क्या अभी और महंगा होगा सोना-चांदी? आयात पर खत्म होगी IGST छूट, 3% टैक्स लगाने की सिफारिश

क्या सोना-चांदी की कीमत और बढ़ेगी? GST फिटमेंट कमिटी ने बैंकों और नामित एजेंसियों के सोना, चांदी और प्लेटिनम आयात पर IGST छूट खत्म करने की सिफारिश की है. छूट हटने पर 3% IGST लगेगा. हालांकि, पात्र आयातक ITC ले सकेंगे. इसलिए इस प्रस्ताव का मतलब ग्राहकों के लिए सोना-चांदी की कीमत में सीधे 3% बढ़ोतरी होना जरूरी नहीं है.

सोने-चांदी की कीमत. Image Credit: money9live

Highlights

  • GST फिटमेंट कमिटी ने सोना, चांदी और प्लेटिनम आयात पर मिलने वाली IGST छूट खत्म करने की सिफारिश की है.
  • छूट हटने पर ऐसे आयात पर 3% IGST लगेगा.
  • क्या ग्राहकों के लिए सोना-चांदी सीधे 3% महंगा हो जाएगा ?

सोना और चांदी पहले से महंगे स्तर पर हैं और अब इनके आयात से जुड़ा एक नया टैक्स प्रस्ताव सामने आया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले समय में सोना-चांदी की कीमत पर इसका असर पड़ेगा? दरअसल, GST फिटमेंट कमिटी ने बैंकों और नामित एजेंसियों की ओर से किए जाने वाले सोना, चांदी और प्लेटिनम के आयात पर मिलने वाली IGST छूट को खत्म करने की सिफारिश की है. अगर यह सिफारिश लागू होती है, तो ऐसे आयात पर 3% IGST लगेगा.

हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है. 3% IGST लगने का मतलब यह नहीं है कि सोना-चांदी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए कीमत सीधे 3% बढ़ जाएगी. फिटमेंट कमिटी के दस्तावेज के मुताबिक, बैंकों और नामित एजेंसियों को चुकाए गए IGST पर इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC लेने और उसका इस्तेमाल करने की पात्रता होगी. ऐसे में इस प्रस्ताव का असर सीधे ग्राहक की जेब पर कितना पड़ेगा, यह अलग मुद्दा है.

सोना-चांदी पर क्यों आई 3% IGST की बात?

Business Today की रिपोर्ट के मुताबिक, GST फिटमेंट कमिटी ने बैंकों और लिस्ट 13, 14 और 15 के तहत आने वाली नामित एजेंसियों की ओर से सोना, चांदी और प्लेटिनम के आयात पर IGST छूट खत्म करने की सिफारिश की है. अगर यह छूट वापस ली जाती है, तो इन आयातों पर 3% IGST लगेगा. यानी अभी जिस आयात पर छूट का प्रावधान है, उस पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव है.

हालांकि, फिटमेंट कमिटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इससे पात्र आयातकों की आखिरी टैक्स लागत में सीधे 3% की बढ़ोतरी जरूरी नहीं है. बैंकों और नामित एजेंसियों को चुकाए गए IGST पर इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और उस क्रेडिट का इस्तेमाल करने की पात्रता होगी.

अभी क्या है नियम?

सोने के आयात पर IGST छूट की शुरुआत 2017 में GST काउंसिल की सिफारिश के बाद हुई थी. इसका मकसद बैंकों और नामित एजेंसियों के लिए कीमती धातुओं के आयात को आसान बनाना था. बाद में यह छूट चांदी और प्लेटिनम के आयात पर भी लागू कर दी गई.

फिलहाल सोने का आयात प्रतिबंधित गतिविधि है और इसे तय माध्यमों के जरिए ही किया जा सकता है. इनमें Directorate General of Foreign Trade यानी DGFT की ओर से अधिसूचित बैंक और नामित एजेंसियां, India International Bullion Exchange यानी IIBX के जरिए एलिजिबल ज्वेलर्स और IIBX के जरिए पात्र India-UAE Tariff Rate Quota धारक शामिल हैं.

क्या सीधे 3% महंगा हो जाएगा सोना-चांदी?

यहां सबसे जरूरी बात यही है कि ऐसा सीधे कहना सही नहीं होगा. प्रस्ताव के मुताबिक, आयात पर 3% IGST लगाया जा सकता है, लेकिन पात्र बैंक और नामित एजेंसियां इस टैक्स पर Input Tax Credit यानी ITC ले सकती हैं. इसलिए 3% IGST लगने और सोना-चांदी की खुदरा कीमत में सीधे 3% बढ़ोतरी होने को एक ही बात नहीं माना जा सकता. दिए गए सोर्स में भी यह नहीं कहा गया है कि इस बदलाव से ग्राहकों के लिए सोना या चांदी सीधे 3% महंगा हो जाएगा.

आखिर IGST छूट खत्म करने की जरूरत क्यों पड़ी?

फिटमेंट कमिटी की सिफारिश के पीछे GST छूट की अधिसूचना और DGFT की ओर से जारी पात्र बैंकों की नई लिस्ट के बीच का अंतर भी एक वजह है. सोना और चांदी आयात करने वाले पात्र बैंकों की पुरानी लिस्ट 31 मार्च 2026 तक वैध थी. इसके बाद DGFT ने 17 अप्रैल 2026 को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक की अवधि के लिए पात्र बैंकों की नई लिस्ट जारी की.

हालांकि, संबंधित GST छूट वाली अधिसूचना को नई DGFT लिस्ट के मुताबिक अपडेट नहीं किया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक, इसी वजह से 1 अप्रैल 2026 से बैंकों को IGST छूट उपलब्ध नहीं रही है. वहीं, List 15 के तहत आने वाली नामित एजेंसियों के लिए छूट जारी है, क्योंकि इस लिस्ट को DGFT की ओर से समय-समय पर रिन्यू नहीं किया जाता.

अब आगे क्या बदलेगा?

समिति ने लिस्ट 13, 14 और 15 के तहत आने वाले बैंकों और नामित एजेंसियों के लिए सोना, चांदी और प्लेटिनम के आयात पर IGST छूट पूरी तरह खत्म करने की सिफारिश की है. छूट हटने के बाद ऐसे आयात पर 3% IGST लगेगा. इसके साथ ही समिति ने एक्सपोर्ट-लिंक्ड सप्लाई स्कीम के तहत नामित एजेंसियों की ओर से सोना, चांदी और प्लेटिनम की सप्लाई से जुड़े मौजूदा GST नोटिफिकेशन में जरूरी बदलाव करने का भी प्रस्ताव दिया है.

समिति ने नामित एजेंसियों की परिभाषा को DGFT के प्रक्रियाओं की नियमावली के Appendix 4B के आधार पर तय करने की सिफारिश की है. इसमें समय-समय पर किए जाने वाले संशोधन भी शामिल होंगे.

किस पर पड़ेगा सीधा असर?

इस बदलाव का सीधा असर सोना, चांदी और प्लेटिनम का आयात करने वाले बैंकों और नामित एजेंसियों पर पड़ेगा. अगर IGST छूट खत्म होती है, तो ऐसे आयात पर 3% IGST देना होगा. हालांकि, पात्र आयातकों को चुकाए गए IGST पर ITC लेने की पात्रता होगी. इसलिए आखिरी टैक्स लागत में सीधे 3% की बढ़ोतरी जरूरी नहीं है.

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