मोदी- पुतिन की खास बॉन्डिंग, डिनर से कार तक ऐसे आगे बढ़ी भारत- रूस की दोस्ती, ऐसे मजबूत हुए रिश्ते
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंचे हैं . भारत रूस संबंधों के बीच यूक्रेन युद्ध, रूस की चीन पर बढ़ती निर्भरता और भारत के अमेरिका से मजबूत होते रिश्तों के कारण कई चुनौतियां हैं. इसके बावजूद मोदी और पुतिन के बीच प्राइवेट बातचीत का सिलसिला लगातार मजबूत हुआ है. 2015 से दोनों नेताओं ने औपचारिक बैठकों के अलावा प्राइवेट डिनर, यात्रा और इनफॉर्मल मुलाकातों के जरिए रिश्तों को मजबूती दी है.
Highlights
- मोदी और पुतिन की प्राइवेट मुलाकातों का सिलसिला 2015 से जारी है.
- यूक्रेन युद्ध के बावजूद भारत रूस के रिश्तों में मजबूती बनी रही.
- प्राइवेट बातचीत दोनों नेताओं को अहम मुद्दों पर खुलकर चर्चा का मौका देती है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को भारत आएं हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की . यह मुलाकात ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले हुई है. भारत और रूस के रिश्ते ऐसे समय में आगे बढ़ रहे हैं जब यूक्रेन युद्ध, रूस की चीन पर बढ़ती निर्भरता और भारत के अमेरिका के साथ मजबूत होते संबंधों ने रणनीतिक स्थिति को बदल दिया है. इसके बावजूद मोदी और पुतिन के बीच प्राइवेट और इनफॉर्मल बातचीत का सिलसिला लगातार मजबूत हुआ है. यही इनफॉर्मल संपर्क दोनों देशों के रिश्तों को मुश्किल समय में भी संभालने में अहम रहा है.
2015 में शुरू हुई प्राइवेट मुलाकातों की परंपरा
मोदी और पुतिन के बीच प्राइवेट बातचीत की शुरुआत दिसंबर 2015 में हुई थी. उस समय मोदी भारत रूस शिखर बैठक के लिए मॉस्को पहुंचे थे. पुतिन ने औपचारिक बैठक से अलग मोदी को अपने प्राइवेट निवास नोवो ओगार्योवो में डिनर के लिए बुलाया था. इस मुलाकात में दोनों नेताओं के अलावा केवल कुछ जरूरी लोग मौजूद थे. इस दौरान दोनों नेताओं ने बिना किसी औपचारिक माहौल के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत की. यही मुलाकात आगे चलकर दोनों नेताओं के बीच इनफॉर्मल बातचीत की एक खास परंपरा बन गई.
सोची में छह घंटे साथ रहे मोदी और पुतिन
मई 2018 में मोदी और पुतिन की इनफॉर्मल बातचीत का यह तरीका और आगे बढ़ा. मोदी रूस के सोची शहर पहुंचे, जहां दोनों नेताओं ने करीब छह घंटे साथ बिताए. इस दौरान दोनों ने सीमित लोगों की मौजूदगी में बातचीत की और साथ में लंच भी किया. इसके बाद दोनों नेताओं ने एक एथनोग्राफिक सेंटर और शिक्षा केंद्र का दौरा किया. दोनों ने नाव से यात्रा भी की. इस दौरान अफगानिस्तान, आतंकवाद, ईरान परमाणु समझौते और वैश्विक हालात जैसे गंभीर मुद्दों पर बातचीत हुई.
दिल्ली और व्लादिवोस्तोक में भी कायम रहा सिलसिला
2018 में पुतिन जब भारत आए तो मोदी ने उन्हें अपने आधिकारिक आवास पर प्राइवेट डिनर दिया. इस दौरान दोनों नेताओं के साथ केवल इंटरप्रेटर मौजूद थे. इसके बाद सितंबर 2019 में मोदी रूस के व्लादिवोस्तोक पहुंचे. वहां पुतिन ने मोदी के साथ एक शिप मैन्यूफैक्चिरिंग सेंटर का दौरा किया और दोनों ने नाव से यात्रा की. पुतिन ने मोदी के लिए प्राइवेट डिनर का भी आयोजन किया. इन मुलाकातों से साफ हुआ कि दोनों नेता औपचारिक बैठकों के अलावा भी एक दूसरे के साथ खुलकर बातचीत करने के लिए समय निकालते हैं.
यूक्रेन युद्ध के बाद प्राइवेट बातचीत की अहमियत बढ़ी
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत और रूस के रिश्तों के सामने सबसे बड़ी चुनौती आई. भारत ने रूस के खिलाफ पश्चिमी देशों की मुहिम का हिस्सा बनने से इनकार किया, लेकिन भारत ने युद्ध को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की. सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन से कहा था कि आज का दौर युद्ध का नहीं है. इसके बावजूद दोनों नेताओं के रिश्तों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया. युद्ध के शुरुआती दौर में मोदी ने पुतिन से फोन पर बात कर यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी का मुद्दा उठाया था. इससे पता चलता है कि दोनों देशों के बीच मतभेद होने के बावजूद बातचीत का रास्ता खुला रहा.
2024 में पुतिन ने मोदी को अपने घर में घुमाया
जुलाई 2024 में मोदी रूस पहुंचे तो पुतिन ने एक बार फिर उन्हें अपने प्राइवेट निवास नोवो ओगार्योवो में बुलाया. पुतिन ने मोदी के साथ चाय और नाश्ता किया और दोनों ने प्राइवेट माहौल में बातचीत की. इसके बाद पुतिन मोदी को अपने निवास के आसपास घुमाने भी ले गए. दोनों ने अस्तबल का दौरा किया और घुड़सवारी से जुड़ा कार्यक्रम देखा. इस दौरान यूक्रेन युद्ध, आर्थिक मुद्दों और रूस की सेना में शामिल भारतीय नागरिकों जैसे गंभीर मुद्दों पर भी बातचीत हुई.
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2025 में कार के अंदर 45 मिनट तक बातचीत
सितंबर 2025 में चीन के तियानजिन में मोदी और पुतिन की मुलाकात ने दोनों नेताओं के इनफॉर्मल रिश्ते को एक अलग रूप दिया. दोनों शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे. पुतिन ने मोदी को अपनी कार में बैठक स्थल तक चलने का न्योता दिया. दोनों रास्ते में बातचीत करते रहे और बैठक स्थल पहुंचने के बाद भी करीब 45 मिनट तक कार के अंदर ही बातचीत करते रहे. इस दौरान औपचारिक बैठक शुरू होने का इंतजार होता रहा. बाद में पुतिन ने बताया कि उन्होंने मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बातचीत की जानकारी भी दी थी.
