क्या WhatsApp पर भी देना होगा पैसा? मेटा तलाश रहा नए रेवेन्यू मॉडल
WhatsApp, दुनिया का सबसे बड़ा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म, जल्द ही अपने कमाई के मॉडल में बड़े बदलाव देख सकता है. CRED के संस्थापक कुणाल शाह की हालिया एंट्री इस बात का मजबूत संकेत दे रही है कि मेटा अब WhatsApp से राजस्व बढ़ाने के नए तरीके तलाश रहा है. हालांकि WhatsApp का बेसिक मैसेजिंग हमेशा की तरह मुफ्त रहने की उम्मीद है, लेकिन कुछ एडवांस फीचर्स के लिए यूजर्स को भुगतान करना पड़ सकता है.
फिलहाल, WhatsApp का यूजर बेस तीन अरब से अधिक है, फिर भी मेटा की अधिकांश कमाई फेसबुक और इंस्टाग्राम के विज्ञापनों से आती है. WhatsApp पर AI इंटीग्रेशन तेजी से हो रहा है, और भविष्य में एडवांस AI टूल्स, डॉक्यूमेंट एनालिसिस और स्मार्ट असिस्टेंस जैसी सुविधाएं प्रीमियम सब्सक्रिप्शन के तहत आ सकती हैं. इसी तरह, उन्नत प्राइवेसी और सिक्योरिटी फीचर्स, जैसे एक्स्ट्रा सिक्योरिटी लेयर या एनहैंस्ड स्पैम प्रोटेक्शन, भी पेड हो सकते हैं.