गिरते मार्केट में भी इस ज्वैलरी स्टॉक्स में तूफानी तेजी, 18 फीसदी तक उछला; 3 दिन में 22 % चढ़ा
Shankesh Jewellers के शेयर में शुक्रवार को 18 फीसदी तक तेजी आई और शेयर 116 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. पिछले तीन कारोबारी सत्र में शेयर करीब 22 फीसदी चढ़ चुका है. कंपनी के मजबूत जून तिमाही नतीजे तेजी की प्रमुख वजह हैं. पहली तिमाही में कंपनी का मुनाफा 100 फीसदी बढ़कर 43 करोड़ रुपये और आय 55 फीसदी बढ़कर 424 करोड़ रुपये रही.

Shankesh Jewellers के शेयर में शुक्रवार 11 सितंबर को जोरदार खरीदारी देखने को मिली. कमजोर शेयर मार्केट के बीच भी कंपनी का शेयर 18 फीसदी तक चढ़कर 116 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. Sensex में करीब 1 फीसदी की गिरावट के बावजूद शेयर में तेजी बनी रही. पिछले तीन कारोबारी सत्र में Shankesh Jewellers का शेयर करीब 22 फीसदी चढ़ चुका है. कंपनी के शेयर 25 अगस्त को NSE और BSE पर लिस्ट हुए थे. 93 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर अब करीब 25 फीसदी ऊपर है.
जून तिमाही के नतीजों से मिली तेजी
Shankesh Jewellers के शेयर में तेजी की बड़ी वजह कंपनी के जून तिमाही के मजबूत नतीजे माने जा रहे हैं. कंपनी ने 10 सितंबर को वित्त वर्ष 2026 27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए थे. जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा 100 फीसदी बढ़कर 43 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा करीब 21.5 करोड़ रुपये था. कंपनी की आय भी 55 फीसदी बढ़कर 424 करोड़ रुपये पहुंच गई. मजबूत नतीजों के बाद शेयर में खरीदारी बढ़ी है.
EBITDA में 92 फीसदी की बढ़ोतरी
कंपनी के EBITDA में भी जून तिमाही के दौरान जोरदार बढ़ोतरी हुई है. पहली तिमाही में EBITDA 92 फीसदी बढ़कर 61 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी का EBITDA मार्जिन भी बढ़कर करीब 14.4 फीसदी हो गया. पिछले साल की समान तिमाही में EBITDA मार्जिन 11.6 फीसदी था. कंपनी के मुताबिक मार्जिन में सुधार से कारोबार की क्षमता और मुनाफे में बढ़ोतरी हुई है. PAT मार्जिन भी बढ़कर करीब 10.2 फीसदी रहा.
मैनेजमेंट को आगे भी ग्रोथ की उम्मीद
Shankesh Jewellers के मैनेजमेंट को वित्त वर्ष 2027 में कारोबार की ग्रोथ को लेकर भरोसा है. कंपनी का कहना है कि उसका फोकस टिकाऊ ग्रोथ और ग्राहकों के साथ मजबूत संबंध बनाने पर है. कंपनी सोने की ज्वेलरी तैयार करती है और देशभर में ग्राहकों को सेवाएं देती है. कंपनी के मुताबिक संगठित और अलग डिजाइन वाली हैंडमेट ज्वेलरी की मांग बढ़ रही है. ऐसे में कंपनी को इस बदलाव का फायदा मिलने की उम्मीद है.
एसेट लाइट मॉडल से फायदा
कंपनी का कारोबार एसेट लाइट मॉडल पर आधारित है. इसके साथ कंपनी के पास अनुभवी कारीगरों का नेटवर्क भी है. कंपनी का फोकस बेहतर क्वालिटी वाली और ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से तैयार ज्वेलरी पर है. मैनेजमेंट का मानना है कि इन खूबियों से कंपनी को भारतीय ज्वेलरी बाजार में आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है. मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और कारोबार की संभावनाओं ने निवेशकों का ध्यान कंपनी के शेयर की ओर खींचा है.
ये भी पढ़ें- SBI के 80 पैसे का दांव, NSE IPO में कैसे बनेगा ₹2850 करोड़ रुपये का जैकपॉट? मिल सकता है 223025% का रिटर्न
ज्वेलरी सेक्टर से भी मिल रहा सपोर्ट
Shankesh Jewellers के मुताबिक भारत का जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है. यह सेक्टर भारत की GDP में करीब 7 फीसदी योगदान देता है. देश के कुल मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट में जेम्स और ज्वेलरी की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी है. अनिवार्य BIS हॉलमार्किंग से ज्वेलरी की क्वालिटी को लेकर ग्राहकों का भरोसा बढ़ा है. कंपनी के अनुसार अभी करीब 30 फीसदी सोने की ज्वेलरी ही हॉलमार्क वाली है. ऐसे में संगठित ज्वेलरी कंपनियों के लिए आगे बढ़ने की अच्छी संभावना बनी हुई है.
डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.