रिलायंस के शेयर में पहले आया तूफानी उछाल, फिर क्यों शुरू हुई मुनाफा वसूली?

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में शानदार तेजी के बाद गिरावट देखने को मिली. एक दिन में शेयर करीब 12 फीसदी उछला और कंपनी का मार्केट कैप 1.84 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया. हालांकि, अगले दिन निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी. ब्रोकरेज ने शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए नया टारगेट प्राइस जारी किया है.

रिलायंस इंडस्ट्रीज Image Credit:

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली. शेयर करीब 11.6 फीसदी उछलकर 1,300 रुपये पर बंद हुआ था. यह अप्रैल 2020 के बाद एक दिन में आई सबसे बड़ी तेजी थी. हालांकि, इस शानदार तेजी के अगले ही दिन यानी मंगलवार को शेयर में फिर गिरावट शुरू हो गई. निवेशक मुनाफावसूली करने लगे और शेयर इंट्राडे में 1.3 फीसदी तक टूटकर 1,281.55 रुपये पर आ गया.

एक दिन में 1.84 लाख करोड़ रुपये बढ़ी कंपनी की वैल्यू

सोमवार की तेजी से रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप में करीब 1.84 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ. कंपनी का कुल मार्केट कैप बढ़कर लगभग 17.6 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. इसके साथ ही रिलायंस देश की सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बनी रही. इस तेजी के पीछे कंपनी के शानदार तिमाही नतीजों को बड़ी वजह माना जा रहा है. रिलायंस ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 29,550 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया. यह पिछले साल की समान तिमाही के 22,092 करोड़ रुपये के मुकाबले 33.8 फीसदी ज्यादा है. कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 27.8 फीसदी बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये रहा. वहीं, EBITDA में 23.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 62,409 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.

किस बिजनेस ने बढ़ाया कंपनी का मुनाफा?

रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार ने कंपनी के प्रदर्शन में अहम योगदान दिया. इस कारोबार का EBITDA 67.9 फीसदी बढ़कर 25,203 करोड़ रुपये हो गया. ग्लोबल फ्यूल मार्जिन में सुधार और पेट्रोकेमिकल कारोबार में बेहतर प्रदर्शन से कंपनी को फायदा मिला. हालांकि, रिलायंस रिटेल का प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा. इस कारोबार का मुनाफा 24.3 फीसदी गिरकर 2,611 करोड़ रुपये रह गया. वहीं, रिटेल कारोबार का रेवेन्यू 6.4 फीसदी बढ़कर 91,716 करोड़ रुपये हुआ.

क्या अभी Reliance का शेयर खरीदना चाहिए?

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है. हालांकि, टारगेट प्राइस 1,560 रुपये से घटाकर 1,520 रुपये कर दिया है. 1,300 रुपये के पिछले बंद भाव के मुकाबले यह करीब 17 फीसदी की संभावित बढ़त दिखाता है. वहीं, टेक्निकल नजरिए से बाजार के जानकारों का मानना है कि नए निवेशकों को शेयर में खरीदारी से पहले तेजी के टिकाऊ होने के संकेत देखने चाहिए. शेयर के लिए 1,000 से 1,100 रुपये का स्तर ऐतिहासिक सपोर्ट जोन माना जा रहा है.

ध्यान देने वाली बात यह भी है कि सोमवार की शानदार तेजी के बावजूद रिलायंस का शेयर 2026 में अब तक करीब 17.22 फीसदी नीचे है. इसलिए निवेशकों को सिर्फ एक दिन की तेजी देखकर जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. Money9 अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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