Government Clears Wheat Exports: क्या देश में महंगा हो जाएगा आटा?
wheat export India: भारत सरकार ने करीब तीन साल बाद गेहूं के निर्यात को मंजूरी देकर कृषि और खाद्य बाजार को लेकर नई बहस छेड़ दी है. इस फैसले की पृष्ठभूमि में देश में 118 मिलियन टन का रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन और सरकारी गोदामों में भारी स्टॉक मौजूद है. सरकार का आकलन है कि 2.5 मिलियन टन गेहूं और 0.5 मिलियन टन गेहूं उत्पादों के निर्यात से घरेलू बाजार में अतिरिक्त सप्लाई का दबाव कम होगा और किसानों को कीमत गिरने से राहत मिलेगी.
हालांकि, सवाल यह भी है कि क्या इससे घरेलू स्तर पर आटे की कीमतें बढ़ सकती हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि फिलहाल भंडार पर्याप्त होने के कारण उपभोक्ताओं पर तुरंत असर पड़ने की आशंका कम है. दूसरी ओर, भारत का ऊंचा MSP अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं को महंगा बनाता है, जिससे निर्यात प्रतिस्पर्धा चुनौतीपूर्ण हो सकती है. कुल मिलाकर, स्टोरेज दबाव, घरेलू सप्लाई और वैश्विक मांग के संतुलन पर ही यह रणनीति सफल या असफल साबित होगी.