Payment Gateway से कैसे हुई मनी लॉन्ड्रिंग? ED की जांच में सामने आया पूरा खेल
भारत में एक बड़े ऑनलाइन शेयर निवेश घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें निवेशकों को शेयर और आईपीओ में भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में देश भर में कई ठिकानों पर छापेमारी की और 129 बैंक खातों में जमा ₹18.4 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं. यह घोटाला व्हाट्सएप समूहों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फर्जी स्टॉक मार्केट टिप्स के माध्यम से संचालित किया जा रहा था.
धोखेबाज निवेशकों को नकली आईपीओ और मल्टी-बैगर शेयरों में निवेश का वादा करते थे, जहाँ उन्हें अपने प्लेटफॉर्म पर झूठा मुनाफा दिखाया जाता था. जब निवेशक अपना पैसा निकालने की कोशिश करते थे, तो उनसे टैक्स या अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अतिरिक्त पैसे की माँग की जाती थी. ईडी की जाँच में यह भी सामने आया है कि इस धोखाधड़ी में कई पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल पैसे की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया. इस मामले में मुंबई, थाणे, बेंगलुरु और गुरुग्राम सहित आठ ठिकानों पर तलाशी ली गई है. निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे अप्रत्याशित उच्च रिटर्न के लालच में न पड़ें और किसी भी अनवेरिफाइड ऐप या प्लेटफॉर्म पर आँख मूँदकर भरोसा न करें.