पेट्रोल पंप खोलने का प्लान है? जानें आवेदन से लेकर डीलरशिप मिलने तक का पूरा प्रोसेस

पेट्रोल पंप की डीलरशिप लेने के लिए सीधे आवेदन नहीं किया जा सकता. पहले ऑयल मार्केटिंग कंपनियां विज्ञापन जारी करती हैं, जिसके बाद ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं. पात्रता जांच, ड्रॉ ऑफ लॉट्स या बिडिंग, दस्तावेजों और जमीन का सत्यापन तथा LOI जारी होने के बाद ही डीलरशिप मिलती है. पूरी प्रक्रिया तय नियमों के तहत होती है.

पेट्रोल पंप

How to Open Petrol Pump: दुनियाभर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और भारत में सरकार की E20 जैसी नीतियों के बीच पेट्रोल-डीजल का कारोबार एक बार फिर चर्चा में है. देश में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ईंधन की मांग भी मजबूत बनी हुई है. ऐसे में कई लोग पेट्रोल पंप की डीलरशिप को एक लंबे समय तक चलने वाले बिजनेस के तौर पर देख रहे हैं. लेकिन सिर्फ जमीन या निवेश होने से पेट्रोल पंप नहीं मिल जाता. इसके लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की तय प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. आवेदन कब किया जा सकता है, कौन एलिजिबल है, जमीन से जुड़े नियम क्या हैं, चयन कैसे होता है और आखिर में डीलरशिप कैसे मिलती है? आइए आसान भाषा में पूरी प्रक्रिया समझते हैं.

पेट्रोल पंप खोलने के लिए सबसे पहले क्या करना होगा?

भारत में कोई भी व्यक्ति सीधे पेट्रोल या डीजल बेचने का कारोबार शुरू नहीं कर सकता. इसके लिए पहले किसी ऑयल मार्केटिंग कंपनी (OMC) जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम (BPCL) या हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) से डीलरशिप लेनी होती है.

सीधे नहीं कर सकते आवेदन

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पेट्रोल पंप खोलने के लिए आप अपनी मर्जी से किसी भी जगह आवेदन नहीं कर सकते. ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पहले संभावित जगहों का सर्वे करती हैं. जहां कारोबार की संभावना होती है, उसे अपने मार्केटिंग प्लान में शामिल किया जाता है. इसके बाद उस स्थान के लिए विज्ञापन जारी किया जाता है. आवेदन केवल उन्हीं स्थानों के लिए स्वीकार किए जाते हैं, जिनका विज्ञापन निकाला गया हो. रेगुलर और ग्रामीण रिटेल आउटलेट के लिए अलग-अलग स्थान तय किए जाते हैं.

कौन कर सकता है आवेदन?

पेट्रोल पंप की डीलरशिप के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं. जैसे,

  • आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए.
  • भारत का निवासी होना चाहिए.
  • आवेदन की तारीख पर उम्र 21 वर्ष से कम और 60 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए.
  • मिनिमम एजुकेशन क्वालिफिकेशन 10वीं पास होनी चाहिए.

जमीन सबसे अहम शर्तों में से एक

पेट्रोल पंप की डीलरशिप में जमीन की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. गाइडलाइन के मुताबिक आवेदकों को जमीन के आधार पर तीन समूहों में रखा जाता है.

  • ग्रुप-1: जिनके पास विज्ञापित स्थान पर अपनी जमीन या कम से कम 19 साल 11 महीने की लीज पर उपयुक्त जमीन हो.
  • ग्रुप-2: जिनके पास जमीन खरीदने या लंबी अवधि की लीज का पक्का प्रस्ताव (Firm Offer) हो.
  • ग्रुप-3: जिन्होंने आवेदन के समय कोई जमीन नहीं दी हो.

अगर ग्रुप-1 और ग्रुप-2 में कोई पात्र उम्मीदवार नहीं मिलता या उनकी जमीन तय मानकों पर खरी नहीं उतरती, तब ग्रुप-3 के आवेदकों को भी जमीन उपलब्ध कराने का मौका दिया जाता है.

आवेदन कैसे करना होता है?

विज्ञापन जारी होने के बाद उम्मीदवार को ऑनलाइन आवेदन करना होता है. आवेदन के दौरान अपनी पर्सनल जानकारी, कैटेगरी और जमीन से जुड़ी जानकारी देनी होती है. आवेदन के साथ निर्धारित नॉन-रिफंडेबल आवेदन चार्ज भी जमा करना होता है. गाइडलाइन के अनुसार पात्रता पूरी करने वाले सभी उम्मीदवार आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल किए जाते हैं.

कैसे होता है चयन?

आवेदन जमा होने के बाद ऑयल कंपनी पात्रता की जांच करती है. इसके बाद डीलर का चयन लॉटरी या बिडिंग के जरिए किया जाता है. पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है.

चयन के बाद क्या होती है जांच?

याद रहे ड्रॉ या बिडिंग में चयनित होने का मतलब यह नहीं है कि डीलरशिप मिल गई. इसके बाद कंपनी Field Verification of Credentials (FVC) करती है. इसमें आवेदन में दी गई जानकारी, जमीन के दस्तावेज और दूसरी जरूरी प्रमाणों का सत्यापन किया जाता है. अगर इस जांच में कोई जानकारी गलत या नियमों के अनुरूप नहीं मिलती, तो उम्मीदवार की दावेदारी कैंसिल भी की जा सकती है.

कब मिलता है Letter of Intent (LOI)?

जब सभी दस्तावेज और जमीन का सत्यापन सफल हो जाता है, तब ऑयल कंपनी चयनित उम्मीदवार को Letter of Intent (LOI) जारी करती है. इसके बाद उम्मीदवार को तय समय सीमा के भीतर जमीन उपलब्ध करानी होती है और LOI में बताई गई सभी शर्तें पूरी करनी होती हैं.

डीलर बनने के बाद क्या जिम्मेदारियां होंगी?

गाइडलाइन के मुताबिक डीलर को पेट्रोल पंप का रोजमर्रा का संचालन खुद देखना होगा. अगर चयनित व्यक्ति पहले से किसी नौकरी में है तो उसे नियुक्ति पत्र जारी होने से पहले नौकरी छोड़नी होगी. इसके लिए शपथपत्र भी देना होगा कि वह डीलरशिप के दौरान किसी दूसरी नौकरी में नहीं रहेगा.

पेट्रोल पंप पर कौन-कौन सी सुविधाएं जरूरी होंगी?

पेट्रोल पंप शुरू होने के बाद कई बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करानी होती हैं. इनमें विकसित जमीन, बाउंड्री वॉल, टैंक, डिस्पेंसिंग यूनिट, ऑफिस, स्टोर रूम, टॉयलेट, बिजली, पानी, जनरेटर, एयर फिलिंग मशीन, ड्रिंकिंग वॉटर और अग्निशमन उपकरण शामिल हैं. इनमें से कौन-सी सुविधा ऑयल कंपनी देगी और कौन-सी डीलर को उपलब्ध करानी होगी, यह साइट के प्रकार पर निर्भर करता है.

नोट- यह जानकारी इंडियन ऑयल की 24 नवंबर 2018 की डीलर चयन गाइडलाइन पर आधारित है.

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