर 309 करोड़ रुपये हुआ.

Dolly Khanna Stocks: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट और कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों की कीमतों में उथल-पुथल के बीच दिग्गज निवेशक डॉली खन्ना और रमेश दमानी ने दो कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. सितंबर 2026 की शेयरहोल्डिंग फाइलिंग के मुताबिक, डॉली खन्ना ने Rain Industries में 1.72% हिस्सेदारी रखी है. वहीं, रमेश दमानी की Panama Petrochem में हिस्सेदारी बढ़कर 1.22% हो गई है.
दोनों कंपनियां तेल रिफाइनरी और औद्योगिक प्रक्रियाओं से जुड़े प्रोडक्ट बनाती हैं. खास बात यह है कि दोनों ने जून 2026 तिमाही में मुनाफे में जोरदार बढ़त दर्ज की. हालांकि, इसी दौरान कुछ संस्थागत निवेशकों ने इन कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाई है. ऐसे में इन दोनों शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी और कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालना अहम है.
1. Rain Industries में डॉली खन्ना ने फिर बढ़ाई हिस्सेदारी
1974 में Tadpatri Cements Limited के नाम से शुरू हुई Rain Industries आज कैल्साइंड पेट्रोलियम कोक और कोल टार पिच बनाने वाली ग्लोबल कंपनियों में शामिल है. इन कार्बन उत्पादों का इस्तेमाल एल्युमीनियम बनाने में इस्तेमाल होने वाले एनोड में होता है. कंपनी का केमिकल कारोबार यूरोप में और सीमेंट कारोबार दक्षिण भारत में है. डॉली खन्ना ने पहली बार 2017 में इस शेयर में निवेश किया था. बाद में उनकी हिस्सेदारी 2 फीसदी से ऊपर पहुंची, लेकिन फिर उन्होंने इसे घटाया और उनका नाम शेयरहोल्डिंग फाइलिंग से बाहर हो गया. मार्च 2026 तिमाही में वह फिर कंपनी में लौटीं. उस समय उनके पास 35,35,895 शेयर यानी 1.05% हिस्सेदारी थी. उस समय शेयर करीब 126 रुपये पर कारोबार कर रहा था.
इसके बाद शेयर में तेजी आई. जून तिमाही की फाइलिंग में उनकी हिस्सेदारी 1% से नीचे आ गई और जुलाई के मध्य तक शेयर 200 रुपये के पार पहुंच गया. अब सितंबर 2026 तिमाही की फाइलिंग के मुताबिक, डॉली खन्ना के पास कंपनी की 1.72% हिस्सेदारी है.
जून तिमाही में मुनाफा करीब चार गुना
Rain Industries ने जून 2026 तिमाही में 5,167 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो एक साल पहले के मुकाबले 17.4% ज्यादा है. कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब चार गुना बढ़कर 341 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 83 करोड़ रुपये था. मार्च 2026 तिमाही में कंपनी ने 158 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था.
कंपनी के कार्बन कारोबार का रेवेन्यू 17.9% बढ़कर 4,021 करोड़ रुपये रहा. बेहतर कीमतों और ज्यादा बिक्री से इस कारोबार को मदद मिली. यूरोप में कंपनी के एडवांस्ड मटीरियल्स कारोबार का रेवेन्यू 26.3% बढ़कर 1,198 करोड़ रुपये हो गया.
पिछले पांच साल का प्रदर्शन
| कैलेंडर वर्ष | बिक्री (₹ करोड़) | EBITDA (₹ करोड़) | नेट प्रॉफिट (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|
| CY20 | 10,465 | 1,677 | 588 |
| CY21 | 14,527 | 2,360 | 694 |
| CY22 | 21,011 | 3,537 | 1,577 |
| CY23 | 18,141 | 933 | -796 |
| CY24 | 15,374 | 1,274 | -450 |
| CY25 | 16,946 | 2,137 | 136 |
आंकड़ों के मुताबिक, पांच साल में कंपनी की बिक्री की सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) 10% और EBITDA की 5% रही. 2023 और 2024 में कंपनी को घाटा हुआ था. 2025 में मुनाफा 136 करोड़ रुपये रहा. ऐसे में जून तिमाही का 341 करोड़ रुपये का मुनाफा कंपनी के लिए बड़ा बदलाव है.
शेयर में तेजी, वैल्यूएशन पर भी नजर
Rain Industries का शेयर दिसंबर 2025 में 100 रुपये के 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचा था. 9 अक्टूबर 2026 तक यह करीब 218 रुपये पर कारोबार कर रहा था, यानी निचले स्तर से 115% से ज्यादा की तेजी. हालांकि, यह 252 रुपये के 52 सप्ताह के उच्च स्तर से नीचे है.
मुनाफा कम होने के कारण मई में शेयर का ट्रेलिंग प्राइस-टू-अर्निंग (PE) रेशियो करीब 100 गुना था. मुनाफे में सुधार के बाद यह करीब 14 गुना हो गया है, जो मौजूदा इंडस्ट्री मीडियन के बराबर है. Rain का 10 साल का मीडियन PE 9 गुना है, जबकि इसी अवधि में इंडस्ट्री का मीडियन 13 गुना रहा है. यानी वैल्यूएशन में सुधार के बावजूद शेयर अपने लंबे समय के औसत से महंगा है.
2. Panama Petrochem में रमेश दमानी ने बढ़ाई हिस्सेदारी
1982 में शुरू हुई Panama Petrochem करीब 80 तरह के पेट्रोलियम स्पेशियलिटी प्रोडक्ट बनाती है. इनमें कॉस्मेटिक्स और दवाओं में इस्तेमाल होने वाले व्हाइट ऑयल और लिक्विड पैराफिन, बिजली क्षेत्र के लिए ट्रांसफॉर्मर ऑयल और प्रिंटिंग व टायर उद्योग में इस्तेमाल होने वाले इंक तथा रबर प्रोसेस ऑयल शामिल हैं. कंपनी की UAE में Panol Industries RMC FZE नाम की सहायक कंपनी भी है.
रमेश दमानी पहली बार 2022 के आखिर में कंपनी के शेयरधारकों की सूची में शामिल हुए थे. 2024 और 2025 के दौरान उनकी हिस्सेदारी 1% से 1.2% के बीच रही. इसके बाद उन्होंने फिर से हिस्सेदारी बढ़ानी शुरू की. BSE पर उपलब्ध फाइलिंग के मुताबिक, मार्च 2026 में उनकी हिस्सेदारी 1.12% थी, जो जून में 1.16% और सितंबर में बढ़कर 1.22% हो गई. मौजूदा कीमतों पर उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू करीब ₹40 करोड़ बताई गई है.
तीन महीने में ₹309 करोड़ का मुनाफा
जून 2026 तिमाही में Panama Petrochem का रेवेन्यू करीब 150% बढ़कर 1,735 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 693 करोड़ रुपये था. कंपनी का नेट प्रॉफिट 43 करोड़ रुपये से बढ़कर 309 करोड़ रुपये पहुंच गया.
तुलना के लिए, कंपनी ने पूरे FY26 में 213 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था. इसका ऑपरेटिंग मार्जिन एक साल पहले के करीब 8% से बढ़कर लगभग 22% हो गया. यह तिमाही पश्चिम एशिया में युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट के दौरान आई. इससे खाड़ी क्षेत्र से माल की आवाजाही प्रभावित हुई और पेट्रोलियम से जुड़े उत्पादों की कीमतें बढ़ीं. पुराने भाव पर खरीदा गया स्टॉक ऊंची कीमत पर बेचने से कंपनियों को फायदा हो सकता है.
पिछले पांच वित्त वर्षों का प्रदर्शन
| वित्त वर्ष | बिक्री (₹ करोड़) | EBITDA (₹ करोड़) | नेट प्रॉफिट (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|
| FY21 | 1,447 | 190 | 135 |
| FY22 | 2,132 | 296 | 230 |
| FY23 | 2,249 | 309 | 233 |
| FY24 | 2,357 | 254 | 195 |
| FY25 | 2,793 | 247 | 187 |
| FY26 | 3,064 | 276 | 213 |
पिछले पांच साल में कंपनी की बिक्री की CAGR 16% रही, जबकि EBITDA की वृद्धि दर 8% और मुनाफे की 10% रही. FY22 और FY23 में मार्जिन करीब 14% तक पहुंचा था, लेकिन FY26 में यह लगभग 9% रह गया. इससे पता चलता है कि कंपनी का कारोबार लंबे समय से स्थिर रहा है, लेकिन जून तिमाही का प्रदर्शन असाधारण था.
कागजों पर सस्ता, लेकिन मुनाफा कितना टिकेगा?
Panama Petrochem का शेयर पिछले एक साल में 229 रुपये के 52 सप्ताह के निचले स्तर तक गया था. 12 अगस्त 2026 को नतीजे आने वाले दिन इसने 599.60 रुपये का 52 सप्ताह का उच्च स्तर छुआ. 9 अक्टूबर 2026 तक शेयर करीब 498 रुपये पर था.
जून तिमाही के मुनाफे को शामिल करने के बाद शेयर का ट्रेलिंग PE 7 गुना से थोड़ा कम है, जबकि मौजूदा इंडस्ट्री मीडियन 10 गुना है. कंपनी का 10 साल का मीडियन PE 11 गुना और इसी अवधि में इंडस्ट्री का मीडियन 14 गुना रहा है. हालांकि, सिर्फ FY26 की कमाई के आधार पर PE करीब 15 गुना है. इसलिए शेयर का वैल्यूएशन इस बात पर निर्भर करेगा कि हालिया तिमाही का अतिरिक्त मुनाफा कितना बरकरार रहता है.
रमेश दमानी के अलावा Allstars Investments ने भी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. दिसंबर 2025 में इसकी हिस्सेदारी 1.14% थी, जो सितंबर 2026 में बढ़कर 3.19% हो गई. दूसरी ओर, Abridge Investments की हिस्सेदारी 3.20% से घटकर 1.53% रह गई. प्रमोटरों की हिस्सेदारी 63.16% पर स्थिर रही.
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