ONGC शेयर में आया बड़ा उछाल, ब्रेंट क्रूड 101 डॉलर के पार; US-Iran तनाव से मिला सपोर्ट
ONGC के शेयरों में 10 सितंबर को शुरुआती कारोबार में 2.6% तक की तेजी देखने को मिली और शेयर 239.85 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया. कमजोर मार्केट के बावजूद ONGC में खरीदारी देखने को मिली. क्रूड ऑयल प्राइसेज में तेजी और Brent क्रूड के 101 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से शेयर को सपोर्ट मिला.

ONGC के शेयरों में गुरुवार, 10 सितंबर को शुरुआती कारोबार में 2% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली. कमजोर मार्केट के बीच भी शेयर में खरीदारी जारी रही. BSE पर ONGC का शेयर पिछले बंद भाव 233.80 रुपये के मुकाबले 236.30 रुपये पर खुला और शुरुआती कारोबार में 2.6% बढ़कर 239.85 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया. दूसरी ओर, मार्केट बेंचमार्क Sensex शुरुआती कारोबार में 60 से ज्यादा पॉइंट नीचे कारोबार कर रहा था.
क्रूड ऑयल में तेजी का मिला सहारा
ONGC के शेयर में यह तेजी क्रूड ऑयल प्राइसेज में आए जोरदार उछाल के बीच देखने को मिली. US और Iran के बीच बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई है. Brent क्रूड 101 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच डील की उम्मीद कमजोर पड़ने और दोनों पक्षों के बीच ताजा संघर्ष के कारण ऑयल मार्केट में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है.
तेजी मानी जाती है पॉजिटिव
ONGC के शेयर में तेजी की सबसे बड़ी वजह क्रूड ऑयल प्राइसेज में आया उछाल मानी जा रही है. ONGC एक प्रमुख अपस्ट्रीम ऑयल और गैस प्रोड्यूसर है. कंपनी क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस का प्रोडक्शन करती है. अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आमतौर पर पॉजिटिव मानी जाती है. ONGC अपने प्रोडक्शन से निकलने वाले क्रूड ऑयल को बेचती है.
ऐसे में अगर प्रोडक्शन वॉल्यूम स्थिर रहता है और क्रूड की सेलिंग प्राइस बढ़ती है, तो कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी पर पॉजिटिव असर पड़ सकता है. यही वजह है कि इंटरनेशनल क्रूड ऑयल मार्केट में अचानक आई तेजी का असर ONGC के शेयर पर भी देखने को मिला है. हालांकि, क्रूड की कीमतों में तेजी कितने समय तक बनी रहती है और इसका कंपनी की वास्तविक अर्निंग्स पर कितना असर पड़ता है, यह आगे देखने वाली बात होगी.
सितंबर में अब तक करीब 3% चढ़ा शेयर
ONGC के शेयरों में सितंबर महीने में अब तक अच्छी खरीदारी देखने को मिली है. शेयर इस महीने अब तक करीब 3% चढ़ चुका है. हालांकि, इससे पहले अगस्त में इसमें करीब 4% की गिरावट आई थी. साल 2026 की शुरुआत से देखें तो ONGC का शेयर लगभग फ्लैट रहा है.
इसके मुकाबले इसी अवधि में Sensex करीब 12% नीचे है. यानी हालिया प्रदर्शन के आधार पर ONGC ने बेंचमार्क इंडेक्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है. ONGC के शेयर ने 30 जून को 227.60 रुपये का 52-वीक लो बनाया था. वहीं, 29 अप्रैल को शेयर 307.50 रुपये के 52-वीक हाई पर पहुंचा था. मौजूदा स्तर पर शेयर अपने 52-वीक हाई से काफी नीचे कारोबार कर रहा है.
निवेशकों को क्या करना चाहिए
ONGC के शेयरों में मौजूदा तेजी को समझने के लिए निवेशकों को केवल एक दिन की कीमत में आए उछाल पर ध्यान देने के बजाय क्रूड ऑयल प्राइसेज, कंपनी के प्रोडक्शन वॉल्यूम और आने वाली तिमाहियों की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर नजर रखनी चाहिए.
क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार तेजी ONGC के लिए पॉजिटिव ट्रिगर हो सकती है, क्योंकि कंपनी का बिजनेस अपस्ट्रीम ऑयल और गैस प्रोडक्शन से जुड़ा है. हालांकि, इंटरनेशनल क्रूड मार्केट में जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है.
यह भी पढ़ें: Hero Motors IPO का प्राइस बैंड हुआ तय, 16 सितंबर से मिलेगा दांव लगाने का मौका; 1000 करोड़ रुपये जुटाएगी कंपनी
डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.