EPFO ने PF क्लेम में की 35 दिन की देरी, 14 लाख के साथ इतनी ब्‍याज देने का आयोग ने सुनाया फैसला

EPFO से जुड़े एक मामले में मुंबई उपभोक्ता आयोग ने 14.06 लाख रुपये के PF क्लेम में 35 दिन की देरी पर 6% सालाना ब्याज देने का आदेश दिया. आयोग ने देरी को सेवा में कमी माना और EPFO को राहत नहीं दी.

PF क्लेम

Highlights

  • EPFO को 35 दिन की देरी पर 6% ब्याज देना होगा
  • 14 लाख रुपये के PF क्लेम में आयोग ने फैसला सुनाया
  • क्लेम में कमी हो तो EPFO को लिखित जानकारी देनी होगी

अगर आपका PF क्लेम लंबे समय तक अटका रहता है, तो यह खबर आपके काम की है. मुंबई उपभोक्ता आयोग ने एक मामले में EPFO को 14 लाख रुपये से ज्यादा के PF क्लेम पर 35 दिन की देरी के लिए 6% सालाना ब्याज देने का आदेश दिया है. आयोग ने EPFO की ओर से सही जानकारी नहीं देने को सेवा में कमी माना है.

14 लाख रुपये के PF क्लेम का मामला क्या है?

मामला एक रिटायर्ड कर्मचारी से जुड़ा है, जिसने 19 अक्टूबर 2016 को अपना PF क्लेम जमा किया था. कर्मचारी के मुताबिक, EPFO ने तय समय में उसके क्लेम का निपटारा नहीं किया.

दूसरी तरफ EPFO ने दलील दी कि कर्मचारी ने मूल क्लेम के साथ जरूरी जॉइंट डिक्लेरेशन जमा नहीं किया था. संगठन के मुताबिक, यह फॉर्म 7 नवंबर 2016 को वापस किया गया और पूरे दस्तावेज 2 दिसंबर 2016 को मिले. इसके बाद 14 दिसंबर को क्लेम का भुगतान कर दिया गया.

आयोग ने EPFO की दलील क्यों नहीं मानी?

मुंबई सब-अर्बन जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने EPFO की इस दलील को स्वीकार नहीं किया. आयोग ने कहा कि EPFO यह साबित नहीं कर पाया कि 19 अक्टूबर को जमा किया गया क्लेम अधूरा था.

आयोग के मुताबिक, अगर क्लेम में कोई कमी थी तो EPFO को कर्मचारी को इसकी लिखित जानकारी देनी चाहिए थी. ऐसी लिखित सूचना या रिजेक्शन लेटर पेश नहीं किया गया. इसी वजह से आयोग ने इसे सेवा में कमी माना.

35 दिन की देरी पर देना होगा ब्याज

आयोग ने 14,06,272 रुपये के PF क्लेम पर 35 दिन की देरी के लिए 6% सालाना ब्याज देने का आदेश दिया है. यह ब्याज 9 नवंबर 2016 से 13 दिसंबर 2016 तक की देरी की अवधि पर लागू होगा. EPFO को आयोग के आदेश का पालन करने के लिए 45 दिन का समय दिया गया है.

PF क्लेम अटकने पर क्या कर सकते हैं?

EPFO के पास PF और पेंशन से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए ‘निधि आपके निकट 2.0’ पहल भी है. इसके तहत अलग-अलग जिलों में कैंप लगाए जाते हैं, जहां कर्मचारी और पेंशनर PF क्लेम, UAN एक्टिवेशन, KYC, बैंक डिटेल में सुधार और पेंशन से जुड़ी समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इन कैंपों में अधिकारी मौके पर शिकायत दर्ज करने, दस्तावेजों की जांच करने और मामले को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं.

PF कर्मचारियों के लिए क्या सीख है?

इस मामले से यह साफ है कि PF क्लेम में अगर कोई दस्तावेज या जानकारी कम है, तो EPFO को उसकी जानकारी आवेदक को देनी चाहिए. इसलिए PF क्लेम करते समय सभी जरूरी दस्तावेज जमा करना और आवेदन की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है. अगर बिना उचित जानकारी के क्लेम में देरी होती है, तो कर्मचारी संबंधित शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल कर सकता है.

यह भी पढ़ें- भारत-रूस का 100 अरब डॉलर का खेल! इन 7 सेक्टर्स में आएगा बड़ा उछाल