₹1.05 लाख करोड़ जुटाने वाले 7 मेगा IPOs का हाल बेहाल! अब ₹88,979 करोड़ रह गई वैल्यू; निवेशकों को किया मायूस

11 बड़े IPOs में से 7 शेयर फिलहाल अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं. इन कंपनियों ने IPO से 1.05 लाख रुपये करोड़ जुटाए थे, जिसका मौजूदा वैल्यू 88,979 करोड़ है. Swiggy 35% और Paytm 22% नीचे है, जबकि LG Electronics India और ICICI Prudential Asset Management Company 50 फीसदी से ज्यादा ऊपर हैं.

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Highlights

  • 11 बड़े IPOs में से 7 के शेयर फिलहाल अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं.
  • इनमें सितंबर में 22,563 करोड़ रुपये जुटाने वाला NSE भी शामिल है.
  • इन बड़े IPOs में क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Swiggy का शेयर अपने इश्यू प्राइस से 35% नीचे कारोबार कर रहा है.

बड़े और चर्चित IPO को अक्सर निवेशकों के लिए बड़े मौके के तौर पर देखा जाता है, लेकिन लिस्टिंग के बाद इनका प्रदर्शन हमेशा अच्छा नहीं रहा है. 2021 से अब तक 11 ऐसे बड़े IPO आए हैं, जिनमें से हर एक ने 9500 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई थी. इनमें से 7 कंपनियों के शेयर फिलहाल अपने IPO के इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं. इन 7 में सितंबर में 22,563 करोड़ रुपये जुटाने वाला NSE भी शामिल है.

इन 7 कंपनियों ने IPO के जरिए कुल 1.05 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे. अब इन शेयरों का मार्केट वैल्यू घटकर 88,979 करोड़ रुपये रह गया है यानी IPO से जुटाई गई रकम के मुकाबले इसमें 15.3% की कमी आई है.

Swiggy और Paytm में भी इश्यू प्राइस से नीचे भाव

इन बड़े IPOs में क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Swiggy का शेयर अपने इश्यू प्राइस से 35% नीचे कारोबार कर रहा है. वहीं Paytm की पैरेंट कंपनी One 97 Communications का शेयर अपने इश्यू प्राइस से 22% नीचे है. इसके अलावा NTPC Green Energy, HDB Financial Services, Life Insurance Corporation India (LIC) और हाल में लिस्ट हुई SBI Fund Management के शेयर भी अपने इश्यू प्राइस से नीचे हैं. इन शेयरों में गिरावट 10% से 17% के दायरे में है.

इन IPOs ने दिया पॉजिटिव रिटर्न

बाकी चार शेयरों में टाटा कैपिटल अपने 326 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस से 1.5% ऊपर कारोबार कर रहा है. वहीं Hyundai Motor India अपने इश्यू प्राइस से 7% ऊपर है. इसके अलावा LG Electronics India और ICICI Prudential Asset Management Company ने लिस्टिंग के बाद मजबूत रिटर्न दिया है. दोनों शेयर अपने इश्यू प्राइस से क्रमशः 53% और 50% ऊपर चढ़ चुके हैं.

NSE शेयर भी इश्यू प्राइस से नीचे आया

देश के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल NSE का शेयर भी इस सप्ताह अपने इश्यू प्राइस से नीचे चला गया. NSE ने सितंबर में IPO के जरिए 22,563 करोड़ रुपये जुटाए थे और 24 सितंबर को BSE पर इसकी लिस्टिंग हुई थी. मंगलवार को NSE का शेयर 1,769.30 रुपये पर बंद हुआ, जो इसके 1,785 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस से नीचे है. शेयर अपने लिस्टिंग डे के ₹1,878 के हाई से 6% नीचे आ चुका है. वहीं 28 सितंबर 2026 को NSE शेयर ने 1,761 रुपये का निचला स्तर भी छुआ.

Hyundai Motor India का IPO था सबसे बड़ा

PRIME Database के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, NSE का आईपीओ देश का दूसरा सबसे बड़ा IPO था. इससे पहले अक्टूबर 2024 में Hyundai Motor India ने IPO के जरिए 27,859 करोड़ रुपये जुटाए थे.

Mega IPO में सबसे अहम है इश्यू की कीमत

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े IPO में निवेशकों के लिए सबसे अहम सवाल यह है कि कंपनी के शेयर का इश्यू प्राइस किस स्तर पर तय किया है. IPO की कीमत और उसका समय सफलता के लिए अहम हैं. अगर इश्यू आकर्षक कीमत पर आता है और कंपनी की बुनियाद मजबूत होती है तो निवेशकों का भरोसा बढ़ता है. इसके साथ सेकेंडरी मार्केट का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण होता है. इसके अलावा आगे भी प्राइमरी मार्केट में गतिविधियां बनी रह सकती हैं, लेकिन अगर सेकेंडरी मार्केट कमजोर रहता है तो नए इश्यू की संख्या और लिस्टिंग के समय मिलने वाला शुरुआती उछाल कम हो सकता है.

LIC और Paytm की कीमत पर उठे सवाल

LIC, Paytm और GIC के IPO की कीमत बहुत ऊंचे स्तर पर तय की गई थी. वहीं LG Electronics और ICICI Prudential Life जैसे बड़े IPOs में निवेशकों के लिए कुछ गुंजाइश छोड़ी गई थी. यही वजह है कि इन शेयरों ने लिस्टिंग के बाद अच्छा प्रदर्शन किया.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.