De-Dollarization, Putin पहुंच गए China, Dollar को हटाने का बड़ा खेल शुरू?

ट्रंप के बाद पुतिन पहुंच गए चीन, रूस और चीन के बीच बढ़ती नजदीकियां सिर्फ राजनीति और कूटनीति तक सीमित नहीं है. बल्कि इसका असर अब ग्लोबल इकॉनमी और इंटरनेशनल ट्रेड पर भी देखने को मिल रहा है. सबसे जरूरी बात रूस का रूबल डॉलर के सामने अब मजबूत होता जा रहा है. इसके पीछे एक कारण है रूस और चीन के बीच कारोबार में अब अमेरिकी डॉलर की जगह तेजी से रूबल और युवान का इस्तेमाल बढ़ना. ऐसे समय में जब रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन की चीन यात्रा चर्चा में है तो यह सवाल भी तेज हो गया है कि क्या दुनिया धीरे-धीरे डॉलर पर अपनी निर्भरता कम कर रही है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस और चीन के बीच करीब 240 अरब डॉलर का व्यापार अब लगभग पूरी तरह स्थानीय मुद्रा यानी रूबन और युवान में किया जा रहा है. यानी पहले जहां दोनों देशों के बीच व्यापार में डॉलर की बड़ी भूमिका हुआ करती थी. अब उसकी जगह सीधे दोनों देशों की अपनी करेंसीज ने ले ली है. उनका इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है। इसका मतलब यह है कि रूस और चीन डॉलर को बीच से हटाकर अपना एक अलग पेमेंट मैकेनिज्म मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.

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