UPI में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का बढ़ा क्रेज, जून में 60 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन
भारत में UPI के जरिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. NPCI के मुताबिक, जून 2026 में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए 61.1 करोड़ से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जिनका कुल कीमत 25,416 करोड़ रुपये रहा. यह सुविधा UPI PIN की जरूरत को कम करते हुए फिंगरप्रिंट और फेस रिकग्निशन के जरिए तेज भुगतान की सुविधा देती है.
UPI Biometric Authentication: भारत में डिजिटल पेमेंट का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और अब UPI में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के मुताबिक, जून 2026 में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए 60 करोड़ से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए. यह दिखाता है कि बड़ी संख्या में यूजर्स अब UPI PIN की बजाय फिंगरप्रिंट और फेस रिकग्निशन जैसे सुरक्षित और तेज विकल्पों को अपना रहे हैं. NPCI का मानना है कि आने वाले समय में ज्यादा बैंक और UPI ऐप्स इस सुविधा को शुरू करेंगे, जिससे डिजिटल पेमेंट का अनुभव और बेहतर होगा.
जून में 61.1 करोड़ बायोमेट्रिक UPI ट्रांजैक्शन
NPCI के आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए 61.1 करोड़ से अधिक UPI ट्रांजैक्शन किए गए. इन ट्रांजैक्शनों का कुल मूल्य 25,416 करोड़ रुपये रहा. यह सुविधा रोजमर्रा के कई तरह के भुगतान में इस्तेमाल की जा रही है और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. NPCI का कहना है कि यह बढ़ती संख्या बताती है कि लोग अब अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक पेमेंट विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं.
क्या है बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन एक ऐसी सुविधा है, जिसमें UPI पेमेंट को मंजूरी देने के लिए UPI PIN दर्ज करने की जरूरत नहीं होती. इसकी जगह यूजर अपने स्मार्टफोन के फिंगरप्रिंट सेंसर या फेस रिकग्निशन का इस्तेमाल करके ट्रांजैक्शन पूरा कर सकता है. यह सुविधा P2P और P2M दोनों तरह के ट्रांजैक्शन के लिए उपलब्ध है. इसके अलावा रुपे क्रेडिट कार्ड ऑन UPI का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक भी PIN दर्ज किए बिना पेमेंट कर सकते हैं.
ग्राहकों और कारोबारियों को क्या होगा फायदा
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की मदद से बार-बार UPI PIN दर्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे ट्रांजैक्शन पहले की तुलना में ज्यादा तेज और आसान हो जाता है. साथ ही, ट्रांजैक्शन फेल होने की संभावना भी कम होती है. कारोबारियों के लिए भी यह सुविधा फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि इससे चेकआउट प्रोसेस तेज होगा और ग्राहकों को बेहतर पेमेंट अनुभव मिलेगा. वहीं, उपभोक्ताओं को कम समय में सुरक्षित तरीके से भुगतान करने की सुविधा मिलेगी.
डिजिटल पेमेंट को मिलेगा नया बढ़ावा
NPCI का मानना है कि बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के बढ़ते इस्तेमाल से भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को और मजबूती मिलेगी. खासकर रुपे क्रेडिट कार्ड ऑन UPI के साथ इसका इस्तेमाल बढ़ने से ज्यादा लोग डिजिटल पेमेंट की ओर आकर्षित होंगे. आने वाले समय में अगर अधिक बैंक और UPI ऐप्स इस सुविधा को व्यापक स्तर पर लागू करते हैं, तो UPI की पहुंच और उपयोग दोनों में तेजी से वृद्धि हो सकती है.
यह भी पढ़ें: Microsoft Layoff: 4800 कर्मचारियों की होगी छंटनी, 39 हफ्तों तक मिलेगी सैलरी; जानें डिटेल्स
Latest Stories
महंगी हुई आपकी थाली! टमाटर, तेल और LPG ने बढ़ाया रसोई का खर्च; शाकाहारी और मांसाहारी थाली हुई महंगी
IMF ने ग्लोबल ग्रोथ का अनुमान 3.1 फीसदी से घटाकर 3% किया, बताया इन दो फैक्टर्स से प्रभावित हो रहा प्रदर्शन
पेट्रोल पंप खोलने का प्लान है? जानें आवेदन से लेकर डीलरशिप मिलने तक का पूरा प्रोसेस
