होर्मुज संकट के बीच भारतीय तेल कंपनियां कमा सकती हैं बंपर मुनाफा, IOC, BPCL और HPCL को होगा इतना प्रॉफिट!

ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है और इस दौरान पूरी दुनिया में तेल की इकोनॉमी में उथल-पुथल नजर आई है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है और इस दौरान पूरी दुनिया में तेल की इकोनॉमी में उथल-पुथल नजर आई है.

भारतीय तेल कंपनियां. Image Credit: canva/AI image

Highlights

  • मार्केटिंग मार्जिन में तेज सुधार से टर्नअराउंड की उम्मीद.
  • अप्रैल-जून में उन्हें 18,150 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.
  • क्रूड बेंचमार्क, ब्रेंट की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की सप्लाई पर दबाव डाला है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है और इस दौरान पूरी दुनिया में तेल की इकोनॉमी में उथल-पुथल नजर आई है. वित्त वर्ष 2026-27 की जून की तिमाही में भारतीय तेल कंपनियों को नुकसान हुआ था. लेकिन दूसरी तिमाही में यह आंकड़ा पलटने वाला है.

एक ब्रोकरेज की रिपोर्ट के अनुसार, अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहता है, तो इंडियन ऑयल, BPCL और HPCL को जुलाई-सितंबर तिमाही में कुल मिलाकर 14,470 करोड़ रुपये का प्रॉफिट होने का अनुमान है, जबकि अप्रैल-जून में उन्हें 18,150 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.

टर्नअराउंड की उम्मीद

मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन और मार्केटिंग मार्जिन में तेज सुधार से टर्नअराउंड में मदद मिलने की उम्मीद है. ICICI सिक्योरिटीज ने बुधवार को एक रिपोर्ट में कहा, ‘इस तिमाही में अब तक देखे गए ट्रेंड्स को देखते हुए Q2 (अब तक) का एवरेज अभी भी Q1 लेवल से काफी ज्यादा है.

यह मानते हुए भी कि सितंबर के बाकी दिनों में भी ऐसे ही ट्रेंड्स जारी रहेंगे, हमारे अनुमान बताते हैं कि Q2 में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) अभी भी पॉजिटिव ऑपरेटिंग प्रॉफिट और टैक्स के बाद प्रॉफिट रिपोर्ट कर सकती हैं.’ हालांकि हाल के हफ्तों में इंटीग्रेटेड मार्जिन में तेज गिरावट देखी गई है.

किस कंपनी को कितने मुनाफे की उम्मीद?

ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, इंडियन ऑयल को दूसरी तिमाही में 7,303 करोड़ रुपये का मुनाफा होने की उम्मीद है, जबकि पहली तिमाही में उसे 2,661 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. BPCL को 3,962 करोड़ रुपये के नुकसान के मुकाबले 4,520 करोड़ रुपये का मुनाफा और HPCL को 11,526 करोड़ रुपये के नुकसान के मुकाबले 2,647 करोड़ रुपये का मुनाफा होने का अनुमान है.

कैसे बदलेगा आंकड़ा?

यह बदलाव मुख्य रूप से मार्केटिंग मार्जिन में सुधार की वजह से होगा. तीनों कंपनियों के लिए पेट्रोल पर 2.9 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 1.3 रुपये प्रति लीटर मार्जिन का अनुमान है. पहली तिमाही में कंपनियों का मार्जिन पेट्रोल पर -6.1 रुपये और डीजल पर -18.9 रुपये था.

इंडियन ऑयल के लिए रिफाइनिंग मार्जिन दूसरी तिमाही में लगभग 15 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर रहने की उम्मीद है, जबकि पहली तिमाही में यह 15.6 डॉलर था. हालांकि, BPCL के लिए मार्जिन 41.4 डॉलर से घटकर 18 डॉलर प्रति बैरल और HPCL के लिए 23.8 डॉलर से घटकर 16 डॉलर प्रति बैरल होने का अनुमान है.

तेल की कीमतों या पंप की कीमतों में बड़े बदलाव के कारण तिमाही कमाई ब्रोकरेज के अनुमानों से काफी अलग हो सकती है.

पश्चिम एशिया में संघर्ष और क्रूड की कीमतें

गल्फ क्षेत्र में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सीमित आवाजाही के कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं. शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रूड बेंचमार्क, ब्रेंट की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई, जब अमेरिका ने ईरान के कई तेल टैंकरों पर हमला किया.

ईरान ने भी इस क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियों पर हमला किया. ईरान के सहयोगी यमन के हूथी विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच संघर्ष भी बढ़ता दिख रहा है, जिसमें एक-दूसरे पर और हमले हो रहे हैं, जिसमें सऊदी रिफाइनरी पर हुआ हमला भी शामिल है.

यह भी पढ़ें: ONGC शेयर में आया बड़ा उछाल, ब्रेंट क्रूड 101 डॉलर के पार; US-Iran तनाव से मिला सपोर्ट