अभी और कितना गिरेगा बाजार? Nifty 50 के ये लेवल टूटे तो बढ़ सकती है मुश्किल!

लगातार गिरावट के बाद बाजार के ओवरसोल्ड जोन में पहुंचने से वैल्यू आधारित खरीदारी को भी सहारा मिला. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि Nifty 50 यहां से संभलेगा या एक और गिरावट देखने को मिलेगी. शुक्रवार को Nifty 50 ने अपने इंट्राडे लो से 0.72% की रिकवरी की, लेकिन इसके बावजूद इंडेक्स 0.34% यानी 80 अंक गिरकर 23398 पर बंद हुआ.

अभी कितना गिरेगा मार्केट Image Credit: Money9 Live

Nifty Support Level: भारतीय शेयर बाजार में हालिया गिरावट के बाद शुक्रवार, 11 सितंबर को शुरुआती कमजोरी से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए. वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से बाजार पर दबाव कुछ कम हुआ और निचले स्तरों पर खरीदारी भी देखने को मिली. लगातार गिरावट के बाद बाजार के ओवरसोल्ड जोन में पहुंचने से वैल्यू आधारित खरीदारी को भी सहारा मिला. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि Nifty 50 यहां से संभलेगा या एक और गिरावट देखने को मिलेगी.

शुक्रवार को Nifty 50 ने अपने इंट्राडे लो से 0.72% की रिकवरी की, लेकिन इसके बावजूद इंडेक्स 0.34% यानी 80 अंक गिरकर 23398 पर बंद हुआ. सेंसेक्स ने भी शुरुआती नुकसान का बड़ा हिस्सा कम किया और आखिरी में 0.16% यानी 148 अंक की गिरावट के साथ 74754 पर बंद हुआ.

क्या रही वजह?

बाजार की धारणा में सुधार की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही. Brent crude, जो वैश्विक तेल बाजार का प्रमुख बेंचमार्क है, 2.3% गिरकर 105.14 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. इससे पहले Brent crude 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया था. वहीं, अमेरिकी WTI crude 2% गिरकर 100.46 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. गौर करने वाली बात है कि युद्ध शुरू होने से पहले फरवरी के अंत में Brent crude करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. यानी मौजूदा कीमतें अभी भी उस स्तर से काफी ऊपर हैं.

Nifty 50 के ये लेवल बेहद अहम

मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, Nifty 50 फिलहाल अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है और मोमेंटम इंडिकेटर्स भी कमजोरी का संकेत दे रहे हैं. ऐसे में 23200-23250 का जोन इंडेक्स के लिए तत्काल और महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है. यह हाल का स्विंग-लो जोन भी है.

अगर Nifty 50 इस सपोर्ट को निर्णायक रूप से तोड़ देता है, तो अगला सपोर्ट 23000-22900 के आसपास हो सकता है. इसके बाद 22400 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है.

ऊपर की तरफ 23,500 तत्काल रेजिस्टेंस है. यह वह स्तर है जहां पहले इंडेक्स को सपोर्ट मिला था, इसलिए अब यहां बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है. इसके ऊपर 24,000-24,100 का जोन बड़ा रेजिस्टेंस है. यह कई प्रमुख मूविंग एवरेज का क्लस्टर है. अगर Nifty 50 लगातार 24100 के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो टेक्निकल स्ट्रक्चर में सुधार हो सकता है और इंडेक्स 24,300-24,350 की तरफ बढ़ सकता है.

RSI करीब 25, बिकवाली का दबाव बरकरार

Nifty 50 के मोमेंटम इंडिकेटर्स भी फिलहाल बाजार में कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं. RSI करीब 25 पर है, जबकि DMI में मंदी का दबदबा बना हुआ है. ऐसे में फिलहाल बाजार में आक्रामक खरीदारी के बजाय सतर्क रणनीति अपनाया जा सकता है.

जब तक Nifty 50 महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन से मजबूती नहीं दिखाता, तब तक गिरावट में जल्दबाजी से खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है. वहीं, 23200 के आसपास का सपोर्ट टूटने पर बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है.

23,000-23,070 भी अहम सपोर्ट

मौजूदा स्तरों पर 23000-23070 का जोन भी Nifty 50 के लिए अहम माना जा रहा है. यह पिछले हायर-लो स्ट्रक्चर के साथ जुड़ा हुआ है. अगर इंडेक्स इस जोन को बचाने में सफल रहता है, तो यहां से टेक्निकल रिकवरी देखने को मिल सकती है.

लेकिन अगर Nifty इस सपोर्ट को निर्णायक रूप से तोड़ देता है, तो करेक्शन आगे बढ़ सकता है. ऐसे में नई खरीदारी के लिए बाजार में बेस बनने और Nifty के प्रमुख टेक्निकल लेवल वापस हासिल करने का इंतजार करना बेहतर रणनीति हो सकती है.

अब Nifty की अगली चाल कैसे तय होगी?

कुल मिलाकर Nifty 50 अभी भी कमजोर टेक्निकल स्ट्रक्चर में है. 23200-23250 और 23000-23070 के सपोर्ट जोन आने वाले सत्रों में बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे. इनके नीचे जाने पर 22900 और फिर 22400 की तरफ दबाव बढ़ सकता है.

वहीं, तेजी की स्थिति में सबसे पहले 23500 के ऊपर मजबूती जरूरी होगी. इसके बाद 24000-24100 का जोन पार करना बाजार में भरोसा लौटने का संकेत हो सकता है. अगर Nifty 50 24100 के ऊपर टिकता है, तो 24300-24350 की तरफ बढ़ने की गुंजाइश बन सकती है.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.