H-1B वीजा और ग्रीन कार्ड वालों की बढ़ेगी टेंशन! अमेरिका बदलने जा रहा नियम? जानें नया प्रस्ताव

अमेरिका में H-1B वीजा और ग्रीन कार्ड से जुड़े कुछ आवेदनों की प्रीमियम प्रोसेसिंग समयसीमा बदलने के प्रस्ताव की समीक्षा हो रही है. 13 अक्टूबर 2026 को संघीय समीक्षा के लिए भेजे गए इस प्रस्ताव की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. फिलहाल मौजूदा नियम लागू हैं.

H-1B वीजा और ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए नया नियम Image Credit: @Canva/Money9live

अमेरिका में H-1B वीजा और ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों को आगे चलकर ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है. अमेरिकी सरकार कुछ इमिग्रेशन आवेदनों की प्रीमियम प्रोसेसिंग में लगने वाले समय को बदलने के प्रस्ताव की समीक्षा कर रही है. अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सेवा (USCIS) को आवेदनों पर कार्रवाई करने के लिए मिलने वाली मौजूदा समयसीमा बदल सकती है. ‘अमेंडिंग द प्रीमियम प्रोसेसिंग टाइमफ्रेम’ (Amending the Premium Processing Timeframe) नाम का यह प्रस्ताव 13 अक्टूबर 2026 को संघीय नियामक समीक्षा के लिए भेजा गया था. फिलहाल यह संघीय नियम बनाने की प्रक्रिया के तहत लंबित है.

व्हाइट हाउस के ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (OMB) के तहत ऑफिस ऑफ इंफॉर्मेशन एंड रेगुलेटरी अफेयर्स (OIRA) इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है. हालांकि, अमेरिकी सरकार ने अभी तक प्रस्ताव की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि इमिग्रेशन की किन श्रेणियों पर इसका असर पड़ेगा और मौजूदा समयसीमा में कितना बदलाव किया जा सकता है. इस प्रस्ताव की समीक्षा एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 12866 के तहत की जा रही है, जो संघीय नियमों की समीक्षा की प्रक्रिया तय करता है. इसे आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण प्रस्ताव की कैटेगरी में नहीं रखा गया है.

US में प्रीमियम प्रोसेसिंग की समयसीमा बदल सकती है

USCIS कुछ पात्र इमिग्रेशन आवेदनों और याचिकाओं के लिए प्रीमियम प्रोसेसिंग की सुविधा देता है. इसके तहत नियोक्ता और विदेशी नागरिक अतिरिक्त फीस देकर अपने मामले पर जल्दी कार्रवाई का अनुरोध कर सकते हैं. फिलहाल, आवेदन के प्रकार और इमिग्रेशन श्रेणी के आधार पर प्रीमियम प्रोसेसिंग की समयसीमा 15, 30 या 45 कारोबारी दिन है.

प्रस्ताव की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है. ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि सरकार मौजूदा प्रीमियम प्रोसेसिंग समयसीमा बढ़ाने पर विचार कर सकती है. हालांकि, अभी तक किसी खास बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है. आवेदकों को सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा होने तक मौजूदा नियमों का पालन करना चाहिए. केवल प्रस्ताव की नियामक समीक्षा शुरू होने से प्रोसेसिंग की समयसीमा में कोई बदलाव नहीं होगा.

आखिरी बार कब बदली थी प्रीमियम प्रोसेसिंग की समयसीमा?

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) ने आखिरी बार 2024 में फीस से जुड़े नियम के जरिए प्रीमियम प्रोसेसिंग की समयसीमा में बदलाव किया था. ये बदलाव 1 अप्रैल 2024 से लागू हुए थे. इसके तहत समयसीमा की गणना कैलेंडर दिनों के बजाय कारोबारी दिनों के आधार पर की जाने लगी.

इससे पहले, 2022 में पेश किए गए एक नियम को 31 मई 2022 से लागू किया गया था. इसके तहत कुछ इमिग्रेशन याचिकाओं के लिए प्रोसेसिंग की समयसीमा 45 दिन तय की गई थी. इनमें बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अधिकारियों और प्रबंधकों के लिए EB-1C याचिकाएं और नेशनल इंटरेस्ट वेवर (NIW) श्रेणी के तहत दाखिल EB-2 याचिकाएं शामिल थीं.

अब आगे क्या होगा?

प्रीमियम प्रोसेसिंग की समयसीमा में बदलाव का प्रस्ताव अभी संघीय समीक्षा प्रक्रिया से गुजर रहा है. नियामक रिकॉर्ड में इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कोई कानूनी समयसीमा नहीं बताई गई है. अगर प्रस्ताव समीक्षा प्रक्रिया में आगे बढ़ता है, तो अमेरिकी सरकार इसके बारे में फेडरल रजिस्टर में प्रस्तावित नियम प्रकाशित कर सकती है. इसमें संभावित बदलावों, उन्हें लाने के कारणों और लागू करने की संभावित समयसीमा के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी.

इसके बाद प्रस्ताव पर आम लोगों से सुझाव और टिप्पणियां मांगी जाएंगी. आम तौर पर इसके लिए 30 से 60 दिन का समय दिया जाता है. इस दौरान प्रभावित आवेदक, नियोक्ता और अन्य संबंधित पक्ष अपनी राय रख सकेंगे. इसके बाद सरकार तय करेगी कि प्रस्तावित बदलावों को अंतिम रूप दिया जाए या नहीं. पूरी प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं. जब तक नियम को अंतिम रूप देकर लागू नहीं किया जाता, तब तक प्रस्तावित बदलाव प्रभावी नहीं होंगे.

क्या है प्रीमियम प्रोसेसिंग?

प्रीमियम प्रोसेसिंग USCIS की ओर से दी जाने वाली एक वैकल्पिक सुविधा है. इसके तहत कुछ पात्र इमिग्रेशन आवेदनों और याचिकाओं पर जल्दी कार्रवाई के लिए अतिरिक्त फीस देनी होती है. इसकी समयसीमा संबंधित फॉर्म और इमिग्रेशन श्रेणी पर निर्भर करती है. अमेरिकी सरकार का नया प्रस्ताव इन समयसीमाओं को बदल सकता है. हालांकि, आवेदकों को अपने मामले पर संभावित असर जानने के लिए प्रस्ताव की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक होने का इंतजार करना होगा.

फिलहाल H-1B वीजा और ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए कोई नई समयसीमा घोषित नहीं की गई है. इसलिए अभी यह कहना संभव नहीं है कि किन आवेदकों को अतिरिक्त इंतजार करना पड़ेगा और प्रोसेसिंग में कितनी देरी हो सकती है.

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