आंदोलन खत्म और 8% बढ़ गया DA, इस राज्य सरकार ने त्योहारों से पहले दिया कर्मचारियों को तोहफा

DA Hike: डीए हाइक होने की वजह से पिछले तीन हफ्ते से चल रहा आंदोलन भी खत्म हो गया. एक घंटे की मीटिंग के बाद यह फैसला सुनाया गया कि 8 फीसदी DA जो जुलाई 2023 से बैकडेट किया गया है, 1 अक्टूबर को सितंबर की सैलरी के साथ दिया जाएगा. ये फैसला पंजाब सरकार द्वारा लिया गया है.

डीए हाइक Image Credit: सांकेतिक तस्वीर

फेस्टिव सीजन से पहले पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 8 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे यह 50 फीसदी हो गया. महंगाई भत्ता बढ़ने से सरकारी कर्मचारियों का तीन हफ्ते से चल रहा आंदोलन भी खत्म हो गया है, एक बात जो यहां गौर करने वाली है वह यह है कि DA को 4 फीसदी की दो किश्तों में जारी किया जाएगा.

सितंबर की सैलरी के साथ मिलेगा बढ़ा हुआ डीए

कुल 8 फीसदी DA जो जुलाई 2023 से बैकडेट किया गया है. सितंबर की सैलरी के साथ 1 अक्टूबर को दिया जाएगा. मुख्यमंत्री भगवंत मान, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, बलजीत कौर और सांझा मुलाजिम मंच के 12 प्रतिनिधियों के बीच एक घंटे की मीटिंग के बाद यह फैसला सुनाया गया है.

मीटिंग के बाद अमन अरोड़ा ने कहा कि इस फैसले से राज्य के खजाने पर लगभग 231 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े सभी मुद्दे पूरी तरह से हल नहीं हुए हैं और दोनों पक्ष बाकी मांगों पर चर्चा करने के लिए अक्टूबर में एक और मीटिंग करने पर सहमत हुए हैं.

X पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने एम्प्लॉई और पेंशनर ऑर्गनाइजेशन के साथ बहुत पॉजिटिव मीटिंग की, उन्होंने कहा कि एम्प्लॉई हमारे परिवार का एक जरूरी हिस्सा हैं और उनकी भलाई को ध्यान में रखते हुए सरकार ने DA में 8 फीसदी की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. इसका फायदा अक्टूबर की सैलरी में दिखेगा.

भगवंत मान ने कहा कि मीटिंग में पिछली सरकारों से विरासत में मिले कई लंबे समय से पेंडिंग मुद्दों पर भी बात हुई जिसमें पुरानी पेंशन स्कीम (OPS), प्रोबेशन पीरियड के दौरान सैलरी और ASHA और मिड-डे मील वर्कर से जुड़े मुद्दे शामिल हैं. उन्होंने कहा कि वह बाकी मुद्दों के पक्के हल के लिए अक्टूबर के पहले हफ्ते में एम्प्लॉई रिप्रेज़ेंटेटिव से फिर मिलेंगे.

मीटिंग के बाद, सिविल सेक्रेटेरिएट एम्प्लॉई यूनियन के प्रेसिडेंट सुशील कुमार फौजी ने कहा कि सांझा मुलाजिम मंच ने अपना प्रोटेस्ट रोक दिया है. उन्होंने कहा कि अक्टूबर के पहले हफ्ते में मुख्यमंत्री के साथ प्रपोज्ड मीटिंग के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला किया जाएगा. सभी एम्प्लॉई यूनियन भी सरकार के फैसले का अंदाजा लगाने के लिए जल्द ही मीटिंग करेंगे. सांझा मुलाजिम मंच एक अम्ब्रेला ऑर्गनाइजेशन है जिसमें 153 एम्प्लॉई और पेंशनर्स की बॉडीज शामिल है.

क्या है पंजाब सरकार का कहना?

पंजाब सरकार का कहना है कि उसके एम्प्लॉई को दूसरे राज्यों के एम्प्लॉई के मुकाबले सबसे ज़्यादा सैलरी मिलती है. मान ने पहले पब्लिक मीटिंग्स और प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि अगर सेंटर या कोई दूसरी स्टेट गवर्नमेंट किसी एम्प्लॉई को 36000 रुपए देती है तो पंजाब गवर्नमेंट 50,000 रुपए देती है.

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