CNG गाड़ी चलाने वाले ध्यान दें, कार में साथ रखें ये सर्टिफिकेट, वरना नहीं मिलेगी गैस

दिल्ली में अब CNG रिफ्यूलिंग का नया नियम लागू हो गया है. अगर आप लोगों के पास हाइड्रो-टेस्ट सर्टिफिकेट नहीं है या फिर एक्सपायर हो चुका है तो आपकी गाड़ी में गैस नहीं भरी जाएगी, ऐसे में आपको पंप से खाली हाथ ही लौटकर वापस आना होगा.

सीएनजी रूल Image Credit: Canva/ Money9

CNG Car चलाते हैं तो ये खबर खास आपके लिए है. सीनियर अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है कि दिल्ली सरकार सीएनजी गाड़ियों के सिलेंडर के लिए जरूरी हाइड्रो-टेस्टिंग को सख्ती से लागू करेगी. इसका मतलब ये है कि अगर किसी व्यक्ति के पास हाइड्रो टेस्टिंग का सर्टिफिकेट है लेकिन वो एक्सपायर हो गया है या फिर सर्टिफिकेट ही नहीं है तो ऐसी स्थिति में सीएनजी नहीं मिलेगी और रीफ्यूलिंग मना कर दी जाएगी.

यह कदम 19 अगस्त को दिल्ली के एक फिलिंग स्टेशन पर सीएनजी सिलेंडर फटने के बाद उठाया गया है, जिसमें तीन पंप वर्कर मारे गए थे और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

हाइड्रो टेस्टिंग है जरूरी

इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, गैस सिलेंडर रूल्स (2025 अमेंडमेंट) के रूल 35(1) के तहत, CNG Cylinder का हर तीन साल में हाइड्रो टेस्ट होना चाहिए. टेस्ट यह चेक करता है कि सिलेंडर उस हाई प्रेशर को झेल सकता है जिस पर सीएनजी स्टोर की जाती है या नहीं. इस प्रोसेस के दौरान, सिलेंडर को खाली किया जाता है, पानी से भरा जाता है और हाई प्रेशर पर रखा जाता है. इससे लीक, दरारें, सूजन और दूसरी स्ट्रक्चरल प्रॉब्लम का पता लगाने में मदद मिलती है.

गाड़ियों में सीएनजी सिलेंडर आमतौर पर 200-250 बार के प्रेशर लेवल पर गैस स्टोर करते हैं. बार-बार इस्तेमाल प्रेशर में बदलाव और सड़क के वाइब्रेशन के संपर्क में आने से समय के साथ सिलेंडर पर असर पड़ सकता है. एक अधिकारी ने कहा कि समय-समय पर टेस्टिंग जरूरी है क्योंकि रूटीन इंस्पेक्शन के दौरान कुछ स्ट्रक्चरल डैमेज दिखाई नहीं दे सकते हैं.

नहीं है वैलिड सर्टिफिकेट तो नहीं होगी रीफ्यूलिंग

हाइड्रो-टेस्ट सर्टिफिकेट वह डॉक्यूमेंट है जो कंफर्म करता है कि सिलेंडर ने तय हाई-प्रेशर वॉटर टेस्ट पास कर लिया है और इस्तेमाल के लिए सेफ माना जाता है. दिल्ली में अब गाड़ी मालिकों से सीएनजी स्टेशन पर वैलिड सर्टिफिकेट दिखाने के लिए कहा जाएगा. जिन गाड़ियों के सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुके हैं या जो डॉक्यूमेंट नहीं दिखा पाए हैं, उन्हें रीफ्यूलिंग की इजाजत नहीं दी जाएगी.

साथ रखें सर्टिफिकेट

अधिकारी के मुताबिक, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने गाड़ियों में रीफ्यूलिंग से पहले हाइड्रो-टेस्ट सर्टिफिकेट की वैलिडिटी चेक करने के लिए सीएनजी स्टेशन पर एक स्पेशल ड्राइव शुरू की है. IGL के एक अधिकारी ने कहा कि हर सुरक्षित यात्रा के लिए समय-समय पर टेस्ट जरूरी है और उन्होंने गाड़ी मालिकों से कहा कि वह तय समय के अंदर अपने सिलेंडर का टेस्ट करवा लें. गाड़ी मालिकों को यह भी सलाह दी गई है कि टेस्ट पूरा करने के बाद वह हाइड्रो-टेस्ट सर्टिफिकेट अपनी गाड़ियों में रखें.

कहां से करवाएं CNG Cylinder का टेस्ट?

गाड़ी मालिकों के नियमों के मुताबिक, पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइज़ेशन से अप्रूव्ड सेंटर पर सीएनजी सिलेंडर का टेस्ट करवाना होगा. सख्त जांच का मकसद यह पक्का करना है कि गाड़ियों में सीएनजी सिलेंडर सुरक्षा की जरूरतों को पूरा करते रहें और जिन सिलेंडरों के टेस्ट सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुके हैं या उपलब्ध नहीं हैं, उनमें दोबारा ईंधन न भरा जाए.

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