Budget 2026 News: MedTech सेक्टर की उम्मीदें, नीति समर्थन से भारत बन सकता है ग्लोबल हेल्थकेयर हब

Union Budget 2026-27 LIVE Updates in Hindi: भारतीय अर्थव्यवस्था पर सरकार की हेल्थ रिपोर्ट, इकोनॉमिक सर्वे 2026 को 29 जनवरी को संसद में पेश किया गया. इकोनॉमिक सर्वे 2026 के अनुसार, मजबूत मैक्रो फंडामेंटल्स और कई रेगुलेटरी सुधारों के कारण FY27 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 6.8-7.2% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.

बजट 2025 पेश करने के लिए तैयार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण Image Credit: PTI

Summary

  1. कहां देख सकेंगे बजट की लाइव कवरेज?
  2. बजट से पहले केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'यह एक अच्छा बजट होगा'
  3. बजट में महिलाओं का समय बचाने पर फोकस क्यों जरूरी
  4. बजट से पहले जान लें क्या होता है कैपिटल बजट, फिस्कल पॉलिसी, रेवेन्यू बजट
  5. Budget 2026: अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाले ये मुद्दे होंगे सबसे महत्वपूर्ण

Live Coverage

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  • Jan 31 2026 09:38 PM IST

    कहां देख सकेंगे बजट की लाइव कवरेज?

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में बजट पेश करेंगी. इस बजट भाषण को आप Sansad TV के YouTube चैनल पर लोकसभा और राज्यसभा के LIVE फीड के जरिए कई भाषाओं में देख सकेंगे. इसके अलावा Money9 और TV9 हिंदी के YouTube चैनल पर भी बजट से जुड़ी विशेष कवरेज उपलब्ध होगी जहां एक्सपर्ट्स के विश्लेषण के जरिए बजट को आसान और सरल भाषा में समझाया जाएगा.

  • Jan 31 2026 08:45 PM IST

    बजट से पहले केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'यह एक अच्छा बजट होगा'

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को भरोसा जताया कि 2026-27 का बजट एक अच्छा बजट होगा. यह बजट 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया जाएगा. पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री ने पिछले वर्षों में लगातार उत्कृष्ट बजट पेश किए हैं और यह उनका नौवां बजट होगा, जो किसी भी तरह से अलग नहीं होगा. उन्होंने पीटीआई से कहा, “यह एक अच्छा बजट होगा…मुझे पूरा भरोसा है कि यह बहुत अच्छा बजट होगा.”

  • Jan 31 2026 08:08 PM IST

    बजट में महिलाओं का समय बचाने पर फोकस क्यों जरूरी

    टाइम यूज सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं पर बिना वेतन वाले घरेलू काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है. ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि बजट में केवल महिलाओं के लिए योजनाओं की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी नीतियां बननी चाहिए जो सीधे तौर पर उनका समय बचाएं. मसलन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर महिलाओं के नाम होना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन अगर उस घर में पीने का पानी, शौचालय, बिजली और साफ ईंधन जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं होंगी, तो महिलाओं की रोजमर्रा की जिम्मेदारियां कम नहीं होंगी. इसलिए बजट से उम्मीद की जा रही है कि वह “संपूर्ण महिला-अनुकूल आवास” को प्राथमिकता देगा, जिससे महिलाओं का समय बचे और वे शिक्षा, रोजगार व आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ सकें.

  • Jan 31 2026 07:19 PM IST

    बजट से पहले जान लें क्या होता है कैपिटल बजट, फिस्कल पॉलिसी, रेवेन्यू बजट

    Budget 2026 से पहले बजट से जुड़े जरूरी टर्म्स को आसान भाषा में समझना बेहद जरूरी है, ताकि आम आदमी बजट के फैसलों को सही तरीके से समझ सके. बजट में इस्तेमाल होने वाले शब्द जैसे फिस्कल पॉलिसी, कैपिटल बजट, रेवेन्यू बजट, कैपेक्स, टैक्स, डेफिसिट और GDP अक्सर जटिल लगते हैं. लेकिन अगर इनका मतलब साफ हो जाए, तो बजट को समझना काफी आसान हो जाता है. बजट से जुड़े जरूरी टर्म्स को आप आसानी से यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

  • Jan 31 2026 06:47 PM IST

    Budget 2026: अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाले ये मुद्दे होंगे सबसे महत्वपूर्ण

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रिकॉर्ड नौवीं बार बजट पेश करने जा रही हैं, जिसमें राजकोषीय घाटा, पूंजीगत खर्च, सरकारी उधारी और कर्ज घटाने की रणनीति पर खास नजर रहेगी. बाजार यह समझना चाहता है कि सरकार FY27 के लिए घाटे और कर्ज-जीडीपी अनुपात को लेकर क्या संकेत देती है. इसके अलावा टैक्स कलेक्शन, जीएसटी राजस्व और नाममात्र जीडीपी ग्रोथ के अनुमान भी बजट की दिशा तय करेंगे. कुल मिलाकर, यह बजट सरकार की वित्तीय अनुशासन और विकास रणनीति का रोडमैप बताएगा. बाजार को इन मुद्दों पर सरकार से क्या उम्मीद है, ये पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

  • Jan 31 2026 06:06 PM IST

    शेयर बाजार 1 फरवरी: बजट के दिन फोकस में रहेंगे ये सेक्टर

    Swastika Investmart के हेड ऑफ रिसर्चग संतोष मीणा के अनुसार, बजट के दिन इंडेक्स के अलावा बाजार की नजर उन हाई-ग्रोथ सेक्टर्स पर रहेगी, जहां सरकारी पूंजीगत खर्च और नीतिगत बदलावों की उम्मीद है. खास तौर पर डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर पर फोकस रहेगा, जिन्हें आमतौर पर बजट आवंटन से फायदा मिलता है. इसके साथ ही फाइनेंशियल्स और हाउसिंग सेक्टर भी अहम रहेंगे, क्योंकि ये टैक्स प्रोत्साहन और ब्याज दरों से जुड़ी टिप्पणियों के प्रति संवेदनशील होते हैं.

    उन्होंने कहा कि ज्यादातर ट्रेडर्स के लिए सबसे सुरक्षित रणनीति यही है कि रविवार को पोज़िशन साइज बहुत छोटा रखें या फिर सोमवार तक इंतजार करें, जब संस्थागत निवेशकों का ट्रेंड साफ तौर पर सामने आ जाए.

  • Jan 31 2026 05:14 PM IST

    बजट से पहले MedTech सेक्टर की उम्मीदें

    SS Innovations International के सीईओ, फाउंडर और चेयरमैन डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि जैसे-जैसे भारत केंद्रीय बजट की ओर बढ़ रहा है, मेडिकल टेक्नोलॉजी और सर्जिकल रोबोटिक्स सेक्टर एक बेहद अहम मोड़ पर खड़ा है. मजबूत क्लिनिकल विशेषज्ञता, इंजीनियरिंग क्षमताओं और लागत के फायदे के साथ भारत के पास यह मौका है कि वह वैश्विक स्तर पर MedTech मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का बड़ा केंद्र बन सके. इस क्षमता को साकार करने के लिए सरकार की ओर से लक्षित नीतिगत समर्थन जरूरी है, जिसमें स्वदेशी R&D को प्रोत्साहन, कंपोनेंट स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना और सर्जिकल रोबोटिक्स व AI आधारित हेल्थकेयर जैसी आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाने की व्यवस्था शामिल है.

    घरेलू स्तर पर निर्मित मेडिकल डिवाइस पर GST को तर्कसंगत बनाना, R&D के लिए टैक्स प्रोत्साहन बढ़ाना, लंबी अवधि के सस्ते फंड तक पहुंच आसान करना और रेगुलेटरी व एक्सपोर्ट प्रक्रियाओं को सरल बनाना—ये सभी कदम इनोवेशन को गति देंगे, स्केल बढ़ाएंगे और भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगे. मेड-इन-इंडिया सर्जिकल रोबोटिक्स कंपनी के रूप में SS Innovations का मानना है कि सही नीतिगत ढांचा भारत को किफायती, उच्च गुणवत्ता वाली मेडिकल टेक्नोलॉजी के अगले वैश्विक दौर में नेतृत्व करने में सक्षम बना सकता है.

  • Jan 31 2026 04:41 PM IST

    Budget 2026: कितनी मिलती है टैक्स रिबेट?

    इनकम टैक्स एक्ट की धारा 87A के तहत रिबेट एक टैक्स छूट है, जो मध्यम और कम आय वाले लोगों को दी जाती है. यह छूट सिर्फ भारत के नागरिकों को मिलती है, जिनकी आय 10% टैक्स स्लैब में आती है. नए टैक्स सिस्टम में 12 लाख रुपये तक की आय पर 60,000 रुपये तक की रिबेट मिलती है, जबकि पुराने टैक्स सिस्टम में 5 लाख रुपये तक की आय पर 12,500 रुपये की रिबेट दी जाती है. इस आय सीमा में आने वाले लोगों को कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता.

  • Jan 31 2026 04:00 PM IST

    Budget 2026: बैंक डिपॉजिट और इक्विटी निवेश पर टैक्स में हो समानता

    बजट से ठीक पहले SBI के चेयरमैन सी.एस. सेट्टी ने बैंक जमा और इक्विटी निवेश पर टैक्स ट्रीटमेंट में समानता की मांग की है. उन्होंने कहा कि दुनिया के दूसरे देशों में इक्विटी को अलग से टैक्स छूट नहीं दी जाती और भारत में भी सभी वित्तीय बचत साधनों के लिए बराबरी का मैदान होना चाहिए. सेट्टी के मुताबिक, पहले इक्विटी निवेश को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में राहत जरूरी थी, लेकिन अब जब जोखिम वाले बाजारों में लोगों की दिलचस्पी बढ़ चुकी है, तो इसकी जरूरत नहीं रह गई है. बैंकर्स का मानना है कि इक्विटी पर कम टैक्स की वजह से लोग बैंक डिपॉजिट से पैसा निकालकर शेयर बाजार में लगा रहे हैं, जिससे बैंकों के पास कर्ज देने के लिए संसाधन कम हो रहे हैं. इसके अलावा, उन्होंने GIFT सिटी के IFSC में आय पर मिलने वाली 10 साल की टैक्स छुट को बढ़ाने की भी मांग की है, ताकि वहां कारोबारी गतिविधियां तेज हो सकें.

  • Jan 31 2026 03:43 PM IST

    Budget 2026: सैलरी क्लास को बजट से बड़ी उम्मीद

    वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश होने में अब कुछ ही घंटे शेष हैं. बजट में होने वाले ऐलानों को लेकर सबसे अधिक ध्यान इस बात पर रहता है कि नए वित्त वर्ष में क्या सस्ता होगा और किन वस्तुओं और सेवाओं पर खर्च बढ़ सकता है. इसके साथ ही इनकम टैक्स से जुड़े फैसलों, खासकर टैक्स रिबेट, पर भी लोगों की खास नजर रहती है.

    बीते वित्त वर्ष में सरकार ने 12 लाख रुपये तक की आय पर इनकम टैक्स में छूट दी थी. इसके अलावा सैलरी पाने वाले टैक्सपेयर्स को स्टैंडर्ड डिडक्शन के तहत 75 हजार रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट भी मिलती है. इस तरह सैलरी क्लास के लिए कुल 12 लाख 75 हजार रुपये तक की आय इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रहती है.

    हालांकि इस वर्ष टैक्स में बड़ी छूट की उम्मीद कम नजर आ रही है, क्योंकि सरकार पहले ही बड़ी राहत दे चुकी है. लेकिन स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. यदि इसमें कोई बदलाव होता है, तो इसका सीधा लाभ सैलरी क्लास को मिल सकता है और यह उनके लिए एक बड़ी सौगात साबित हो सकती है.

  • Jan 31 2026 03:11 PM IST

    Budget Day Trading Strategy: बजट वाले दिन ट्रेडिंग में क्यों जरूरी है खास सतर्कता?

    बजट वाले दिन शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना हमेशा से हाई रिस्क भरा माना जाता है. बाजार की तेज चाल और अचानक उतार-चढ़ाव के बीच रिटेल निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. ब्रोकरेज फर्म Swastika Investmart के हेड ऑफ रिसर्च संतोष मीणा का कहना है कि बजट डे पर ट्रेडिंग से पहले निवेशकों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है.

    संतोष मीणा के मुताबिक, बजट डे पर भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में सबसे ज्यादा वोलैटाइल दिनों में से एक रहा है. तेज प्राइस मूवमेंट के कारण अक्सर ऐसा होता है कि बाजार किसी एक दिशा में टिकने से पहले ही दोनों तरफ स्टॉप-लॉस हिट कर देता है, जिससे रिटेल ट्रेडर्स को नुकसान उठाना पड़ता है. उनका मानना है कि रविवार को दिखने वाली शुरुआती प्रतिक्रिया सिर्फ शोर हो सकती है. बजट के असली असर और नीतिगत बदलावों की सही दिशा सोमवार को तब सामने आएगी जब बड़े खिलाड़ी बजट के बारीक पहलुओं को समझकर बाजार में सक्रिय होंगे. संतोष मीणा ने अहम लेवल भी बताए हैं. उनके अनुसार, Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट 24,900, जबकि मजबूत बेस 24,500 पर है. ऊपर की ओर 25,500 और 25,800 अहम रेजिस्टेंस लेवल हैं. Bank Nifty में सपोर्ट 59,000 और 58,000, जबकि बड़े रेजिस्टेंस 60,600 और 61,800 पर हैं. उन्होंने कहा कि इन लेवल्स का हाई वॉल्यूम के साथ ब्रेक होना ही पोस्ट-बजट ट्रेंड तय करेगा.

  • Jan 31 2026 02:54 PM IST

    Budget 2026: चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की मांग

    भारत अपनी जरूरत की चांदी का 80% से ज्यादा हिस्सा आयात करता है, इसलिए टैरिफ में किसी भी बदलाव का असर घरेलू कीमतों और मांग पर तेजी से पड़ता है. फिलहाल भारत में चांदी पर करीब 7.5% कस्टम ड्यूटी और 3% जीएसटी लगता है, जबकि इसकी कीमतें अक्सर वैश्विक ट्रेंड के आधार पर बदलती रहती हैं. बजट से पहले विश्लेषकों का मानना है कि अगर सरकार इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती करती है, तो घरेलू कीमतों में नरमी आ सकती है. इससे ज्वैलरी खरीदारों और निवेशकों के लिए फिजिकल सिल्वर ज्यादा आकर्षक हो सकता है.

  • Jan 31 2026 02:09 PM IST

    पुराने टैक्स सिस्टम पर अभी रहेगी राहत

    पुराने और नए टैक्स सिस्टम को लेकर बजट 2026 से पहले चर्चा तेज है. माना जा रहा है कि सरकार आने वाले कुछ सालों में पुराने टैक्स सिस्टम को धीरे-धीरे खत्म कर सकती है, लेकिन इस बार के बजट में इसके हटने की संभावना कम है. इसकी बड़ी वजह यह है कि सरकार पिछले कुछ सालों से नए टैक्स सिस्टम में ज्यादा राहत और फायदे जोड़ रही है, जिससे पुराना सिस्टम धीरे-धीरे कम अहम होता जा रहा है. इसके बावजूद अभी भी बड़ी संख्या में लोग पुराने टैक्स सिस्टम के तहत रिटर्न भरते हैं क्योंकि इसमें कई तरह की टैक्स छूट और कटौतियों का फायदा मिलता है. यही कारण है कि बजट 2026 में पुराने टैक्स सिस्टम को पूरी तरह खत्म किए जाने की उम्मीद कम मानी जा रही है.

  • Jan 31 2026 01:42 PM IST

    Budget 2026: नए टैक्स रिजीम में होम लोन और हेल्थ इंश्योरेंस पर छूट की उम्मीद

    बजट 2026 में नए टैक्स रिजीम के तहत आम लोगों को राहत देने वाले दो अहम प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है. न्यूज18 ने सोर्स के हवाले से रिपोर्ट किया है कि पहला प्रस्ताव होम लोन पर ब्याज को लेकर है. सरकार नए टैक्स रिजीम में भी 2 लाख रुपये तक के होम लोन ब्याज पर कटौती देने पर मंथन कर रही है, जो फिलहाल सिर्फ पुराने टैक्स रिजीम में उपलब्ध है. अगर यह लागू होता है तो घर खरीदने वालों को बड़ी राहत मिल सकती है.

    दूसरा प्रस्ताव हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम से जुड़ा है. इसके तहत नए टैक्स रेजीम में 50,000 रुपये तक के मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम पर कटौती की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है. बढ़ती स्वास्थ्य लागत को देखते हुए यह कदम मध्यम वर्ग के लिए खासा फायदेमंद हो सकता है.

  • Jan 31 2026 01:18 PM IST

    Budget 2026: STT को हटाए जाने की उम्‍मीद

    सिक्योरिटीज ट्रेड में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) पहले से मौजूद कैपिटल गेन टैक्स और ब्रोकरेज लागत के साथ मिलकर कुल लेनदेन खर्च को काफी बढ़ा देता है. टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि Budget 2026 में STT को हटाया जाएगा, क्योंकि इससे छोटे निवेशकों को बड़ी राहत मिल सकती है. इससे न सिर्फ ट्रांजैक्शन कॉस्ट कम होगी, बल्कि निवेशकों के लिए बाजार में लिक्विडिटी भी बढ़ेगी, जिससे सिक्योरिटीज में व्यापक भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा.

  • Jan 31 2026 12:28 PM IST

    Budget 2026: स्टैंडर्ड डिडक्शन 1 लाख होने की उम्मीद

    सरकार से टैक्सपेयर्स को और अधिक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. न्यू टैक्स रिजीम में मौजूदा 75,000 रुपये की स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 1,00,000 रुपये किए जाने की संभावना जताई जा रही है. साथ ही, ओल्ड टैक्स रिजीम में बचत को बढ़ावा देने के लिए धारा 80C के तहत मिलने वाली कटौती की सीमा को मौजूदा 1,50,000 रुपये से बढ़ाकर 2,00,000 रुपये करने की भी उम्मीद. इससे आम लोगों को अधिक टैक्स बचत का लाभ मिल सकेगा.

  • Jan 31 2026 11:59 AM IST

    इनसॉल्वेंसी मामलों को तेज करने के लिए IBC को मजबूत बनाए सरकार

    केंद्रीय बजट से पहले इनसॉल्वेंसी मामलों को लेकर एक अहम सवाल फिर सामने आया है. इनसॉल्वेंसी मामलों में केस में लगातार हो रही देरी को लेकर Shardul Amarchand Mangaldas & Co. के नेशनल प्रैक्टिस हेड अनीप रावत का कहना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह NCLT में सुविधाओं और बेंचों की कमी है. ANI को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर सरकार IBC को मजबूत बनाना चाहती है, तो बजट में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करना होगा. ज्यादा बेंच होंगी तो केस तेजी से निपटेंगे, कंपनियों के अटके फैसले जल्दी होंगे और बैंकों का पैसा समय पर वापस आ सकेगा. इससे न सिर्फ सिस्टम तेज होगा, बल्कि आम निवेशक और नौकरीपेशा लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा कि कानून समय पर काम कर रहा है.

  • Jan 31 2026 10:47 AM IST

    Budget 2026: सबसे लंबा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड

    वक्‍त के साथ बजट पेश करने के अंदाज में भी बदलाव आया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2020 में समय के लिहाज से सबसे लंबा बजट भाषण दिया था. यह भाषण 2 घंटे 42 मिनट तक चला था. वहीं शब्दों के हिसाब से सबसे लंबा बजट भाषण पूर्व वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने साल 1991 में दिया था. उनके ऐतिहासिक बजट भाषण में करीब 18,650 शब्द थे, जिसे अब तक का सबसे विस्तृत बजट भाषण माना जाता है.

  • Jan 31 2026 10:03 AM IST

    Budget 2026: ब्रीफकेस से लेकर टैबलेट तक बजट का सफर

    70 साल से ज्यादा समय तक भारत का बजट एक लाल ब्रीफकेस में लेकर जाया जाता था. यह परंपरा ब्रिटेन से ली गई थी. लेकिन साल 2019 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस पुरानी परंपरा को तोड़ा और बजट को एक सुंदर बही-खाता (लाल रंग की पारंपरिक लेखा-बही) में लेकर आईं.

    फिर 2021 में कोरोना की वजह से बजट कागज पर नहीं छपा, पूरी तरह डिजिटल हो गया. लेकिन तब भी डिजिटल टैबलेट को उसी लाल बही-खाते जैसी खूबसूरत डिजाइन वाले केस में लेकर जाया गया. इस तरह पुरानी परंपरा और नई आधुनिकता का बहुत सुंदर मेल हुआ.

  • Jan 31 2026 09:07 AM IST

    Budget 2026: क्रिप्टो इंडस्ट्री को बजट से है ये उम्मीद

    पिछले कुछ सालों में नए-नए निवेश के विकल्प बहुत तेजी से आए हैं जिनमें क्रिप्टोकरेंसी सबसे ज्यादा चर्चित है और निवेशकों के बीच इसकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई है. अभी क्रिप्टो पर कोई पूरा और स्पष्ट नियम-कानून नहीं बना है लेकिन ये पूरी तरह गैरकानूनी भी नहीं माने जाते. इसलिए बजट से बड़ी उम्मीद है कि क्रिप्टो और अन्य वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDAs) पर साफ-साफ नियम आएंगे और टैक्स में कुछ राहत भी मिल सकती है. भारतीय कानून में VDA की परिभाषा ऐसी है कि कोई भी डिजिटल जानकारी, कोड, नंबर या टोकन जो क्रिप्टोग्राफिक तरीके से बना हो और जिसे खरीदा-बेचा, स्टोर किया या ट्रेड किया जा सके वो VDA कहलाता है जिसमें क्रिप्टोकरेंसी, NFT आदि शामिल हैं. अभी क्रिप्टो से होने वाली कमाई पर 30 प्रतिशत फ्लैट टैक्स लगता है और हर ट्रांजेक्शन पर 1 प्रतिशत TDS भी कट जाता है लेकिन कोई लॉस एडजस्ट या डिडक्शन की सुविधा नहीं है.

  • Jan 31 2026 08:32 AM IST

    Budget 2026: 1 फरवरी को क्यों पेश होता है बजट?

    2017 से पहले बजट फरवरी के अंतिम दिन पेश होता था, लेकिन बजट को हर साल फरवरी के आखिरी दिन पेश करने की पुरानी परंपरा को 2017 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बदल दिया. उन्होंने बजट 1 फरवरी को पेश किया. ऐसा करने का मुख्य कारण यह था कि नए वित्तीय साल की शुरुआत 1 अप्रैल से होती है, इसलिए अधिकारियों को बजट को मंजूरी देने और उसे लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके.

  • Jan 31 2026 07:58 AM IST

    Budget 2026: कैसे बदली बजट की टाइमिंग?

    पहले केंद्रीय बजट को फरवरी के आखिरी दिन शाम 5 बजे पेश किया जाता था. इसका मकसद लंदन में मौजूद ब्रिटिश अधिकारियों के कार्य समय के साथ तालमेल बैठाना था. इस परंपरा को 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्‍हा ने बदल दिया. उन्होंने बजट को सुबह 11 बजे पेश करने की शुरुआत की, ताकि भारतीय अधिकारी उसी कार्यदिवस में बजट पर काम शुरू कर सकें. तब से लेकर अब तक बजट को सुबह 11 बजे पेश करने की परंपरा लगातार जारी है.

  • Jan 31 2026 07:10 AM IST

    Budget 2026: वक्‍त के साथ कैसे बदला बजट का स्‍वरूप

    1 फरवरी 2026 को संसद में पेश होने वाले बजट में देश की आर्थिक सेहत और भविष्य की दिशा तय होगी. आम नागरिकों से लेकर विशेषज्ञों तक, सभी की नजरें इस बजट पर टिकी हुई हैं. हालांकि बजट सिर्फ आंकड़ों और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसका इतिहास भी काफीदिलचस्प रहा है. कभी बजट दस्तावेज ब्रीफकेस में संसद लाए जाते थे, तो कभी पारंपरिक ‘बही-खाता’ में पेश किए गए. वहीं कुछ दौर ऐसे भी रहे, जब बजट की कॉपी को ‘ब्लू शीट’ कहा जाता था. समय के साथ बजट पेश करने का तरीका बदला है, लेकिन इसका महत्व हमेशा बना रहा है. बजट न केवल सरकार की आमदनी और खर्च का लेखा-जोखा पेश करता है, बल्कि यह देश की आर्थिक प्राथमिकताओं, नीतियों और भविष्य की विकास यात्रा का भी संकेत देता है.

Budget 2026 News LIVE: 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट में अब सिर्फ एक दिन बाकी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नौंवी बार संसद के पटल पर बजट स्पीच देंगी. यह पहली बार है कि भारत का यूनियन बजट कम से कम एक दशक में रविवार को पेश किया जाएगा. हलवा सेरेमनी, जो यूनियन बजट 2026-27 की तैयारी प्रक्रिया का आखिरी चरण है, 27 जनवरी को नॉर्थ ब्लॉक में बजट प्रेस में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में हुई. हलवा सेरेमनी अधिकारियों को यूनियन बजट तैयार करने के लिए लॉक होने से पहले होती है. खास बात यह है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर सरकार की हेल्थ रिपोर्ट, इकोनॉमिक सर्वे 2026 को 29 जनवरी को संसद में पेश किया गया. इकोनॉमिक सर्वे 2026 के अनुसार, मजबूत मैक्रो फंडामेंटल्स और कई रेगुलेटरी सुधारों के कारण FY27 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 6.8-7.2% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.

इस लाइव ब्लॉग में हम बजट के दिन से पहले आपको लगातार अपडेट, उम्मीदें, एक्सपर्ट कमेंट्री और अहम पॉलिसी सिग्नल से जुड़ी जानकारियां देते रहेंगे.