स्टॉक मार्केट क्रैश, सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निफ्टी में 1.48 फीसदी की गिरावट, जानें- क्यों आई बिकवाली
दोनों बेंचमार्क लगातार आठवें हफ्ते गिरावट की ओर बढ़ रहे हैं, जो 25 साल में ऐसी सबसे लंबी गिरावट का सिलसिला है. ली: US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के बीच, FII ने 30 सितंबर को लगातार पांचवें सेशन में बिकवाली जारी रखी.

Why Share Marker Fall Today: गुरुवार को बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट जारी रही, क्योंकि लगातार विदेशी फंड की निकासी से निवेशकों का भरोसा कम हुआ. दोनों बेंचमार्क लगातार आठवें हफ्ते गिरावट की ओर बढ़ रहे हैं, जो 25 साल में ऐसी सबसे लंबी गिरावट का सिलसिला है.
दोपहर करीब 1:45 बजे, सेंसेक्स 1,004.33 अंक या 1.39 फीसदी गिरकर 71,475.96 पर था, जबकि निफ्टी 343.95 अंक या 1.52 प्रतिशत गिरकर 22,276.50 पर आ गया.
9 लाख करोड़ रुपये खाक
इस जबरदस्त बिकवाली के कारण BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन से लगभग 9 लाख करोड़ रुपये कम हो गए, जिससे यह 463 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया.
ऑटो इंडेक्स में भारी गिरावट
IT और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर को छोड़कर, निफ्टी के सभी सेक्टरल इंडेक्स में गिरावट आई. निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 में क्रमशः 1.07 फीसदी और 0.72 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
ऑटो इंडेक्स में 3 फीसदी की गिरावट आई. घरेलू बिक्री में कमी की रिपोर्ट के बाद बजाज ऑटो के शेयरों में 6 फीसदी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में 2.4 फीसदी की गिरावट आई.
IT इंडेक्स
IT इंडेक्स में 0.9 प्रतिशत की बढ़त हुई, क्योंकि अगस्त में अमेरिकी महंगाई दर में उम्मीद से कम बढ़ोतरी देखी गई, जिससे इस महीने के आखिर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना कम हो गई.
कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में 3 प्रतिशत की बढ़त हुई, क्योंकि बैंक ने अशोक वासवानी की जगह अनूप कुमार साहा को तीन साल के कार्यकाल के लिए अपना नया CEO नियुक्त किया.
शेयर बाजार में क्यों आई गिरावट?
FII की बिकवाली: US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के बीच, FII ने 30 सितंबर को लगातार पांचवें सेशन में बिकवाली जारी रखी और 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के भारतीय शेयर बेचे, जो बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती बनी रही. डेटा के अनुसार, 30 सितंबर को FII की नेट बिकवाली 10,148 करोड़ रुपये रही.
रुपये में गिरावट: US ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से डॉलर इंडेक्स के तीन महीने से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के कारण भारतीय रुपया भी एशिया की दूसरी करेंसी के साथ कमजोर हुआ. रुपया 0.16 फीसदी गिरकर 95.9850 प्रति डॉलर पर आ गया, लेकिन 96 के स्तर से ऊपर बना रहा.
India VIX में बढ़ोतरी: बाजार में डर या उतार-चढ़ाव का पैमाना (वोलाटिलिटी इंडेक्स) लगभग 5 फीसदी बढ़कर 14.13 हो गया. India VIX में बढ़ोतरी भारतीय शेयर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव की संभावना को दिखाती है, जो निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और सावधानी को दर्शाता है.
कच्चे तेल की कीमतें फिर बढ़ीं
कच्चे तेल की कीमतें फिर बढ़ गई हैं, जिससे भारत की चिंताएं और बढ़ गई हैं, क्योंकि भारत आयातित तेल पर बहुत अधिक निर्भर है. ब्रेंट क्रूड की कीमत 2 फीसदी बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि WTI क्रूड की कीमत 1.99% बढ़कर 92.22 डॉलर हो गई.
यह भी पढ़ें: सितंबर में सरकार की कमाई बढ़ी, GST कलेक्शन 2 लाख करोड़ के पार; 14.7% की बढ़ोतरी