PFRDA Chairman का बड़ा बयान, ज्यादा पेंशन की डिमांड ऐसे पूरी करेगी सरकार
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS को लेकर बड़ा बदलाव सामने आ रहा है. अब तक इसे “safe but slow” रिटायरमेंट स्कीम माना जाता था, लेकिन PFRDA चेयरमैन के ताजा बयान के बाद संकेत मिल रहे हैं कि सरकार इसे “safe + growth” मॉडल की ओर ले जाना चाहती है. प्रस्ताव के तहत सरकारी कर्मचारियों के NPS में इक्विटी निवेश की सीमा को मौजूदा 15% से बढ़ाकर 19% किया गया है और भविष्य में इसे 25% तक ले जाने की तैयारी है. इसका सीधा असर रिटायरमेंट कॉर्पस पर पड़ेगा, क्योंकि ज्यादा इक्विटी एक्सपोजर लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखता है.
इसके साथ ही सरकार NPS के तहत नए एसेट क्लास जोड़ने पर भी काम कर रही है. Alternative Investment Funds, Gold ETF, Silver ETF और market-linked assured return products जैसे विकल्पों से पोर्टफोलियो को ज्यादा diversified बनाया जा सकता है. इससे जोखिम को संतुलित करते हुए रिटर्न बढ़ाने की संभावना बनेगी. एक और अहम पहल medical savings से जुड़ी है, जिसमें रिटायरमेंट के बाद स्वास्थ्य खर्चों को ध्यान में रखकर अलग व्यवस्था तैयार करने पर विचार हो रहा है.
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