शेयर बाजार में भारी गिरावट के पीछे क्या है वजह, कैसे खराब हो गया मार्केट का सेंटीमेंट? समझें अहम फैक्टर्स
Why Stock Market Fall: सुबह 9:40 बजे, सेंसेक्स 300.77 अंक या 0.39 फीसदी गिरकर 76,963.74 पर था, जबकि निफ्टी 132.55 अंक या 0.55 फीसदी गिरकर 24,043.10 पर आ गया. अमेरिका-ईरान के बीच फिर से सैन्य तनाव बढ़ने से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखी गई. बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी नीचे आ गए, क्योंकि निवेशक US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और कच्चे तेल की कीमतों के 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने जैसी चुनौतियों से जूझ रहे थे. निवेशक MSCI इंडेक्स में बदलाव से होने वाली संभावित अस्थिरता के लिए तैयार हो रहे थे.
सुबह 9:40 बजे, सेंसेक्स 300.77 अंक या 0.39 फीसदी गिरकर 76,963.74 पर था, जबकि निफ्टी 132.55 अंक या 0.55 फीसदी गिरकर 24,043.10 पर आ गया.
बाजार में गिरावट की मुख्य वजहें
US-ईरान तनाव: अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के दो लॉन्चरों पर हमले के बाद ग्लोबल सेंटीमेंट खराब हो गया. जुलाई के आखिर के बाद से ईरान पर यह अमेरिका का पहला ज्ञात हमला था. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स लगभग 2.5% बढ़कर $90 प्रति बैरल हो गया, जबकि एशियाई बाजार 0.7% नीचे रहे.
कमजोर ग्लोबल संकेत: अमेरिका और ईरान के बीच नई लड़ाई से संघर्ष और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं, जिसके बाद एशियाई इक्विटी में भारी गिरावट आई. जापान का निक्केई 2.1 फीसदी गिरा, जबकि दक्षिण कोरियाई इक्विटी में 2.4 फीसदी की गिरावट आई.
जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.7 फीसदी गिरा. US इक्विटी फ्यूचर्स भी नीचे रहे, जिसमें S&P 500 फ्यूचर्स 0.3 फीसदी और नैस्डैक फ्यूचर्स 0.5 फीसदी गिरे.
FII की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की भारतीय इक्विटी बेचीं, जिससे ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट बिगड़ने के साथ ही एक और संभावित मुश्किल खड़ी हो गई.
चुनौतियों का सामना कर रहा बाजार
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार ने कहा, ‘इस हफ्ते कारोबार की शुरुआत में मार्केट को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्लोबल इक्विटी मार्केट के नजरिए से देखें तो फेड चीफ केविन वॉर्श के बयान के बाद सेंटीमेंट थोड़े नेगेटिव हो गए हैं। उन्होंने कहा था कि अगर महंगाई फेड के लॉन्ग-टर्म टारगेट से ज्यादा बनी रहती है, तो ‘हमें और काम करना होगा’.
मार्केट ने इसे 15-16 सितंबर को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) मीटिंग में ब्याज दरें बढ़ने के संकेत के तौर पर लिया है. इसके चलते बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी इक्विटी मार्केट के लिए नेगेटिव है. एक और चुनौती अमेरिका और ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ना है, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर के पार चली गई है.
एनर्जी सप्लाई की चिंताएं बढ़ीं
भारतीय इक्विटी मार्केट में सतर्कता का रुख रहने की उम्मीद है, क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच फिर से सैन्य तनाव बढ़ने से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. इससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है और एशियाई बाजारों में रिस्क-ऑफ (जोखिम से बचने) का माहौल बना है.
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ-टेक फर्म ‘एनरिच मनी’ के CEO पोनमुडी आर ने कहा, ‘शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी, दोनों ही 1% से अधिक गिरे. इससे पता चलता है कि इन्वेस्टर्स का ध्यान फिर से जियो-पॉलिटिकल रिस्क पर है.’