चिप नहीं बनाएंगी, फिर भी सेमीकंडक्टर बूम से होगी कमाई! इन 2 केमिकल स्टॉक्स ने चली बड़ी चाल, रखें नजर

इंडिया में सेमीकंडक्टर बूम का फायदा अब केमिकल स्टॉक्स को भी मिल सकता है. Archean Chemicals सिलिकॉन कार्बाइड मैन्युफैक्चरिंग के जरिए सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में बड़ा दांव लगा रही है, जबकि Acutaas Chemicals सेमीकंडक्टर केमिकल्स और फोटोरेजिस्ट केमिकल्स में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है.

सेमीकंडक्टर स्टॉक्स Image Credit: canva/money9live

Highlights

  • Archean Chemicals का 2,067 करोड़ रुपये का सिलिकॉन कार्बाइड प्रोजेक्ट, सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में कंपनी का बड़ा दांव.
  • Acutaas Chemicals सेमीकंडक्टर केमिकल्स और फोटोरेजिस्ट केमिकल्स में बढ़ा रही मौजूदगी.
  • एआई, ईवी, रिन्यूएबल एनर्जी और डेटा सेंटर्स की बढ़ती डिमांड से दोनों केमिकल स्टॉक्स को मिल सकता है लंबे समय में फायदा.

Semiconductor Stocks: इंडिया में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार का फायदा अब सिर्फ चिप और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों तक सीमित नहीं रह गया है. स्पेशलिटी केमिकल्स और मैटेरियल्स बनाने वाली कंपनियां भी इस तेजी से उभरते सेक्टर में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं. इसमें दो केमिकल कंपनियां खास तौर पर चर्चा में हैं. इन दोनों कंपनियों के लिए सेमीकंडक्टर बिजनेस अभी शुरुआती चरण में है. हालांकि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, रिन्यूएबल एनर्जी और डेटा सेंटर्स की बढ़ती डिमांड इस सेगमेंट के लिए लंबी अवधि में बड़ा अवसर पैदा कर सकती है.

सिलिकॉन कार्बाइड पर Archean Chemicals का दांव

Archean Chemicals अभी स्पेशलिटी मरीन केमिकल्स के कारोबार में है. कंपनी ब्रोमीन, इंडस्ट्रियल साल्ट और सल्फेट ऑफ पोटाश का उत्पादन करती है. कंपनी के रेवेन्यू में ब्रोमीन की हिस्सेदारी 42 फीसदी, इंडस्ट्रियल साल्ट की 54 फीसदी और सल्फेट ऑफ पोटाश की 4 फीसदी है. Archean Chemicals भारत में मर्चेंट ब्रोमीन सेल्स में अग्रणी है और ब्रोमीन तथा इंडस्ट्रियल साल्ट की सबसे बड़ी एक्सपोर्टर्स में शामिल है.

अब कंपनी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है. इसके लिए कंपनी की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी SiCSem ओडिशा के भुवनेश्वर में इंडिया की पहली कमर्शियल कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और असेंबली, टेस्ट, मार्किंग एंड पैकेजिंग प्लांट स्थापित कर रही है.

2,067 करोड़ रुपये का बड़ा प्रोजेक्ट

Archean Chemicals इस सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट के फेज 1 पर करीब 2,067 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है. कंपनी को टेक्नोलॉजी सपोर्ट यूके की Clas-SiC Wafer Fab Ltd से मिल रहा है. प्रस्तावित इंटीग्रेटेड फैब और पैकेजिंग यूनिट में हर साल 60,000 वेफर्स और 960 लाख पैकेज्ड यूनिट्स ऑफ SiC MOSFETs और पावर डिवाइसेज बनाने की क्षमता होगी.

सिलिकॉन कार्बाइड यानी SiC सेमीकंडक्टर मैटेरियल है, जो सिलिकॉन और कार्बन से बनाया जाता है. इसकी हाई थर्मल कंडक्टिविटी, हाई ब्रेकडाउन वोल्टेज और हाई टेम्परेचर पर काम करने की क्षमता इसे कई एप्लिकेशंस के लिए उपयोगी बनाती है. कंपनी के SiC डिवाइसेज का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम्स, रेलवे, फास्ट चार्जर्स, डिफेंस और डेटा सेंटर्स जैसे सेक्टर्स में किया जा सकता है.

गवर्नमेंट सपोर्ट से प्रोजेक्ट को मदद

Archean Chemicals ने 11 मई 2026 को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन यानी ISM के साथ फिस्कल सपोर्ट एग्रीमेंट यानी FSA किया है. FSA के तहत प्रोजेक्ट को सेंट्रल और स्टेट गवर्नमेंट्स से एलिजिबल कैपिटल एक्सपेंडिचर के 75 फीसदी तक फिस्कल सपोर्ट मिल सकता है. कंपनी के मुताबिक, प्रोजेक्ट का कंस्ट्रक्शन सितंबर की शुरुआत में शुरू होने वाला है. FSA की तारीख से 24 से 27 महीनों के भीतर प्रोडक्शन शुरू करने का टारगेट रखा गया है. हालांकि, इस प्रोजेक्ट में हाई कैपेक्स और एग्जीक्यूशन रिस्क सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल हैं.

Q1FY27 में Archean का प्रॉफिट घटा

Archean Chemicals की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें तो Q1FY27 में टोटल इनकम सालाना आधार पर 10.7 फीसदी बढ़कर 332.8 करोड़ रुपये हो गई. ग्रोथ को बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और ब्रोमीन सेल्स में बढ़ोतरी से सपोर्ट मिला. हालांकि, हाई लॉजिस्टिक्स कॉस्ट्स का असर प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ा.

कंपनी का EBITDA 15.5 फीसदी घटकर 72.9 करोड़ रुपये रह गया. वहीं, नेट प्रॉफिट में 24.2 फीसदी की गिरावट आई और यह 30.4 करोड़ रुपये रहा. Archean Chemicals के पास लिक्विड ब्रोमीन की 42,000-43,000 मेट्रिक टन पर एनम कैपेसिटी है. Q1FY27 में ब्रोमीन सेल्स वॉल्यूम 4,175 टन रहा. मैनेजमेंट को FY27 के अंत तक एनुअलाइज्ड एग्जिट वॉल्यूम रन रेट 20,000-25,000 टन और FY28 तक 25,000 टन का अनुमान है.

Acutaas Chemicals का सेमीकंडक्टर केमिकल्स पर फोकस

दूसरी कंपनी Acutaas Chemicals है. कंपनी सेमीकंडक्टर केमिकल्स बिजनेस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बढ़ती डिमांड को एक स्ट्रक्चरल ग्रोथ ट्रेंड के तौर पर देख रही है. इस डिमांड का असर फोटोरेजिस्ट केमिकल्स पर भी दिखाई दे रहा है. फोटोरेजिस्ट सेमीकंडक्टर वेफर पर छोटे पैटर्न तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

Acutaas Chemicals की सब्सिडियरी इंडिकेम साउथ कोरिया में एक प्लांट तैयार कर रही है. Q1FY27 में कंपनी के कुल 56 करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर में से 15 करोड़ रुपये इंडिकेम साइट पर खर्च किए गए. प्लांट का कंस्ट्रक्शन Q2FY27 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है.

FY28 से रेवेन्यू में योगदान की उम्मीद

Acutaas Chemicals को उम्मीद है कि इंडिकेम प्लांट से FY28 से रेवेन्यू में योगदान शुरू हो जाएगा. मैनेजमेंट के मुताबिक, शुरुआत में बिजनेस को रैंप-अप होने में समय लग सकता है, क्योंकि यह एक नया बिजनेस है. कंपनी को फुल रैंप-अप में करीब 3 से 4 साल लगने का अनुमान है.

सेमीकंडक्टर प्रोडक्ट्स के मार्जिन प्रोफाइल को स्पेशलिटी केमिकल्स सेगमेंट के समान रहने की उम्मीद है. स्पेशलिटी केमिकल्स सेगमेंट में मार्जिन करीब 24 फीसदी है. कंपनी बैटरी केमिकल्स और सेमीकंडक्टर बिजनेस को भी अपने दो हाई-ग्रोथ एरियाज के तौर पर विकसित कर रही है.

स्पेशलिटी केमिकल्स की रेवेन्यू हिस्सेदारी बढ़ेगी

Acutaas Chemicals को अगले 3 वर्षों में अपने रेवेन्यू मिक्स में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है. कंपनी का अनुमान है कि स्पेशलिटी केमिकल्स की रेवेन्यू हिस्सेदारी FY26 के 13 फीसदी से बढ़कर करीब 20 फीसदी हो सकती है. वहीं, फार्मा इंटरमीडिएट्स की रेवेन्यू हिस्सेदारी 87 फीसदी से घटकर करीब 80 फीसदी रह सकती है. इस बदलाव का मतलब है कि कंपनी धीरे-धीरे फार्मा इंटरमीडिएट्स पर अपनी निर्भरता कम करके स्पेशलिटी केमिकल्स और सेमीकंडक्टर जैसे नए ग्रोथ एरियाज पर फोकस बढ़ा रही है.

Q1FY27 में Acutaas का प्रॉफिट 70 फीसदी बढ़ा

Acutaas Chemicals का Q1FY27 प्रदर्शन मजबूत रहा. कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 59.1 फीसदी बढ़कर 329.7 करोड़ रुपये हो गया. EBITDA 122.1 फीसदी बढ़कर 113.1 करोड़ रुपये रहा. EBITDA मार्जिन 34.3 फीसदी रहा. वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट 70.4 फीसदी बढ़कर 75 करोड़ रुपये पहुंच गया. मैनेजमेंट ने FY27 में 25 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया है और मार्जिन्स के स्टेबल रहने की उम्मीद है.

कंपनी को उम्मीद है कि 4 वैलिडेटेड CDMO प्रोडक्ट्स H2FY27 से रेवेन्यू में योगदान देना शुरू कर देंगे. इनमें से प्रत्येक प्रोडक्ट के पीक पर सालाना 50-100 करोड़ रुपये रेवेन्यू देने की उम्मीद है.

कैसा है शेयर का हाल

Archean Chemicals का शेयर सोमवार को 2.39 फीसदी बढ़कर 519 रुपये पर पहुंच गया. हालांकि, पिछले एक सप्ताह में इसमें 3.01 फीसदी की गिरावट हुई है. वहीं, Acutaas Chemicals का शेयर सोमवार को 0.48 फीसदी की गिरावट के साथ 3,282 रुपये पर बंद हुआ. हालांकि, बीते एक सप्ताह में इसमें 7.61 फीसदी की तेजी आई है.

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