मैरीटाइम सेक्टर में 80 लाख करोड़ रुपये का दांव, इस स्टॉक की बदल सकती है किस्मत; रखें नजर

भारत के मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 के तहत समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर में करीब 80 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना है. इसका फायदा ड्रेजिंग और शिपबिल्डिंग से जुड़ी कंपनियों को मिल सकता है. Knowledge Marine and Engineering Works इसी थीम पर तेजी से अपना कारोबार बदल रही है. कंपनी के पास करीब 1400 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है और ग्रीन टग जैसे लंबे कॉन्ट्रैक्ट मौजूद हैं.

Knowledge Marine and Engineering Works इसी थीम पर तेजी से अपना कारोबार बदल रही है. Image Credit: Money9 Live

भारत के समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में आने वाले वर्षों में बड़े निवेश की तैयारी है. मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 के तहत देश में पोर्ट, शिपिंग, इनलैंड वाटरवेज और शिपबिल्डिंग को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है. सरकार के इस विजन के तहत करीब 80 लाख करोड़ रुपये के निवेश का रोडमैप तैयार किया गया है. इसका फायदा केवल बड़ी पोर्ट और शिपिंग कंपनियों को ही नहीं, बल्कि समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी छोटी कंपनियों को भी मिल सकता है. Knowledge Marine and Engineering Works यानी KMEW इसी थीम पर नजर आने वाला एक स्मॉलकैप स्टॉक है. कंपनी अब सिर्फ ड्रेजिंग तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि शिपबिल्डिंग और मरीन एसेट्स के क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है.

मैरीटाइम विजन से खुल रहा बड़ा अवसर

मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 का लक्ष्य भारत को दुनिया की प्रमुख समुद्री अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है. इसके तहत बड़े पोर्ट का विकास, पोर्ट आधुनिकीकरण, ग्रीन शिपिंग, इनलैंड वाटरवेज और घरेलू शिपबिल्डिंग पर फोकस किया जा रहा है. सरकार के विजन में करीब 80 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना बताई गई है. इससे ड्रेजिंग, टगबोट, मरीन वेसल्स और शिपबिल्डिंग से जुड़ी कंपनियों के लिए लंबे समय तक कारोबार के अवसर बन सकते हैं. KMEW की मौजूदा रणनीति भी इन्हीं क्षेत्रों के विस्तार से जुड़ी हुई है.

ड्रेजिंग से आगे बढ़ रही KMEW

KMEW का मुख्य कारोबार ड्रेजिंग और मरीन क्राफ्ट्स से जुड़ा रहा है. कंपनी समुद्री रास्तों और पोर्ट की गहराई बनाए रखने के लिए ड्रेजिंग सर्विसेज देती है. अब कंपनी अपने कारोबार को अगले स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रही है. इसके तहत कंपनी मरीन वेसल्स बनाने और उन्हें खुद ऑपरेट करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. कंपनी ने शिपबिल्डिंग के लिए अपनी क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है. इससे भविष्य में कंपनी को एक ही मरीन एसेट से मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेशंस दोनों स्तर पर कमाई का मौका मिल सकता है.

1400 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक

कंपनी के लिए ऑर्डर बुक भी महत्वपूर्ण ग्रोथ ड्राइवर है. वित्त वर्ष 2026 के अंत में KMEW का ऑर्डर बुक करीब 1400 करोड़ रुपये था. कंपनी ने वित्त वर्ष के दौरान करीब 1075 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर हासिल किए थे. खास बात यह है कि ऑर्डर बुक में लंबे समय वाले कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल हैं. ग्रीन टग से जुड़े कुछ कॉन्ट्रैक्ट की अवधि 15 साल तक है. इससे कंपनी को आने वाले वर्षों में रेवेन्यू विजिबिलिटी मिल सकती है.

ग्रीन टग से मिल सकता है बड़ा फायदा

भारत में पोर्ट को ग्रीन और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी जोर बढ़ रहा है. ग्रीन टग ट्रांजिशन प्रोग्राम के तहत पुराने टग को धीरे धीरे ग्रीन टग से बदलने की योजना है. KMEW ने इस क्षेत्र में भी कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए हैं. कंपनी की निवेशक प्रस्तुति के मुताबिक उसके ग्रीन टग कॉन्ट्रैक्ट की अवधि 15 साल तक है. ऐसे कॉन्ट्रैक्ट कंपनी को लंबे समय तक रिकरिंग रेवेन्यू देने में मदद कर सकते हैं. ग्रीन शिपिंग पर बढ़ता सरकारी फोकस KMEW के लिए एक अतिरिक्त ग्रोथ अवसर बन सकता है.

नया शिपयार्ड बदल सकता है कारोबार

KMEW की सबसे बड़ी रणनीतिक पहल में से एक शिपबिल्डिंग क्षमता तैयार करना है. कंपनी सफाले में शिपयार्ड विकसित कर रही है. इसका उद्देश्य अलग अलग आकार के मरीन वेसल्स बनाने की क्षमता तैयार करना है. इससे कंपनी केवल दूसरे शिपबिल्डर्स से वेसल खरीदने वाली कंपनी नहीं रहेगी. अगर यह योजना सफल रहती है तो KMEW वेसल बनाने, उसे अपने फ्लीट में शामिल करने और उससे कॉन्ट्रैक्ट रेवेन्यू हासिल करने जैसे कई स्तरों पर कमाई कर सकती है.

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वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत

वित्त वर्ष 2026 में KMEW का रेवेन्यू करीब 256 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के करीब 201 करोड़ रुपये से अधिक था. कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट करीब 97 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट करीब 79 करोड़ रुपये रहा. कंपनी के ड्रेजिंग बिजनेस में मजबूत मार्जिन भी इसकी खासियत है. हालांकि आगे की ग्रोथ के लिए कंपनी को बड़े स्तर पर कैपिटल एक्सपेंडिचर करना होगा. इससे आने वाले समय में डेट, वर्किंग कैपिटल और कैश फ्लो पर नजर रखना जरूरी होगा.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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