ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक के लिए बड़ा फैसला, सरकार बनाएगी ITLA अथॉरिटी; जानिए क्या होगा काम

केंद्र सरकार ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी यानी ITLA बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसका मकसद परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी योजनाओं में बेहतर तालमेल बनाना है. ITLA करीब 5 साल की योजनाओं और सालाना योजनाओं की समीक्षा करेगी. 500 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की सरकारी परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन और निगरानी भी की जाएगी.

ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक्स के लिए बड़ा फैसला, सरकार बनाएगी ITLA Authority.

Highlights

  • ITLA को कैबिनेट की मंजूरी, 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं पर होगी कड़ी नजर.
  • Transport Logistics के लिए बड़ा फैसला, सरकार बनाएगी ITLA Authority.
  • कैबिनेट का बड़ा फैसला, ITLA करेगी ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट की समीक्षा और निगरानी करेगा.

केंद्र सरकार ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी यानी ITLA बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसका मकसद देश में ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी योजनाओं और कामकाज में बेहतर तालमेल बनाना है. अभी कई परिवहन मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच योजना और काम अलग-अलग तरीके से होता है. इससे कई सालों से परिवहन क्षेत्र में तालमेल से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं. ITLA के जरिए इन चुनौतियों को दूर करने की कोशिश की जाएगी. अथॉरिटी रिसर्च, प्लानिंग, प्रोजेक्ट वैल्यूएशन, निगरानी और प्रोजेक्ट के असर का आकलन करेगी.

परिवहन योजनाओं की समीक्षा करेगी ITLA

ITLA परिवहन मंत्रालयों की करीब 5 साल की शार्ट टर्म और सालाना योजनाओं का मूल्यांकन करेगी. इन योजनाओं को National Transport Master Plan के साथ जोड़ने की कोशिश की जाएगी. अथॉरिटी यह भी देखेगी कि परिवहन से जुड़ी योजनाओं में आपसी तालमेल बना रहे. मल्टी मॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना भी इसके काम का हिस्सा होगा. इससे अलग-अलग परिवहन माध्यमों से जुड़ी परियोजनाओं की योजना बेहतर तरीके से बनाने में मदद मिलेगी.

500 करोड़ का प्रोजेक्ट

ITLA 500 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा लागत वाली सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगी. इसमें परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी सरकारी परियोजनाएं शामिल होंगी. हालांकि इन परियोजनाओं का वित्तीय मूल्यांकन मौजूदा वित्तीय मूल्यांकन व्यवस्था के तहत ही किया जाएगा. ITLA की भूमिका परियोजनाओं के तकनीकी पहलुओं की जांच और मूल्यांकन में होगी. इससे बड़ी परियोजनाओं की तकनीकी समीक्षा को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है.

बड़ी परियोजनाओं की निगरानी करेगी अथॉरिटी

ITLA 500 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा लागत वाली परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के सही से लागू करने की निगरानी भी करेगी. परियोजनाओं से जुडे़ मुद्दों के समाधान के लिए एक इंटीग्रेटेड सिस्टम तैयार की जाएगी. अथॉरिटी परियोजनाओं के दौरान सामने आने वाली समस्याओं को सुलझाने में मदद करेगी. परियोजना पूरी होने के बाद उसके असर का भी आकलन किया जाएगा. इससे परियोजनाओं के वास्तविक प्रभाव की समीक्षा करने में मदद मिलेगी.

ट्रांसपोर्ट डेटा का बनेगा एक बडा रिपॉजिटरी

ITLA एक यूनिफाइड ट्रांसपोर्ट डाटा रिपॉजिटरी तैयार करेगी. इसके लिए परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा डेटा अलग-अलग सोर्स से जुटाया जाएगा. इसमें GSTN e way bill, FASTag, Vahan और GPS आधारित सिस्टम से मिलने वाला डेटा शामिल होगा. अर्बन ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और अन्य संबंधित डेटाबेस से भी जानकारी ली जाएगी. इस डेटा का इस्तेमाल योजना बनाने, परियोजनाओं की निगरानी और उनके असर का आकलन करने के लिए किया जाएगा.

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नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी की समीक्षा में भी मदद

ITLA नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी2022 की समीक्षा और उसे अपडेट करने में सलाह और सहायता देगी. अथॉरिटी लॉजिस्टिक्स सेक्टर में क्षमता बढ़ाने से जुडे़ काम में भी मदद करेगी. इसके अलावा ट्रेनिंग और स्किलिंग से जुडे़ कामों में सहयोग किया जाएगा. इसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स सेक्टर में काम करने की क्षमता को बेहतर बनाना होगा. इस तरह ITLA परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुडे़ कई अहम कामों में कोऑर्डिनेशन की भूमिका निभाएगी.