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EPFO Higher Pension पर बड़ा अपडेट, क्या अब फिर मिलेगा ज्यादा पेंशन का मौका?

EPFO Higher Pension को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. फिलहाल ज्यादा वेतन के आधार पर पेंशन का विकल्प नए कर्मचारियों के लिए खुला नहीं है. जानें 2026 के EPS नियम, ₹15,000 वेतन सीमा, पात्रता और ज्यादा पेंशन लेने का असर.

कर्मचारी भविष्‍य निधी संगठन

Highlights

  • Higher Pension का विकल्प फिलहाल नए कर्मचारियों के लिए बंद है
  • EPS में मौजूदा वेतन सीमा ₹15,000 प्रति माह है
  • ज्यादा पेंशन के बदले EPF का एकमुश्त पैसा घट सकता है

EPFO की पेंशन को लेकर कर्मचारियों के बीच एक बार फिर चर्चा तेज है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि EPF की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 की जा सकती है. हालांकि, EPFO के CEO ने साफ किया है कि फिलहाल ज्यादा वेतन पर पेंशन का विकल्प दोबारा खोलने का कोई प्रस्ताव नहीं है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि Higher Pension का मौजूदा नियम किन लोगों पर लागू होता है.

Higher Pension का विकल्प अभी खुला नहीं

सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2022 के फैसले के बाद कुछ पात्र EPFO सदस्यों को वास्तविक ज्यादा वेतन के आधार पर EPS में योगदान करने का मौका मिला था. यह सुविधा उन कर्मचारियों के लिए थी जो 1 सितंबर 2014 से पहले EPFO में थे और उसके बाद भी नौकरी में बने रहे.

पात्र कर्मचारियों को नियोक्ता के साथ Joint Option जमा करना था. इसकी अंतिम समयसीमा जुलाई 2023 में खत्म हो गई थी और करीब 17.49 लाख आवेदन मिले थे. अब यह कोई खुला विकल्प नहीं है. यानी नए सिरे से कोई कर्मचारी Higher Pension के लिए आवेदन नहीं कर सकता.

EPS में कितनी है वेतन सीमा?

EPS-2026 के तहत फिलहाल पेंशन के लिए निर्धारित वेतन सीमा ₹15,000 प्रति माह है. सामान्य स्थिति में नियोक्ता का 8.33% योगदान पेंशन फंड में जाता है. जिन पात्र सदस्यों ने पहले Higher Pension का विकल्प चुना था, उनके लिए ₹15,000 से ज्यादा वेतन पर नियोक्ता का योगदान 9.49% तक हो सकता है.

ज्यादा पेंशन के बदले कम हो सकता है EPF पैसा

Higher Pension का फायदा यह है कि रिटायरमेंट के बाद हर महीने मिलने वाली पेंशन ज्यादा हो सकती है. लेकिन इसके बदले EPF खाते से ज्यादा रकम पेंशन फंड में ट्रांसफर होती है. इसका मतलब है कि रिटायरमेंट के समय मिलने वाला EPF का एकमुश्त पैसा कम हो सकता है.

EPS की पेंशन का मूल फॉर्मूला है— पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा ÷ 70. पेंशन योग्य वेतन आम तौर पर नौकरी छोड़ने से पहले के 60 महीनों के औसत वेतन के आधार पर तय होता है, लागू नियमों और सीमा के अधीन.

₹1,000 न्यूनतम पेंशन में भी बदलाव नहीं

फिलहाल EPS की न्यूनतम मासिक पेंशन ₹1,000 है. पेंशनर्स और कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाकर ₹7,500 करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने तत्काल बढ़ोतरी की कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं दी है.

इसलिए कर्मचारियों को Higher Pension से जुड़े पुराने विकल्प और मौजूदा EPS नियमों में अंतर समझना जरूरी है. ज्यादा मासिक पेंशन का मतलब हमेशा कुल मिलाकर ज्यादा वित्तीय फायदा हो, यह जरूरी नहीं है.

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