Tata के 2 शेयरों में बिकवाली का दबाव, मजबूत प्रॉफिट के बावजूद 52-वीक लो पर पहुंचे
Tata Group की Tata Consumer Products और Rallis India के शेयर 15 सितंबर 2026 को 52 हफ्ते के नए निचले स्तर पर पहुंच गए. दोनों कंपनियों ने जून 2026 तिमाही में मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है. Tata Consumer Products का नेट प्रॉफिट 29% बढ़कर 427 करोड़ रुपये रहा, जबकि Rallis India का नेट प्रॉफिट 31% बढ़कर 125 करोड़ रुपये पहुंच गया.

Tata Group की दो कंपनियों Tata Consumer Products और Rallis India के शेयर सितंबर में 52 हफ्ते के नए निचले स्तर पर पहुंच गए. खास बात यह है कि दोनों कंपनियों ने जून 2026 तिमाही में दोहरे अंक की प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है. दोनों कंपनियों पर कर्ज भी काफी कम है, लेकिन इसके बावजूद शेयर कीमतों में दबाव देखने को मिला है.
15 सितंबर को दोनों शेयरों ने बनाया नया निचला स्तर
15 सितंबर 2026 को Tata Consumer Products का शेयर 986 रुपये तक गिरा और 986.10 रुपये पर बंद हुआ. वहीं, Rallis India का शेयर 199.50 रुपये तक पहुंचा और 201.82 रुपये पर बंद हुआ. Tata Consumer Products का मार्केट कैप करीब 97,089 करोड़ रुपये है, जबकि Rallis India का मार्केट कैप करीब 3,897 करोड़ रुपये है. दोनों कंपनियों के साइज और कारोबार में बड़ा अंतर होने के बावजूद एक ही दिन 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचना बाजार में चर्चा का विषय बना है.
Tata Consumer Products की बिक्री और प्रॉफिट में लगातार बढ़ोतरी
Tata Consumer Products ने पिछले कुछ वर्षों में चाय कारोबार से आगे बढ़कर FMCG के कई क्षेत्रों में विस्तार किया है. कंपनी चाय, नमक, मसाले, कॉफी और पैकेज्ड फूड के कारोबार में मौजूद है. FY21 से FY26 के बीच कंपनी की बिक्री 11,602 करोड़ रुपये से बढ़कर 20,290 करोड़ रुपये हो गई. इसी अवधि में EBITDA 1,544 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,792 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 930 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,547 करोड़ रुपये हो गया है.
नए कारोबार बने ग्रोथ का बड़ा आधार
जून 2026 तिमाही में Tata Consumer Products का रेवेन्यू 12% बढ़कर 5,349 करोड़ रुपये, EBITDA 19% बढ़कर 730 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 29% बढ़कर 427 करोड़ रुपये रहा. Tata Sampann, रेडी-टू-ड्रिंक बेवरेज, Capital Foods और Organic India जैसे नए कारोबारों में 47% की वृद्धि दर्ज हुई. इन कारोबारों की हिस्सेदारी भारत के कारोबार में करीब 36% हो गई है.
ऊंचे वैल्यूएशन ने बढ़ाई चिंता
कंपनी की कमाई बढ़ने के बावजूद उसके शेयर का वैल्यूएशन ऊंचा बना हुआ है. 986 रुपये के शेयर भाव पर इसका PE करीब 59.13 गुना था, जबकि ROE 7.08% रहा. शेयर अपने 52 हफ्ते के 1,283 रुपये के उच्च स्तर से करीब 23% नीचे आ चुका था.
Rallis India में प्रॉफिट की तेज रिकवरी
Rallis India एग्रीकल्चर केमिकल और हाइब्रिड बीज कारोबार में सक्रिय है. FY21 से FY26 के बीच कंपनी की बिक्री 2,429 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,897 करोड़ रुपये हुई. हालांकि, इस अवधि में नेट प्रॉफिट 229 करोड़ रुपये से घटकर 184 करोड़ रुपये रहा, लेकिन FY23 के निचले स्तर के बाद कंपनी ने मजबूत रिकवरी दिखाई.
जून 2026 तिमाही में Rallis India का रेवेन्यू 7% बढ़कर 1,022 करोड़ रुपये हो गया. EBITDA 23% बढ़कर 184 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 31% बढ़कर 125 करोड़ रुपये रहा. EBITDA मार्जिन 18% पहुंच गया.
Rallis India का वैल्यूएशन और कर्ज
Rallis India करीब 18.22 गुना PE पर कारोबार कर रहा था, जबकि उद्योग का मेडियन करीब 27.55 गुना था. कंपनी का डेट-टू-इक्विटी अनुपात केवल 0.03 था. कंपनी ने FY26 के लिए 3 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड भी घोषित किया.
कैश फ्लो और सीजनल कारोबार पर भी नजर
Rallis India के मामले में कैश फ्लो महत्वपूर्ण है. FY26 में ऑपरेटिंग कैश फ्लो, ऑपरेटिंग प्रॉफिट का 66% रहा, जबकि इन्वेंटरी डेज 185 से बढ़कर 217 हो गए. फ्री कैश फ्लो भी 224 करोड़ रुपये से घटकर 143 करोड़ रुपये रहा. इसके अलावा, कंपनी का कारोबार मौसमी है और इसके प्रदर्शन पर मानसून का असर पड़ता है.
इस तरह Tata Consumer Products और Rallis India में शेयर कीमतों की कमजोरी के बावजूद दोनों कंपनियों की स्थिति एक जैसी नहीं है. Tata Consumer Products में नए कारोबारों से ग्रोथ को समर्थन मिल रहा है, लेकिन ऊंचा वैल्यूएशन एक महत्वपूर्ण पहलू है. वहीं, Rallis India में प्रॉफिट की रिकवरी और कम कर्ज के साथ-साथ कैश फ्लो और कृषि क्षेत्र की मौसमी मांग जैसे कारकों पर नजर रखना जरूरी है.
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