भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम ट्रेड अनलॉक, आर्थिक साझेदारी और सप्लाई चेन मजबूत करने पर बनी सहमति
यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष के बीच बातचीत के बाद जारी एक संयुक्त बयान में की गई. व्यापार मंच को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भारत में निवेश के लिए भी आमंत्रित किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय यात्रा पर ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं. उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रक्षा, ऊर्जा और व्यापार संबंधों को मजबूत करना है. गुरुवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम के निर्यात के लिए जरूरी प्रशासनिक इंतजामों को अंतिम रूप दिया.
आर्थिक साझेदारी पर तेजी से काम करने का वादा
साथ ही, दोनों देशों ने आपसी ऊर्जा व्यापार को बढ़ाने, मजबूत सप्लाई चेन बनाने और व्यापक आर्थिक साझेदारी पर काम तेज करने का वादा किया, क्योंकि वे वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अपनी आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना चाहते हैं.
यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष के बीच बातचीत के बाद जारी एक संयुक्त बयान में की गई. इसमें दोनों पक्ष ऊर्जा उत्पादों की बिना किसी रुकावट आपूर्ति बनाए रखने, एनर्जी वैल्यू चेन में सहयोग बढ़ाने और उभरते तकनीकी उद्योगों के लिए सप्लाई चेन बनाने की दिशा में काम करने पर सहमत हुए.
एनर्जी ट्रेड और इन्वेस्टमेंट
दोनों देशों ने कहा कि वे मौजूदा ‘इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट’ (ECTA), ‘कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट’ (CECA) के लिए चल रही बातचीत और दूसरे द्विपक्षीय तरीकों के जरिए एनर्जी ट्रेड और इन्वेस्टमेंट को आगे बढ़ाएंगे.
न्यूक्लियर समझौते के तहत यूरेनियम एक्सपोर्ट
ऑस्ट्रेलिया और भारत ने कहा कि उन्होंने ‘ऑस्ट्रेलिया-भारत न्यूक्लियर सहयोग समझौते (2015) के तहत, पूरी तरह से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए और इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के नियमों के दायरे में ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम एक्सपोर्ट करने के लिए जरूरी प्रशासनिक इंतजाम पूरे कर लिए हैं.’
दोनों सरकारों ने क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करके, ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव की रफ्तार बढ़ाकर, रिन्यूएबल एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर और ऊर्जा व लिक्विड फ्यूल के लिए खुले व्यापारिक इंतजाम बनाए रखकर, ऊर्जा सप्लाई चेन की मजबूती बढ़ाने का भी वादा किया.
एनर्जी ट्रेड को और बढ़ाने का वादा
भारत को लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के मुख्य सप्लायर के तौर पर ऑस्ट्रेलिया की भूमिका और ऑस्ट्रेलिया को लिक्विड फ्यूल और डाउनस्ट्रीम पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के अहम सप्लायर के तौर पर भारत की स्थिति को समझते हुए, दोनों देशों ने ‘एनर्जी प्रोडक्ट्स की लगातार सप्लाई को सपोर्ट करने और दोनों देशों के बीच एनर्जी ट्रेड को और बढ़ाने’ का वादा किया.
उन्होंने एनर्जी वैल्यू चेन में निवेश के मौकों को बढ़ावा देने की अहमियत को फिर से दोहराया और कहा कि भरोसेमंद प्राइवेट-सेक्टर पार्टनरशिप और रणनीतिक निवेश, टिकाऊ और भरोसेमंद एनर्जी सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए अहम बने रहेंगे.
मजबूत व्यापार और इंडो-पैसिफिक सप्लाई चेन पर फोकस
संयुक्त बयान में कहा गया, ‘भारत और ऑस्ट्रेलिया ने मध्य पूर्व की स्थिति का एनर्जी मार्केट, कमोडिटी की कीमतों और ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई है. साथ ही, उन्होंने खुले बाजार और नियमों पर आधारित व्यापार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. ये ऐसे सिद्धांत हैं जो हमारी समृद्धि और आर्थिक सुरक्षा का आधार हैं.’
मैरीटाइम सिक्योरिटी कोलेबोरेशन रोडमैप
आर्थिक एजेंडे से आगे बढ़कर, भारत और ऑस्ट्रेलिया ‘मैरीटाइम सिक्योरिटी कोलेबोरेशन रोडमैप’ के जरिए समुद्री सहयोग बढ़ाने, रक्षा सहयोग और रणनीतिक बातचीत को गहरा करने और अमेरिका व जापान के साथ सहयोग का विस्तार करने पर सहमत हुए, ताकि एक खुले, स्थिर, शांतिपूर्ण और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के सकारात्मक विजन के लिए क्षमता और सहयोग को बढ़ाया जा सके.
ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रस्तावित भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) को जल्द अंतिम रूप दिए जाने की वकालत करते हुए कहा कि इससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंध ‘नई ऊंचाई’ पर पहुंचेंगे. व्यापार मंच को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भारत में निवेश के लिए भी आमंत्रित किया.
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