बैंकों में आएगी CEO बदलने की लहर, जानें किस बैंक में कब होगा बदलाव

भारतीय बैंकिंग सेक्टर में 2026 के अंत से 2027 तक बड़े नेतृत्व बदलाव की तैयारी है. HDFC Bank, Kotak Mahindra Bank, ICICI Bank, Axis Bank और SBI समेत कई बैंकों के बोर्ड संभावित CEO उम्मीदवारों और उत्तराधिकार योजना पर काम कर रहे हैं.

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भारतीय बैंकिंग सेक्टर में अगले करीब डेढ़ साल में बड़े स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिल सकता है. 2026 के अंत से 2027 तक कम से कम छह बड़े बैंकों में CEO और शीर्ष प्रबंधन स्तर पर बदलाव की स्थिति बन रही है. इसे देखते हुए बैंक बोर्ड अपने-अपने संस्थानों में संभावित उत्तराधिकारियों की तलाश और टैलेंट पूल की समीक्षा कर रहे हैं.

HDFC Bank में सबसे पहले बदलाव

सबसे पहले बदलाव की जरूरत HDFC Bank में है. बैंक के CEO और MD शशिधर जगदीशन का मौजूदा तीन साल का कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है. उन्होंने अगला कार्यकाल नहीं लेने का फैसला किया है. बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा को संभावित आंतरिक उम्मीदवारों में प्रमुख माना जा रहा है. हालांकि, RBI की लगातार 15 साल की MD/CEO या Whole-Time Director पद पर रहने की सीमा उनके लिए भी महत्वपूर्ण होगी.

Kotak Mahindra Bank में भी बड़ा फैसला

Kotak Mahindra Bank में CEO अशोक वासवानी का पहला तीन साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा. बैंक के पास आंतरिक स्तर पर कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं, जिनमें अनूप साहा, परितोष कश्यप और जयदीप हंसराज शामिल हैं. बैंक ने CEO पद के लिए दो नाम RBI को भेजे हैं.

ICICI और Axis Bank भी रडार पर

ICICI Bank में संदीप बख्शी ने पिछली बार अपेक्षाकृत छोटा कार्यकाल चुना था. ऐसे में भविष्य में उत्तराधिकारी को लेकर बोर्ड के सामने कई विकल्प हो सकते हैं.

वहीं Axis Bank के CEO अमिताभ चौधरी का मौजूदा कार्यकाल 31 दिसंबर 2027 तक है. उनके पास RBI के नियमों के तहत आगे भी कार्यकाल बढ़ाने की गुंजाइश हो सकती है. बैंक के आंतरिक टैलेंट पूल में सुब्रत मोहंती, मुनीष शारदा और नीरज गंभीर जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं.

SBI में भी 2027 में बदलाव

देश के सबसे बड़े बैंक State Bank of India (SBI) के चेयरमैन सीएस शेट्टी का तीन साल का कार्यकाल करीब अगस्त 2027 तक है. SBI में उत्तराधिकार की प्रक्रिया आमतौर पर ज्यादा व्यवस्थित होती है और MD स्तर के अधिकारियों से संभावित उम्मीदवारों का पूल तैयार किया जाता है.

बैंकों के सामने बड़ी चुनौती

एक साथ कई बैंकों में नेतृत्व बदलाव होने से योग्य CEO उम्मीदवारों की मांग बढ़ सकती है. बैंकिंग सेक्टर में NBFC और फिनटेक कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अनुभवी वरिष्ठ अधिकारियों का पूल सीमित माना जा रहा है.

बोर्ड के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभव और नई रणनीति के बीच संतुलन बनाने की होगी. आंतरिक उम्मीदवार बैंक की संस्कृति और कामकाज से परिचित होते हैं, जबकि बाहरी उम्मीदवार नई सोच और क्षमताएं ला सकते हैं.

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