भारत में iPhone 18 Pro का ओरिजिनल प्राइस कितनी? GST से लेकर कस्टम्स ड्यूटी इतना बढ़ा रहे रेट; समझें पूरा हिसाब

भारत में आईफोन 18 प्रो की कीमत 1,64,900 रुपये से शुरू होगी. 1,64,900 रुपये की जीएसटी-इन्क्लूसिव कीमत में करीब 25,154 रुपये जीएसटी शामिल है, जबकि जीएसटी से पहले कीमत करीब 1,39,746 रुपये बैठती है. भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से Apple को फुली असेंबल्ड आईफोन के इंपोर्ट पर लगने वाली 20 प्रतिशत बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से राहत मिलती है.

आईफोन 18 प्रो का नया कलर Image Credit: एपल

Apple iPhone Tax India: भारत समेत दुनिया भर में iPhone की डिमांड बहुत ज्यादा है. इसी बीच Apple ने 9 सितंबर को iPhone 18 सीरीज के फोन लॉन्च कर दिए हैं. भारत में iPhone की कीमत को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि Apple का फोन वास्तव में कितने रुपये का पड़ता है और ग्राहक जो कीमत चुकाता है, उसमें कितना हिस्सा टैक्स के रूप में सरकार के पास जाता है. मौजूदा iPhone 18 Pro को उदाहरण के तौर पर लें तो भारत में इसकी कीमत 1,64,900 रुपये से शुरू होगी.

1,64,900 रुपये के iPhone 18 Pro में कितना है GST

भारत में फिनिश्ड स्मार्टफोन्स पर 18 प्रतिशत GST लागू है. इसलिए 1,64,900 रुपये की कीमत पर 18 प्रतिशत GST अलग से 29,682 रुपये नहीं होगा. क्योंकि 1,64,900 रुपये की कीमत पहले से GST-इन्क्लूसिव है, इसमें शामिल GST निकालने के लिए 18/118 का फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है. इस हिसाब से iPhone 18 Pro की 1,64,900 रुपये की कीमत में करीब 25,154 रुपये GST शामिल है. वहीं, GST हटाने के बाद कीमत करीब 1,39,746 रुपये बैठती है.

यानी ग्राहक के लिए मोटे तौर पर गणना इस तरह होगी:

  • GST से पहले कीमत: करीब 1,39,746 रुपये
  • इसमें शामिल GST: करीब 25,154 रुपये
  • Apple India की बिक्री कीमत: 1,64,900 रुपये

क्या हर iPhone पर 20 प्रतिशत कस्टम्स ड्यूटी भी लगता है

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत में बने iPhone और विदेश से पूरी तरह असेंबल होकर आने वाले iPhone की टैक्स स्ट्रक्चर एक जैसी नहीं होती. Grant Thornton Bharat के अनुसार, भारत में iPhone मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से Apple को फुली असेंबल्ड स्मार्टफोन्स के इंपोर्ट पर लगने वाली 20 प्रतिशत बेसिक कस्टम्स ड्यूटी (BCD) से बचने में मदद मिलती है. Apple अब भारत में iPhone 17 की पूरी लाइन-अप की मैन्युफैक्चरिंग कर रहा है. इसके लिए तमिलनाडु और कर्नाटक में Foxconn और Tata Electronics जैसे मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स के जरिए प्रोडक्शन किया जा रहा है.

ऐसे में भारत में लोकली असेंबल्ड iPhone पर इंपोर्टेड फिनिश्ड फोन वाली 20 प्रतिशत BCD सीधे उसी तरीके से लागू नहीं होती. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि iPhone में इस्तेमाल होने वाले सभी कंपोनेंट्स पर कोई इंपोर्ट-रिलेटेड कॉस्ट नहीं है. भारत में बने iPhone में कई हाई-वैल्यू कंपोनेंट्स अभी भी इंपोर्टेड होते हैं और इन पर लागू ड्यूटी का असर पड़ सकता है.

फिर भारत में iPhone महंगा क्यों है

भारत में iPhone की कीमत सिर्फ GST या कस्टम्स ड्यूटी से तय नहीं होती. इसमें इंपोर्टेड कंपोनेंट्स की लागत, मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट, लॉजिस्टिक्स, डिस्ट्रीब्यूशन और रिटेल मार्जिन के अलावा Apple की प्राइसिंग स्ट्रैटेजी भी शामिल होती है. Grant Thornton Bharat के एनालिसिस के मुताबिक, थर्ड-पार्टी रिटेल चैनल्स करीब 10-12 प्रतिशत मार्जिन रख सकते हैं.

वहीं, भारत में iPhone की कीमत चीन या अमेरिका के मुकाबले करीब 30,000-45,000 रुपये तक अधिक हो सकती है. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि भारत में बिकने वाले iPhone की पूरी अतिरिक्त कीमत केवल टैक्स की वजह से है.

लोकल मैन्युफैक्चरिंग से क्या बदलेगा

भारत में iPhone मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि Apple की फिनिश्ड फोन्स के इंपोर्ट पर निर्भरता कम होती है. साथ ही, कंपनी को प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम का फायदा मिलता है. Grant Thornton के अनुसार, PLI स्कीम के तहत भारत में मैन्युफैक्चर्ड मोबाइल फोन्स की इंक्रीमेंटल सेल्स पर पांच वर्षों तक 4-6 प्रतिशत तक कैश इंसेंटिव मिल सकता है.

इसका फायदा भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को भी मिल रहा है. Apple के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स ने FY25 में 10 बिलियन डॉलर से अधिक के iPhone एक्सपोर्ट्स किए. 2025 की पहली छमाही में भारत में असेंबल्ड iPhones में से करीब 78 प्रतिशत अमेरिका भेजे गए थे.

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