Opening Bell: सेंसेक्स 100 अंक चढ़ा, निफ्टी 23450 के पार; Nifty रियल्टी में 1% से अधिक की बढ़त
Opening Bell: तेल की कीमतों में गिरावट जारी रहने और ग्लोबल इक्विटी में बढ़त के कारण निफ्टी50 और सेंसेक्स में तेजी आई. शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहीं.

Opening Bell: दुनिया भर से मिले पॉजिटिव संकेतों के बीच, मंगलवार 22 सितंबर को भारतीय इंडेक्स बढ़त के साथ खुले और निफ्टी 23450 के स्तर से ऊपर रहा. निफ्टी 50 इंडेक्स 37 अंक या 0.16 फीसदी बढ़कर 23,447 पर पहुंच गया. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 123 अंक या 0.16 फीसदी बढ़कर 74,982 पर पहुंच गया. लगभग 1544 शेयरों में बढ़त देखी गई, 728 शेयरों में गिरावट आई और 163 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.
टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में कोल इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल थे, जबकि गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, HCL टेक, सिप्ला, TCS और मैक्स हेल्थकेयर शामिल थे.
सेक्टोरल इंडेक्स
निफ्टी IT को छोड़कर, आज सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे.
एशियाई बाजार
मंगलवार को एशियाई बाजारों की शुरुआत सकारात्मक रही. दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 2% उछला, जबकि कोस्डैक (Kosdaq) में 1% की बढ़त हुई. ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी 0.3% चढ़ा. छुट्टी के कारण जापानी बाजार बंद रहे.
कच्चा तेल
शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहीं. ब्रेंट क्रूड 0.64% बढ़कर $100.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US क्रूड 0.55% बढ़कर $92.87 प्रति बैरल पर पहुंच गया.
भारतीय रुपया
घरेलू बाजार के सकारात्मक माहौल के कारण रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे मजबूत होकर 95.65 पर पहुंच गया. फॉरेक्स ट्रेडर्स ने कहा कि आज सुबह रुपया सकारात्मक स्तर पर खुला. ब्रेंट क्रूड की कीमतें ऊंचे स्तर से नीचे आईं क्योंकि सप्लाई से जुड़ी तत्काल चिंताएं कम हुईं.
सऊदी अरब ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए निर्यात बढ़ाया और बाजारों को क्षतिग्रस्त ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के आंशिक रूप से बहाल होने की उम्मीद थी.
मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा, ‘कच्चे तेल की कीमतों और US के 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में थोड़ी कमी से US इक्विटी मार्केट में रिस्क-ऑन सेंटीमेंट (जोखिम लेने का उत्साह) आया है। इस सकारात्मक बदलाव का असर दूसरे इक्विटी मार्केट पर भी दिखेगा.
भारत में सेकेंडरी मार्केट पर फिर से ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि NSE का IPO पूरा हो चुका है और जैसे-जैसे रिफंड आने शुरू होंगे, इससे मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी.’