प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स को खरीदने के करीब अपोलो माइक्रो सिस्टम्स, डिफेंस सेक्टर में बड़ी डील की तैयारी
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स भारत की डिफेंस क्षमताओं को स्वदेशी बनाने और उन्हें आधुनिक बनाने के प्रोग्रम के तहत कई तरह के रक्षा उपकरण बनाती है. प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स डिफेंस और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए विस्फोटक बनाती है.

डिफेंस मैन्युफैक्चरर ‘अपोलो माइक्रो सिस्टम्स‘ ‘प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स’ को खरीदने के लिए एक डील के करीब है. इस डील की कीमत 2,300-2,500 करोड़ रुपये होगी, जिसमें टारगेट कंपनी के माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के लिए ओपन ऑफर की लागत भी शामिल है. रिपोर्ट के अनुसार, प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स की बोर्ड मीटिंग आज होनी है. अपोलो माइक्रो सिस्टम्स और प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स, दोनों का हेडक्वार्टर हैदराबाद में है.
रक्षा उपकरण बनाती है कंपनी
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स भारत की डिफेंस क्षमताओं को स्वदेशी बनाने और उन्हें आधुनिक बनाने के प्रोग्रम के तहत कई तरह के रक्षा उपकरण बनाती है. इन उपकरणों में नौसेना की सुरक्षा के लिए कई तरह की माइन्स और मिसाइल सिस्टम के पार्ट्स शामिल हैं.
विस्फोटक बनाती है प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स
प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स डिफेंस और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए विस्फोटक बनाती है. इनमें TNT (ट्रिनिट्रोटोल्यूइन) जैसे विस्फोटक और मिसाइल दागने में इस्तेमाल होने वाले प्रोपेलेंट शामिल हैं. प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स के प्रमोटरों की कंपनी में लगभग 40 फीसदी हिस्सेदारी है. हाल ही में उनकी हिस्सेदारी एक ट्रस्ट को ट्रांसफर कर दी गई, क्योंकि पहले यह प्रमोटरों के पास उनकी व्यक्तिगत क्षमता में थी.
वारंट के जरिए फंड जुटाने की योजना
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने इस हफ्ते की शुरुआत में प्रमोटर और नॉन-प्रमोटर संस्थाओं को शेयर और वारंट जारी करके 3,200 करोड़ रुपये जुटाने की घोषणा की. इस फंडिंग में कई विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक, ज्यादा नेट वर्थ वाले व्यक्ति और फ़ंड शामिल होंगे.
बढ़ रहा है भारत का डिफेंस खर्च
भारत का डिफेंस खर्च और एक्सपोर्ट दोनों बढ़ रहे हैं, जिससे प्राइवेट सेक्टर की कई कंपनियों के लिए आने वाले उछाल में शामिल होने का रास्ता बन रहा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2026-27 में भारत का डिफेंस खर्च 7.5 लाख करोड़ रुपये होगा, जो एक दशक पहले के मुकाबले तीन गुना है. एक्सपोर्ट 35,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है.
प्राइवेट सेक्टर कर रहा डिफेंस में निवेश
हाल ही में, अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस जैसी प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों ने डिफेंस सेक्टर में निवेश बढ़ाने की योजना का ऐलान किया है. अडानी ने हाल ही में मध्य प्रदेश में TNT और प्रोपेलेंट बनाने के लिए एक नए प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया है. कंपनी की एयरक्राफ्ट बनाने के लिए एम्ब्रेयर (Embraer) के साथ भी पार्टनरशिप है. टाटा जैसी दूसरी कंपनियां भी लॉकहीड मार्टिन और बोइंग जैसी इंटरनेशनल कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं.