शेयर बाजार में FII की बड़ी बिकवाली, एक दिन में निकाले 10148 करोड़ रुपये; DII ने संभाला मोर्चा
सितंबर 2026 के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में FIIs की बिकवाली तेज रही. 30 सितंबर को FIIs ने 10,148.41 करोड़ रुपये की नेट बिकवाली की, जो करीब छह महीने में सबसे बड़ी एक-दिवसीय निकासी रही. इसके मुकाबले DIIs ने 11,271.73 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी कर बाजार को सपोर्ट दिया. सितंबर में FIIs की कुल नेट बिकवाली करीब 44,013 करोड़ रुपये पहुंच गई है.

FIIs selling: भारतीय शेयर बाजार में सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन Foreign Institutional Investors यानी FIIs की बिकवाली अचानक तेज हो गई. 30 सितंबर को FIIs ने भारतीय इक्विटी में 10,148.41 करोड़ रुपये की नेट बिकवाली की. यह करीब छह महीने में विदेशी निवेशकों की सबसे बड़ी एक-दिवसीय निकासी रही. इससे पहले 29 सितंबर को FIIs ने 9,980.22 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी. दूसरी तरफ, Domestic Institutional Investors यानी DIIs ने विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच बाजार को सपोर्ट दिया है. NSE के FII/FPI और DII कैश-मार्केट डेटा के मुताबिक, 30 सितंबर को DIIs ने 11,271.73 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की है.
FIIs ने 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे
30 सितंबर के कारोबारी सेशन में FIIs ने 14,967.82 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि 25,116.23 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. इस तरह उनकी नेट बिकवाली 10,148.41 करोड़ रुपये रही. FIIs की यह बिकवाली 23 मार्च के बाद सबसे बड़ी एक-दिवसीय निकासी रही. 23 मार्च को विदेशी निवेशकों ने करीब 10,414 करोड़ रुपये की नेट बिकवाली की थी.
सितंबर के आखिरी कारोबारी दिनों में FIIs की बिकवाली लगातार बढ़ती गई. 25 सितंबर को FIIs ने 3,693.93 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी. इसके बाद 28 सितंबर को यह आंकड़ा 5,353.22 करोड़ रुपये, 29 सितंबर को 9,980.22 करोड़ रुपये और 30 सितंबर को 10,148.41 करोड़ रुपये पहुंच गया.
सितंबर में 44,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली
30 सितंबर की बिकवाली के बाद सितंबर में FIIs की कुल नेट बिकवाली करीब 44,013 करोड़ रुपये पहुंच गई है. इस महीने FIIs ने 21 में से 16 कारोबारी सेशन में नेट बिकवाली की है. सिर्फ 5 सेशन में विदेशी निवेशक नेट खरीदार रहे. इसके मुकाबले DIIs ने सितंबर के सभी 21 कारोबारी सेशन में नेट खरीदारी की है. महीने के दौरान DIIs की कुल खरीदारी करीब 76,030 करोड़ रुपये रही.
इसका मतलब है कि सितंबर में DIIs की खरीदारी FIIs की बिकवाली के मुकाबले काफी ज्यादा रही. FIIs की करीब 44,013 करोड़ रुपये की बिकवाली के मुकाबले DIIs ने लगभग 76,030 करोड़ रुपये की खरीदारी की. इसके चलते सितंबर में FII और DII का संयुक्त नेट फ्लो करीब 32,017 करोड़ रुपये पॉजिटिव रहा.
2026 में FIIs की बिकवाली 4 लाख करोड़ रुपये के पार
पूरे 2026 की बात करें तो FIIs की नेट बिकवाली करीब 4,03,067 करोड़ रुपये पहुंच गई है. इसके विपरीत, इसी अवधि में DIIs ने करीब 6,39,535 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की है. इन आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को बड़ा सपोर्ट दिया है. हालांकि, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाल सकती है और बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है.
क्यों बढ़ी FIIs की बिकवाली
रिपोर्ट के मुताबिक, ऊंची क्रूड ऑयल कीमतें, बढ़ती US बॉन्ड यील्ड और भारतीय शेयर बाजार में जारी कमजोरी विदेशी निवेशकों के लिए प्रमुख चिंता बनी हुई हैं. क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों का असर भारत के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा इंपोर्ट के जरिए पूरा करता है. ऊंची क्रूड ऑयल कीमतें इंपोर्ट बिल और इंफ्लेशन पर दबाव बढ़ा सकती हैं.
इसका असर कंपनियों के मार्जिन पर भी पड़ सकता है. वहीं, US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से अमेरिकी एसेट्स की रिलेटिव अट्रैक्टिवनेस बढ़ सकती है. ऐसे माहौल में इमर्जिंग मार्केट्स से फॉरेन कैपिटल के आउटफ्लो पर दबाव बढ़ सकता है.
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