ईरान के खिलाफ ट्रंप ने खोला आर्थिक मोर्चा, बोले- मदद करने वाले देशों को भुगतने होंगे गंभीर परिणाम; ओमान को भी दी हमले की चेतावनी

US President Donald Trump ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी Economic Warfare शुरू करने का ऐलान किया है. ट्रंप ने ईरान की मदद करने वाले देशों को गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है. यह ऐलान US और ईरान के बीच चल रही बातचीत के अटकने के बीच हुआ है. Strait of Hormuz को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. Image Credit: money9live

US President डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई शुरू करने का ऐलान किया है. ट्रंप ने इसे “अब तक किसी भी देश के खिलाफ की गई सबसे कठोर आर्थिक कार्रवाई” बताते हुए कहा कि ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए अभूतपूर्व स्तर पर इकोनॉमिक वॉरफेयर शुरू किया जाएगा. उन्होंने उन देशों को भी गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है, जो किसी भी तरह ईरान की मदद करेंगे.

ट्रुथ सोशल पर दी जानकारी

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि जो भी देश अपने फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस, बिजनेस, एयरपोर्ट्स या गवर्नमेंट एंटिटीज के जरिए ईरान को किसी भी तरह की आर्थिक मदद या राहत देगा, उसे “ट्रेमेंडस इकोनॉमिक कन्सीक्वेंसेज” का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब US और ईरान के बीच चल रही बातचीत एक बार फिर अटक गई है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत अटकी

US और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत में सबसे बड़ी अड़चन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बताई जा रही है. दोनों देशों ने 17 जून को युद्ध खत्म करने के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे. यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था. 14 बिंदुओं वाले इस समझौते का उद्देश्य युद्ध खत्म करना, US की नेवल ब्लॉकेड हटाना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए जहाजों की आवाजाही दोबारा सामान्य करना था.

हालांकि, यह समझौता आगे नहीं बढ़ सका और बातचीत फिर से ठहर गई. ट्रंप का दावा है कि US और ईरान के बीच समझौते को लेकर प्रगति हुई है और तेहरान समझौते के लिए दबाव बना रहा है. हालांकि, ईरान के नेतृत्व ने ऐसे दावों से इनकार किया है.

ओमान को भी ट्रंप की चेतावनी

इस बीच ट्रंप ने ओमान को लेकर भी कड़ा बयान दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि अगर ओमान उनकी ईरान के साथ बातचीत में बाधा डालता है तो US उस पर हमला कर सकता है. यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ओमान और ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दोनों ओर स्थित हैं और दोनों देशों के बीच कमर्शियल शिपिंग को सामान्य करने को लेकर समझौते की खबरें सामने आई थीं.

ईरान हासिल न करे न्यूक्लियर वेपन

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को आत्मसमर्पण के लिए तैयार होना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि US का ईरान में बने रहने का एक प्रमुख कारण यह सुनिश्चित करना है कि ईरान न्यूक्लियर वेपन हासिल न कर सके. ट्रंप के मुताबिक, ईरान उस तरह का समझौता करने के लिए तैयार नहीं है, जिसे वह युद्ध खत्म करने के लिए जरूरी मानते हैं.

यह भी पढ़ें: RBI के एक्शन के बावजूद इन 2 कंपनियों पर आशीष धवन को भरोसा, लगाए 760 करोड़ रुपये; देखें लिस्ट

Loading...
Unable to load recommendations.