TCS के बाद HCLTech पर भी हैकर का दावा! डेटा लीक की खबर से मचा हड़कंप, कंपनी ने दिया बड़ा अपडेट

TCS के बाद HCLTech भी एम्प्लॉयी डेटा एक्सपोजर के कथित मामले को लेकर चर्चा में है. एक हैकर ग्रुप ने HCLTech के एम्प्लॉयी डेटा के संभावित एक्सपोजर का दावा किया है. कंपनी की शुरुआती जांच में अपने सिस्टम्स या क्लाइंट एंगेजमेंट्स में किसी ब्रीच का कोई सबूत नहीं मिला है. HCLTech ने कहा कि कथित डेटा सीमित और कई साल पुराना हो सकता है.

एचसीएल टेक Image Credit: Getty image

HCL Tech: आईटी सर्विसेज सेक्टर की दो बड़ी कंपनियां TCS और HCLTech हाल ही में एम्प्लॉयी डेटा से जुड़े हैकर क्लेम्स को लेकर चर्चा में हैं. पहले TCS ने संभावित एम्प्लॉयी इंफॉर्मेशन एक्सपोजर को लेकर स्टॉक एक्सचेंजेज को जानकारी दी थी. अब HCLTech ने भी हैकर ग्रुप के एक दावे के बाद अपनी स्थिति स्पष्ट की है. HCLTech ने मंगलवार को कहा कि शुरुआती जांच में उसे अपने सिस्टम्स में किसी तरह के ब्रीच का कोई सबूत नहीं मिला है. कंपनी ने यह भी कहा कि इस मामले का उसके क्लाइंट्स के एंगेजमेंट्स पर कोई असर नहीं पड़ा है.

हैकर ग्रुप ने किया एम्प्लॉयी डेटा एक्सपोजर का दावा

HCLTech के मुताबिक, एक हैकर ग्रुप ने संभावित एम्प्लॉयी डेटा एक्सपोजर का दावा किया है. इसके बाद कंपनी ने मामले की शुरुआती जांच की. इनिशियल इन्वेस्टिगेशन में संकेत मिला है कि जिस डेटा के एक्सपोजर का दावा किया जा रहा है, वह सीमित हो सकता है और कई साल पुराना हो सकता है. हालांकि, कंपनी ने इस डेटा के पूरी तरह सही होने या इसके सोर्स को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है. HCLTech ने कहा है कि मामले की फर्दर इन्वेस्टिगेशन की जा रही है.

HCLTech ने सिस्टम्स ब्रीच से किया इनकार

स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में HCLTech ने कहा कि उसे कंपनी के सिस्टम्स में किसी ब्रीच या उसके किसी क्लाइंट के एंगेजमेंट से जुड़े सिस्टम्स में किसी तरह की समस्या का कोई सबूत नहीं मिला है. कंपनी के मुताबिक, अभी तक की जांच में ऐसा कोई एविडेंस सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि HCLTech के सिस्टम्स या क्लाइंट्स के एंगेजमेंट्स प्रभावित हुए हैं. कंपनी ने यह भी कहा कि मामले में जांच जारी है और अगर कोई मटेरियल फाइंडिंग सामने आती है तो इसकी जानकारी दी जाएगी.

TCS के बाद सामने आया मामला

HCLTech का यह बयान TCS की ओर से इसी तरह की जानकारी दिए जाने के कुछ घंटे बाद आया. TCS ने स्टॉक एक्सचेंजेज को बताया था कि उसे थ्रेट इंटेलिजेंस अलर्ट्स मिले हैं. इन अलर्ट्स में कुछ एम्प्लॉयी इंफॉर्मेशन के संभावित एक्सपोजर का दावा किया गया था. TCS ने अपनी जांच के बाद कहा था कि उसे अपने सिस्टम्स या कस्टमर एनवायरनमेंट्स में किसी ब्रीच का कोई क्रेडिबल एविडेंस नहीं मिला है. इस तरह कुछ ही घंटों के अंतराल में देश की दो बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनियों ने एम्प्लॉयी डेटा एक्सपोजर से जुड़े क्लेम्स पर स्टॉक एक्सचेंजेज को अपनी स्थिति बताई है.

क्लाइंट डेटा पर नहीं पड़ा असर

HCLTech ने साफ किया है कि अभी तक कंपनी के सिस्टम्स या क्लाइंट एंगेजमेंट्स में किसी ब्रीच का एविडेंस नहीं मिला है. आईटी सर्विसेज कंपनियों के लिए यह पहलू काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इनके पास एम्प्लॉयीज के साथ-साथ क्लाइंट्स से जुड़ी सेंसिटिव इंफॉर्मेशन भी हो सकती है. ऐसे में किसी भी डेटा एक्सपोजर क्लेम के सामने आने पर कंपनी की ओर से इन्वेस्टिगेशन और सिक्योरिटी असेसमेंट जरूरी हो जाता है.

साइबर सिक्योरिटी को बताया टॉप प्रायोरिटी

HCLTech ने कहा कि साइबर सिक्योरिटी कंपनी की टॉप प्रायोरिटी बनी हुई है. कंपनी ने यह भी कहा कि वह उसे सौंपी गई इंफॉर्मेशन की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. फिलहाल HCLTech की आगे इन्वेस्टिगेशन जारी है. कंपनी ने कहा है कि अगर जांच में कोई मटेरियल फाइंडिंग सामने आती है तो इसकी जानकारी दी जाएगी.

यह भी पढ़ें: चिप नहीं बनाएंगी, फिर भी सेमीकंडक्टर बूम से होगी कमाई! इन 2 केमिकल स्टॉक्स ने चली बड़ी चाल, रखें नजर