Amazon और Tata Motors की बड़ी साझेदारी, भारत में चलेंगे 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक; दिल्ली में पहले जत्थे को दिखाई हरी झंडी

अमेजन और टाटा मोटर्स ने भारत में 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक तैनात करने के लिए साझेदारी की है. इसकी शुरुआत दिल्ली से होगी. योजना में 2,800 किलोमीटर लंबे दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर को इलेक्ट्रिक बनाना भी शामिल है.

टाटा मोटर्स और अमेजन के बीच डील Image Credit:

अमेजन ने भारत में अपने ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने टाटा मोटर्स के साथ 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक शामिल करने के लिए साझेदारी की है. दोनों कंपनियों के बीच हुए इस समझौते के तहत इलेक्ट्रिक ट्रकों का इस्तेमाल अमेज़न की अलग-अलग फैसिलिटीज के बीच माल ढुलाई, शहरों के भीतर सामान पहुंचाने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर शिपमेंट ले जाने के लिए किया जाएगा. कंपनियों के मुताबिक, भारत में किसी ई-कॉमर्स कंपनी की ओर से इलेक्ट्रिक ट्रकों की यह सबसे बड़ी तैनाती है.

इस योजना के तहत टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक ट्रक अमेजन के मिडिल-माइल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का हिस्सा बनेंगे. इनकी तैनाती की शुरुआत 2026 के त्योहारी सीजन में दिल्ली से होगी. इसके बाद प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर इनका इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा. योजना में एनएच 48 पर 2,800 किलोमीटर लंबे दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर को इलेक्ट्रिक बनाना भी शामिल है. यह कॉरिडोर सात राज्यों से होकर गुजरता है.

दिल्ली में इलेक्ट्रिक ट्रकों के पहले जत्थे को दिखाई हरी झंडी

27 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक ट्रकों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. इस मौके पर भारत सरकार के केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी, अमेजन के ऑपरेशंस वाइस प्रेसिडेंट अभिनव सिंह, अमेजन इंडिया के ऑपरेशंस डायरेक्टर किशोर लंका, टाटा मोटर्स के ग्लोबल हेड (गवर्नमेंट एंड कॉर्पोरेट अफेयर्स) और चीफ कॉर्पोरेट अफेयर्स ऑफिसर सुशांत नाइक तथा टाटा मोटर्स के वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड राजेश कौल मौजूद रहे.

इस समझौते के तहत टाटा मोटर्स अमेजन की ट्रांसपोर्ट जरूरतों के लिए इलेक्ट्रिक ट्रक उपलब्ध कराएगी. वहीं, अमेजन के कैरियर पार्टनर्स इन वाहनों के मालिक होंगे और इन्हें चलाएंगे. दोनों कंपनियां अपने अनुभव और तकनीक का इस्तेमाल करके इलेक्ट्रिक ट्रकों को बड़े स्तर पर अपनाने में आने वाली चुनौतियों को दूर करने की कोशिश करेंगी.

2,800 किलोमीटर लंबे दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर पर नजर

अमेजन की योजना सिर्फ शहरों के भीतर माल ढुलाई तक सीमित नहीं है. कंपनी अपने इलेक्ट्रिक ट्रकों को प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी चलाएगी. इसके तहत एनएच48 पर 2,800 किलोमीटर लंबे दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर को इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

यह भारत का सबसे लंबा फ्रेट कॉरिडोर है. यह सात राज्यों से होकर गुजरता है और देश के छह सबसे बड़े ई-कॉमर्स क्षेत्रों को जोड़ता है. इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रकों के संचालन को आसान बनाने के लिए खास चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है. इसमें याहवी के साथ मिलकर बनाए जा रहे चार्जिंग हब भी शामिल हैं.

अमेज़न और टाटा मोटर्स की इस साझेदारी का मकसद इलेक्ट्रिक ट्रकों को शहरों के भीतर माल ढुलाई से आगे बढ़ाकर लंबी दूरी के परिवहन में भी इस्तेमाल करना है. इससे बड़े लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में इलेक्ट्रिक वाहनों की भूमिका बढ़ाने का रास्ता तैयार हो सकता है.

दिल्ली की नई ईवी नीति से भी मिलेगा फायदा

इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती ऐसे समय में हो रही है, जब दिल्ली में 2026 की ईवी नीति लागू की गई है. इस नीति के तहत शुरुआती खरीदारों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है. नीति लागू होने के बाद पहले तीन महीनों में जिन 1,000 निजी मीडियम ड्यूटी इलेक्ट्रिक ट्रकों का सबसे पहले रजिस्ट्रेशन होगा, उन्हें पूरे 10 साल तक दिन में किसी भी समय दिल्ली में प्रवेश की अनुमति होगी. इन ट्रकों पर ‘नो एंट्री’ के घंटों की पाबंदी लागू नहीं होगी.

यह पहल स्वच्छ परिवहन और माल ढुलाई को इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में भारत की कोशिशों से भी जुड़ी है. इसके तहत पीएम ई-ड्राइव (पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट) और परिवर्तन (PARIVARTAN) जैसी पहलों के उद्देश्यों को भी बढ़ावा मिलता है.

सरकार ने क्या कहा?

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स और अमेज़न का सहयोग देशभर में फैले लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की मांग को दिखाता है, जिसे भारत में बने इलेक्ट्रिक ट्रक पूरा कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पीएम ई-ड्राइव, पीएलआई ऑटो और पीएलआई एसीसी जैसी योजनाओं के जरिए इस बदलाव को समर्थन देती रहेगी.

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, परिवहन और आईटी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में दिल्ली लगातार काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक्स को कार्बन उत्सर्जन से मुक्त करना परिवहन से होने वाले प्रदूषण को कम करने की दिशा में अगला अहम कदम है. इससे दिल्ली की हवा सुधारने में भी मदद मिल सकती है. उनके मुताबिक, अमेज़न और टाटा मोटर्स का सहयोग दिखाता है कि सरकार और उद्योग जगत मिलकर टिकाऊ शहरी माल ढुलाई को कैसे बढ़ावा दे सकते हैं.

अमेजन के पास पहले से 15,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियां

अमेजन के एशिया-पैसिफिक, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और तुर्की के ऑपरेशंस वाइस प्रेसिडेंट अभिनव सिंह ने कहा कि लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करना 2040 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करने के कंपनी के लक्ष्य का अहम हिस्सा है.

उन्होंने बताया कि भारत में अमेज़न की 15,000 से अधिक इलेक्ट्रिक गाड़ियां 500 से ज्यादा शहरों में चल रही हैं. कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरे समाधान तैयार करने में भी मदद कर रही है, ताकि उसके कैरियर पार्टनर्स और ड्राइवरों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने में आसानी हो. अभिनव सिंह के मुताबिक, टाटा मोटर्स के साथ साझेदारी का मकसद शहरों के भीतर माल ढुलाई से शुरुआत करके इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती को भारत के प्रमुख फ्रेट कॉरिडोर तक पहुंचाना है.

टाटा मोटर्स ने इलेक्ट्रिक ट्रकिंग को लेकर क्या कहा?

टाटा मोटर्स के वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड (ट्रक्स) राजेश कौल ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकिंग अब शुरुआती परीक्षण के दौर से आगे बढ़कर बड़े स्तर पर अपनाए जाने के चरण में पहुंच रही है. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर ज्यादा उत्पादन से लागत घट रही है और वाहनों की कुल लागत के लिहाज से इलेक्ट्रिक ट्रक ज्यादा फायदेमंद बन रहे हैं. इससे अलग-अलग श्रेणियों के फ्लीट ऑपरेटरों के लिए इनका इस्तेमाल व्यावहारिक विकल्प बन रहा है.

राजेश कौल के मुताबिक, अमेज़न इंडिया के साथ साझेदारी में वाहनों के अलावा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विसिंग और संचालन से जुड़ा सहयोग भी दिया जा रहा है. इससे बड़े लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में इलेक्ट्रिक ट्रकों को शामिल करने और परिवहन से होने वाले उत्सर्जन को घटाने में मदद मिल सकती है.

Tata Ultra E.7 इलेक्ट्रिक ट्रक की खासियतें

इस साझेदारी के तहत टाटा मोटर्स के टाटा अल्ट्रा E.7 इलेक्ट्रिक ट्रक तैनात किए जाएंगे. यह ट्रक इंटीग्रेटेड ई-एक्सल पर बना है. इसमें CCS2 फास्ट चार्जिंग, रीजेनरेटिव ब्रेकिंग और नई पीढ़ी का क्रैश-टेस्टेड केबिन दिया गया है. इसमें हाई-वोल्टेज सेफ्टी सिस्टम भी मौजूद हैं. कंपनी के मुताबिक, इस ट्रक को कम ऑपरेटिंग लागत, बेहतर अपटाइम और माल ढुलाई के लिए कम उत्सर्जन वाले विकल्प के तौर पर तैयार किया गया है.

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरे कार्यक्रमों पर भी काम

अमेजन भारत में अपने ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को इलेक्ट्रिक बनाने के लिए पहले से कई पहल कर रहा है. कंपनी के मुताबिक, याहवी की ओर से बनाए गए देशभर के 10 चार्जिंग यार्ड इस काम में मदद कर रहे हैं. अमेजन ‘द क्लाइमेट प्लेज’ का सह-संस्थापक है. इसके तहत कंपनी ने 2040 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करने का लक्ष्य रखा है. कंपनी भारत में कमर्शियल वाहनों के विद्युतीकरण को बढ़ावा देने वाली पहलों का भी समर्थन कर रही है.

इनमें C40 सिटीज के साथ चलाया गया लेनशिफ्ट प्रोग्राम शामिल है. इस कार्यक्रम के तहत बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर पर पायलट के तौर पर इलेक्ट्रिक ट्रक चलाए गए.

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