MCX vs NSE vs BSE: Q2 नतीजों के बाद किस एक्सचेंज शेयर में करें निवेश, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

MCX, NSE और BSE ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अच्छे नतीजे पेश किए हैं. मुनाफे की ग्रोथ के मामले में MCX सबसे आगे रहा, जबकि NSE ने अपने बड़े कारोबार और मजबूत कमाई से निवेशकों का ध्यान खींचा. ऐसे में सवाल है कि लंबी अवधि और शॉर्ट टर्म के निवेशकों के लिए कौन सा शेयर बेहतर है? जानिए एक्सपर्ट की राय, तीनों शेयरों के संभावित टारगेट, सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल.

MCX, NSE और BSE ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अच्छे नतीजे पेश किए हैं. Image Credit: money9live

शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों की नजर इन दिनों एक्सचेंज कंपनियों के शेयरों पर है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. तीनों कंपनियों के नतीजे अच्छे रहे हैं, लेकिन मुनाफे की ग्रोथ के मामले में MCX सबसे आगे रहा. वहीं, NSE अपने बड़े कारोबार और मजबूत कमाई के चलते लंबी अवधि के निवेशकों की पसंद बन सकता है. ऐसे में सवाल है कि इन तीनों शेयरों में से किसमें निवेश करना बेहतर रहेगा? आइए समझते हैं एक्सपर्ट की राय, शेयरों के टारगेट और जरूरी सपोर्ट लेवल.

MCX के नतीजों में सबसे ज्यादा दम

MCX के दूसरी तिमाही के नतीजों पर जानकारों ने कहा कि कंपनी के रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसकी मुख्य वजह कमोडिटी डेरिवेटिव सेगमेंट में बढ़ी बिजनेस एक्टिविटी हैं. कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 130 फीसदी बढ़ा है, जबकि रेवेन्यू में 110 फीसदी से ज्यादा की ग्रोथ रही है. SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव के मुताबिक, MCX का कमोडिटी डेरिवेटिव कारोबार में मजबूत दबदबा है. सोना, चांदी, कच्चे तेल और नेचुरल गैस जैसी कमोडिटी में कारोबार बढ़ने से कंपनी को फायदा मिला है. उनका कहना है कि ज्यादा रिस्क लेने वाले निवेशक MCX को प्राथमिकता दे सकते हैं.

NSE और BSE में किसका पलड़ा भारी?

NSE ने दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर करीब 23 फीसदी की बढ़त के साथ 2578 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया. कंपनी का रेवेन्यू 10.6 फीसदी बढ़कर 4066.8 करोड़ रुपये रहा.

जानकारों के मुताबिक, लंबी अवधि के निवेशकों को NSE को प्राथमिकता देनी चाहिए. उनके अनुसार, NSE का कारोबार बड़ा है और इक्विटी तथा डेरिवेटिव सेगमेंट में उसकी मजबूत स्थिति है. कंपनी का तिमाही मुनाफा और रेवेन्यू भी उसके बड़े बिजनेस साइज को दिखाता है.

वहीं, BSE ने भी दूसरी तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 62 फीसदी और रेवेन्यू करीब 64 फीसदी बढ़ा. हालांकि, एक्सपर्ट का मानना है कि NSE और BSE एक ही कारोबार में हैं और फ्यूचर्स तथा डेरिवेटिव सेगमेंट में NSE की बड़ी हिस्सेदारी है. इसलिए लंबी अवधि के पोर्टफोलियो में BSE के बजाय NSE को जगह देना बेहतर हो सकता है.

MCX, NSE और BSE के शेयरों पर क्या है टारगेट?

चॉइस ब्रोकिंग के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुमीत बगड़िया ने तीनों शेयरों के टेक्निकल लेवल बताए हैं.

शेयरअहम सपोर्टरेजिस्टेंससंभावित टारगेट
MCX₹3,180₹3,530₹3,650
NSE₹1,775₹1,900₹2,000
BSE₹3,500…….₹4,000

बगड़िया के मुताबिक, MCX के शेयर में 3180 रुपये पर मजबूत सपोर्ट है. वहीं, 3530 रुपये के ऊपर निकलने पर शेयर 3650 रुपये तक पहुंच सकता है. NSE के शेयर के लिए 1775 रुपये का स्तर अहम सपोर्ट है. ऊपर की तरफ 1900 रुपये पर रेजिस्टेंस है. इस स्तर के पार निकलने पर शेयर 2000 रुपये तक जा सकता है.

निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?

एक्सपर्ट्स की राय के मुताबिक, ज्यादा रिस्क लेने वाले निवेशक MCX पर नजर रख सकते हैं, क्योंकि कंपनी ने मुनाफे में सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की है. वहीं, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए NSE को बेहतर विकल्प बताया गया है. BSE ने भी मजबूत ग्रोथ दिखाई है, लेकिन एक्सपर्ट की राय में NSE का बड़ा कारोबार और डेरिवेटिव सेगमेंट में मजबूत स्थिति उसे बढ़त देती है.

ध्यान रहे कि बताए गए सपोर्ट, रेजिस्टेंस और टारगेट टेक्निकल स्तर हैं. इन्हें स्टॉप लॉस या निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं समझना चाहिए. निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है.

डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है.