8th Pay Commission: 35,400 रुपये की सैलरी कैसे पहुंच सकती है 1.52 लाख, समझें पूरा कैलकुलेशन
8th Pay Commission से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है. कर्मचारी संगठनों ने DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग की है. उदाहरण के तौर पर 35,400 रुपये की मौजूदा बेसिक सैलरी 2.1 फिटमेंट फैक्टर से 74,340 रुपये हो सकती है. 7 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट और DA में औसतन 4 फीसदी बढ़ोतरी मानें तो 2033 तक बेसिक सैलरी 1,19,374 रुपये और DA समेत ग्रॉस सैलरी 1,52,798 रुपये तक पहुंच सकती है.
Highlights
- 8th Pay Commission में 35,400 रुपये की बेसिक सैलरी 74,340 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.
- 7 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट और DA बढ़ोतरी से 2033 तक ग्रॉस सैलरी 1,52,798 रुपये हो सकती है.
- DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग मान ली गई तो कर्मचारियों की सैलरी में और तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है.
8th Pay Commission को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच सैलरी बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है. कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने महंगाई भत्ते यानी DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग रखी है. मांग है कि जब DA बेसिक सैलरी के 25 फीसदी से ज्यादा हो जाए तो इसे बेसिक पे में जोड़ दिया जाए. इसके अलावा 6 से 7 फीसदी तक सालाना इंक्रीमेंट की भी मांग की गई है. अगर इन प्रस्तावों को मान लिया जाता है तो आने वाले वर्षों में कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
35,400 रुपये की बेसिक सैलरी से शुरुआत
इसे समझने के लिए 7th Pay Commission के तहत Level 6 कर्मचारी का उदाहरण लेते हैं. इस कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 35,400 रुपये है. अब अगर 8th Pay Commission में 2.1 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो नई बेसिक सैलरी 74,340 रुपये हो जाएगी. यानी केवल फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही बेसिक पे में काफी बढ़ोतरी हो सकती है. इसके बाद सालाना इंक्रीमेंट और DA में बढ़ोतरी से कर्मचारी की कुल सैलरी और तेजी से बढ़ सकती है.
8th Pay Commission में 74,340 रुपये होगी बेसिक
दिए गए उदाहरण में 35,400 रुपये की मौजूदा बेसिक सैलरी पर 2.1 का फिटमेंट फैक्टर लगाया गया है. इस हिसाब से 8th Pay Commission के बाद बेसिक सैलरी 74,340 रुपये बैठती है. हालांकि यह केवल एक अनुमान है क्योंकि 8th Pay Commission का अंतिम फिटमेंट फैक्टर अभी तय नहीं हुआ है. इसलिए 74,340 रुपये को संभावित बेसिक सैलरी के तौर पर देखना चाहिए, न कि तय रकम के रूप में.
हर साल 7 फीसदी इंक्रीमेंट का असर
कर्मचारी संगठनों ने सालाना इंक्रीमेंट को बढ़ाने की भी मांग की है. उदाहरण में 7 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट मानकर कैलकुलेशन किया गया है. अगर 74,340 रुपये की बेसिक सैलरी पर हर साल 7 फीसदी की बढ़ोतरी होती है तो अगले कुछ वर्षों में बेसिक पे तेजी से बढ़ेगी. अनुमान के मुताबिक 1 जनवरी 2033 तक कर्मचारी की बेसिक सैलरी करीब 1,19,374 रुपये पहुंच सकती है.
DA बढ़ने से कितनी होगी कुल सैलरी
इस गणना में हर साल DA में औसतन 4 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी भी मानी गई है. 2033 तक अगर DA करीब 28 फीसदी रहता है तो 1,19,374 रुपये की बेसिक सैलरी पर DA करीब 33,425 रुपये होगा. इस तरह बेसिक पे और DA को मिलाकर कर्मचारी की अनुमानित ग्रॉस सैलरी करीब 1,52,798 रुपये हो सकती है. यानी 2026 की 74,340 रुपये की अनुमानित बेसिक सैलरी के मुकाबले कुल रकम काफी ज्यादा हो जाएगी.
DA बेसिक में मर्ज हुआ तो क्या होगा
अब इस गणना का सबसे अहम हिस्सा DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब DA 25 फीसदी से ज्यादा हो जाए तो इसे बेसिक पे में शामिल किया जाना चाहिए. अगर भविष्य में ऐसा होता है और ऊपर दिए गए अनुमान के मुताबिक कर्मचारी को 1,52,798 रुपये बेसिक और DA के तौर पर मिल रहे हों, तो यह रकम आगे की बेसिक सैलरी का आधार बन सकती है. इससे भविष्य की सैलरी और भत्तों पर भी असर पड़ सकता है.
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7 साल में दोगुनी सैलरी का कैसे बना अनुमान
इस उदाहरण में जनवरी 2026 में 8th Pay Commission के बाद अनुमानित बेसिक सैलरी 74,340 रुपये है. वहीं जनवरी 2033 तक बेसिक और DA मिलाकर अनुमानित रकम 1,52,798 रुपये पहुंचती है. यानी करीब सात साल में यह रकम दोगुने से ज्यादा हो जाती है. हालांकि यह पूरा कैलकुलेशन 2.1 फिटमेंट फैक्टर, 7 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट और DA में औसतन 4 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी जैसी धारणाओं पर आधारित है. 8th Pay Commission की अंतिम सिफारिश आने के बाद ही वास्तविक आंकड़े स्पष्ट होंगे.
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