मक्का के करीब पहुंचा हूती विद्रोहियों का ड्रोन, सऊदी एयर डिफेंस ने किया नष्ट; अब दी बड़ी चेतावनी

सऊदी अरब की एयर डिफेंस ने मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को प्रतिबंधित एयरस्पेस में प्रवेश करने से पहले इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया. सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने इसे मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कथित कोशिश बताया है. गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने पवित्र स्थलों और जायरीनों की सुरक्षा को ‘रेड लाइन’ बताते हुए हूतियों के खिलाफ जरूरी डिटरेंट उपाय करने की चेतावनी दी है.

Mecca Image Credit: tv9 bharatvarsh

Houthi Drone Attack Mecca: सऊदी अरब की एयर डिफेंस ने मंगलवार को मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया. सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता ने बताया कि ड्रोन पवित्र शहर के प्रतिबंधित एयरस्पेस में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट कर दिया गया. इस घटना के बाद सऊदी अरब ने इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों और वहां आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है.

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने बुधवार तड़के कहा कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों और जायरीनों की सुरक्षा एक ‘रेड लाइन’ है. उन्होंने कहा कि हूतियों के खिलाफ जरूरी डिटरेंट उपाय किए जाएंगे. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब सऊदी अरब के विभिन्न हिस्सों में ईरान समर्थित लड़ाकों के हमले बढ़ने की खबरें सामने आई हैं.

मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कोशिश का दावा

गठबंधन के प्रवक्ता के मुताबिक, मक्का के पास ड्रोन की यह घटना पवित्र शहर को निशाना बनाने की दूसरी कथित हूती कोशिश है. इससे पहले गठबंधन ने जुलाई 2017 में मक्का की ओर बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च किए जाने का दावा किया था. मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है और यहां स्थित धार्मिक स्थल दुनियाभर के मुसलमानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

यही शहर हर साल होने वाली हज यात्रा का प्रमुख केंद्र है. इसमें दुनियाभर से लाखों मुसलमान शामिल होते हैं. ऐसे में मक्का के आसपास किसी भी सैन्य गतिविधि को लेकर सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था बेहद संवेदनशील रहती है.

हूतियों ने खतरा होने से किया इनकार

हूती समूह की ओर से मक्का या अन्य पवित्र स्थलों के लिए किसी तरह का खतरा पैदा करने से इनकार किया गया है. हूती संचालित SABA न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, समूह के एक सैन्य सूत्र ने मंगलवार को कहा कि हूतियों की ओर से मक्का या अन्य पवित्र स्थलों को कोई खतरा नहीं है.

इससे दोनों पक्षों के दावों में अंतर सामने आता है. जहां सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन ड्रोन की घटना को मक्का के खिलाफ हूती गतिविधि से जोड़ रहा है, वहीं हूती पक्ष ने पवित्र स्थलों को निशाना बनाने की बात से इनकार किया है.

सऊदी अरब के कई हिस्सों में सिक्योरिटी अलर्ट

ड्रोन इंटरसेप्ट की घटना के बीच सऊदी अरब ने मंगलवार को देश के कुछ हिस्सों में सिक्योरिटी अलर्ट जारी किए. इनमें मक्का के अलावा जेद्दा और अन्य शहर भी शामिल रहे. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह से ईरान समर्थित लड़ाकों की ओर से किए गए हमलों के बीच सऊदी अरब क्षेत्रीय संघर्ष में और अधिक गहराई से शामिल होता दिखाई दे रहा है.

सऊदी अरब और हूती समूह के बीच तनाव का संबंध यमन में लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष से है. हूतियों ने यमन के लाल सागर तट के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण कायम किया हुआ है. यह इलाका बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के सामने स्थित है, जो दुनिया के महत्वपूर्ण शिपिंग रूट्स में से एक है.

लाल सागर के अहम शिपिंग रूट पर भी दबाव

बाब अल-मंदेब स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है. हूतियों के लाल सागर क्षेत्र में प्रभाव के कारण इस शिपिंग रूट की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चिंता बनी हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से वैकल्पिक रास्तों से भेजे जाने वाले सऊदी ऑयल एक्सपोर्ट्स पर भी खतरा बढ़ सकता है.

हूतियों ने पिछले सप्ताह सऊदी अरब के खिलाफ कई बड़े हमलों का ऐलान किया है. सोमवार को समूह ने एक एयर बेस पर हमले का दावा भी किया और इसे यमन पर किए गए एयर स्ट्राइक्स के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है.

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