FIIs ने खींचे BSE से हाथ, बिकवाली से शेयर में गिरावट! Goldman Sachs ने भी घटाई हिस्सेदारी
BSE में हाल ही में एक बड़ी ब्लॉक डील हुई, जिसमें Goldman Sachs और BNP Paribas समेत FIIs ने 2186 करोड़ के शेयर बेचे, जो 1.75 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है. यह बिकवाली का दबाव BSE के हाल ही में Nifty 50 इंडेक्स में शामिल होने के बावजूद है, जो आम तौर पर पैसिव इनफ्लो को अट्रैक्ट करता है. 3200 रुपए पर बिका स्टॉक तब से 3100 से नीचे आ गया है.
मार्केट एनालिस्ट स्टॉक एक्सचेंज सेक्टर में पूरी तरह से बदलाव की ओर इशारा करते हैं जबकि BSE का वैल्यूएशन बढ़ा हुआ माना जा रहा है. NSE को डिस्काउंट देते हुए देखा जा सकता है, जो शायद भविष्य में वॉल्यूम अट्रैक्ट कर सकता है. एक मुख्य फैक्टर SEBI का कंसल्टेशन पेपर है, खासकर क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) और डेरिवेटिव सेटलमेंट के तरीकों से जुड़े बदलाव को दिखाता है. इन बदलावों से डेरिवेटिव वॉल्यूम पर असर पड़ने की उम्मीद है और शायद वह वापस NSE में शिफ्ट हो जाएं.
एनालिस्ट इन्वेस्टर्स के लिए सावधानी भरा तरीका अपनाने का सुझाव देते हैं. कुछ लोग मौजूदा लेवल को BSE के लिए लंबे समय के नजरिए से खरीदने का मौका मान रहे हैं, वहीं NSE के लिए तब तक इंतजार करने की स्ट्रैटेजी अपनाने की सलाह दी जाती है जब तक कोई साफ बेस नहीं बन जाता. मार्केट में एक पेन पॉइंट चल रहा है, जिसका असर बड़े स्टॉकब्रोकिंग और फाइनेंशियल मार्केट सेगमेंट पर पड़ रहा है.