8th Pay Commission में उठी वन रैंक-वन पेंशन की मांग! पेंशनर्स को मिल सकती है बड़ी राहत?

8th Pay Commission के सामने Central Government Civilian Pensioners के लिए OROP जैसी व्यवस्था की मांग रखी गई है. AIDEF ने पेंशन तय करते समय रिटायरमेंट के समय का पद, Increment, Promotion, Career Progression और बाद के पद Upgradation को शामिल करने का प्रस्ताव दिया है.

8वां वेतन आयोग Image Credit: tv9 bharatvarsh

Highlights

  • सरकार ने 2015 में Armed Forces के कर्मचारियों के लिए OROP लागू किया था.
  • इसके लाभ 1 जुलाई 2014 से प्रभावी किए गए थे.
  • 8th Pay Commission का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था.

8th Pay Commission के गठन के करीब 11 महीने पूरे होने वाले हैं. 3 नवंबर 2025 को गठित हुआ आयोग अक्टूबर में 7 अक्टूबर को बेंगलुरु और 22 अक्टूबर को मुंबई में दो अहम बैठकें करेगा. इससे पहले सितंबर में आयोग की बैठकें चंडीगढ़ और पुडुचेरी में हो चुकी हैं. इन बैठकों के लिए आयोग ने अभी कोई तय एजेंडा जारी नहीं किया है, लेकिन चर्चाओं में फिटमेंट फैक्टर, वेतन संशोधन, भत्ते और पेंशन सुधार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे हैं. इन्हीं में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए One Rank, One Pension यानी OROP जैसी व्यवस्था की मांग भी शामिल है.

Central Government Pensioners के लिए OROP की मांग क्या है?

सिविलियन केंद्रीय सरकारी पेंशनर्स की मांग है कि एक ही पद या लेवल से समान योग्यता वाली सेवा पूरी करके रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन में सिर्फ रिटायरमेंट के अलग-अलग समय की वजह से बड़ा अंतर नहीं होना चाहिए. One Rank, One Pension यानी OROP का मूल उद्देश्य एक ही पद या लेवल पर समान तरह की सेवा पूरी करने वाले पेंशनर्स को पेंशन में समानता देना है, भले ही वे अलग-अलग समय पर रिटायर हुए हों.

मौजूदा व्यवस्था में वेतन और पेंशन में समय-समय पर हुए बदलावों की वजह से समान पद या लेवल से रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन अलग हो सकती है. इसी अंतर को कम करने के लिए सिविलियन पेंशनर्स OROP जैसी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं.

Armed Forces में 2015 में लागू हुआ था OROP

सरकार ने 2015 में Armed Forces के कर्मचारियों के लिए OROP लागू किया था. इसके लाभ 1 जुलाई 2014 से प्रभावी किए गए थे. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों के साथ-साथ Comptroller and Auditor General of India (CAG) के लिए भी पेंशन में समानता से जुड़ी व्यवस्थाएं मौजूद हैं.

Civilian Pensioners कौन होते हैं?

नागरिक पेंशनभोगी ऐसे रिटायर्ड केंद्रीय सरकारी कर्मचारी होते हैं, जो सशस्त्र बलों का हिस्सा नहीं रहे हैं. All India Defence Employees Federation (AIDEF) ने ऐसे सिविलियन कर्मचारियों की पेंशन और रिटायरमेंट लाभों को लेकर कई मांगें रखी हैं.

AIDEF की OROP व्यवस्था में क्या मांग है?

AIDEF के प्रस्ताव के अनुसार, पुराने पेंशनर्स की पेंशन को रिटायरमेंट के समय लागू पुराने वेतनमान से जोड़ने के बजाय बाद के Pay Commission के संशोधनों के आधार पर Notional Fixation किया जाना चाहिए. इस प्रस्ताव में रिटायरमेंट के समय कर्मचारी के पद या लेवल, वेतन में मिले Increment, Promotion, Career Progression और बाद में उस पद के हुए Upgradation या Reclassification को ध्यान में रखने की मांग की गई है.

AIDEF का प्रस्ताव है कि इसके बाद बनी Notional Pensionable Pay का 50% पेंशन के तौर पर तय किया जाए. हालांकि यह लागू न्यूनतम पेंशन नियमों और अन्य वैधानिक प्रावधानों के अधीन होगा.

AIDEF की प्रस्तावित OROP व्यवस्था

मांगइसका मतलब
Notional Fixationपुराने पेंशन को उस पद या लेवल पर लागू संशोधित वेतन से जोड़ा जाए.
Same Post/Levelरिटायरमेंट के समय कर्मचारी के पद को आधार बनाया जाए.
Career ProgressionIncrement और Promotion को ध्यान में रखा जाए.
Upgraded Postsबाद में पद या लेवल में हुए संशोधन या Upgradation को भी देखा जाए.
Pension BasisAIDEF के अनुसार, परिणामी Notional Pensionable Pay का 50% पेंशन के तौर पर तय किया जाए, जो लागू नियमों के अधीन होगा.

AIDEF ने साफ किया है कि पेंशन समानता के लिए पुराने वेतनमान को आधार बनाने के बजाय लगातार हुए Pay Commission संशोधनों के आधार पर Notional Progression को ध्यान में रखा जाना चाहिए.

कब आएगी 8th Pay Commission की रिपोर्ट?

8th Pay Commission का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था. आयोग को अपनी रिपोर्ट 18 महीने के भीतर देनी है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसकी अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की उम्मीद है. आयोग की अध्यक्षता Justice Ranjana Prakash Desai कर रही हैं. आयोग की अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार के विचार के लिए पेश की जाएगी. यदि सरकार इस तरह के किसी प्रस्ताव को स्वीकार करती है, तो समान स्थिति वाले सिविलियन रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन में मौजूद अंतर को कम करने की दिशा में बदलाव हो सकता है.

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