TV9 NETWORK
User
Sign In

By signing in or creating an account, you agree with Associated Broadcasting Company's Terms & Conditions and Privacy Policy.

धनतेरस पर सोने की इन चीजों पर नहीं लगेगी हॉलमार्किंग फीस, खरीदारी से पहले जान लें नियम

धनतेरस और दिवाली पर सोने की खरीदारी करने वालों के लिए जरूरी खबर है. भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने की हॉलमार्किंग फीस 45 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये प्रति आर्टिकल कर दी है. हालांकि, 2 ग्राम से कम वजन के गहने, कुंदन-पोल्की ज्वेलरी, सोने की घड़ियां और सिक्कों समेत कई चीजों को अनिवार्य हॉलमार्किंग से छूट मिली है.

सोने की हॉलमार्किंग फीस

Highlights

  • सोने की हॉलमार्किंग फीस बढ़कर 75 रुपये प्रति आर्टिकल हो गई
  • दो ग्राम से कम वजन वाले गहनों को हॉलमार्किंग से छूट
  • कुंदन-पोल्की ज्वेलरी और सोने के सिक्कों पर भी छूट लागू

धनतेरस और दिवाली पर सोने के गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है. भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने की हॉलमार्किंग फीस बढ़ाकर 75 रुपये प्रति आर्टिकल कर दी है. पहले यह शुल्क 45 रुपये था. हालांकि, सोने की कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिन पर हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं है. यानी इनकी खरीदारी पर 75 रुपये की हॉलमार्किंग फीस नहीं देनी होगी.

सोने की हॉलमार्किंग फीस में 67% की बढ़ोतरी

BIS ने सितंबर 2026 में सोने और चांदी की हॉलमार्किंग फीस में बदलाव किया था. नए नियम 14 सितंबर 2026 से लागू हो चुके हैं. इसके तहत सोने के प्रत्येक आर्टिकल की हॉलमार्किंग फीस 45 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये कर दी गई है.

इसका मतलब है कि अब ज्वेलर्स को हर सोने के आर्टिकल पर 75 रुपये हॉलमार्किंग सेंटर को देने होंगे. एक खेप (कंसाइनमेंट) पर कम से कम 200 रुपये का शुल्क भी लागू है. चांदी की हॉलमार्किंग फीस 35 रुपये प्रति आर्टिकल रखी गई है.

सोने की इन चीजों पर नहीं लगेगी हॉलमार्किंग फीस

BIS के नियमों के मुताबिक, सोने की कुछ खास वस्तुओं को अनिवार्य हॉलमार्किंग से छूट दी गई है. इनमें शामिल हैं:

  1. 2 ग्राम से कम वजन के सोने के आर्टिकल: इन पर अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू नहीं है.
  2. कुंदन, पोल्की और जड़ाऊ ज्वेलरी: इन पारंपरिक गहनों को भी छूट मिली है.
  3. सोने की घड़ी और फाउंटेन पेन: इन पर अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू नहीं होती.
  4. सोने के सिक्के और बुलियन: बार, प्लेट, शीट, रॉड, वायर और सिक्के इस छूट में शामिल हैं.
  5. निर्यात के लिए तैयार गहने: विदेशी खरीदार की तय शर्तों के मुताबिक बने आभूषणों को छूट है.
  6. मेडिकल और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल की चीजें: वैज्ञानिक, दंत चिकित्सा और औद्योगिक उपयोग वाले सोने के आर्टिकल भी शामिल हैं.

झुमके और नेकलेस खरीदते समय रखें खास ध्यान

सोने के कई गहने ऐसे होते हैं जिनमें दो या उससे ज्यादा हिस्से जुड़े होते हैं. जैसे झुमके, नेकलेस और दूसरे डिजाइन वाले आभूषण. BIS के नियमों के मुताबिक, ऐसे गहनों के हर अलग हिस्से और जोड़ी के प्रत्येक आर्टिकल पर अलग-अलग HUID होना चाहिए.

अगर किसी झुमके का स्क्रू सोने का है और उसका वजन 2 ग्राम से कम है तो उस पर अनिवार्य हॉलमार्किंग की जरूरत नहीं होगी. हालांकि, मुख्य झुमने पर नियम के मुताबिक हॉलमार्क होना चाहिए.

सोने की ज्वेलरी खरीदते समय क्या करें?

धनतेरस पर सोने के गहने खरीदते समय केवल कीमत ही नहीं, बल्कि उनकी शुद्धता भी जरूर जांचें. हॉलमार्क वाले गहनों पर BIS का लोगो, सोने की शुद्धता और छह अंकों का HUID नंबर होता है.

खरीदारी के समय दुकानदार से बिल जरूर लें और उसमें सोने का वजन, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और हॉलमार्किंग फीस की जानकारी जांचें. इससे बाद में किसी तरह की परेशानी से बच सकते हैं.

यह भी पढ़ें- Gold ETF: 1 साल में मिला 12% से ज्यादा रिटर्न, क्या इस दिवाली गोल्ड ETF में निवेश करना रहेगा फायदेमंद?