कौन हैं अनूप बागची, जिन्हें HDFC Bank ने बनाया CEO और MD; शशिधर जगदीशन की जगह संभाली कमान

HDFC Bank को नया मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मिल गया है. अनूप बागची ने मंगलवार को बैंक के MD और CEO का पदभार संभाल लिया. वह ICICI ग्रुप के अनुभवी बैंकर हैं और इससे पहले ICICI Prudential Life Insurance के MD और CEO थे. उन्होंने शशिधर जगदीशन की जगह ली है, जिनका कार्यकाल सोमवार को पूरा हो गया.

अनूप बागची ने HDFC Bank के MD और CEO का पदभार संभाल लिया है. Image Credit:

HDFC Bank को नया मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर मिल गया है. बैंक ने मंगलवार को बताया कि अनूप बागची ने MD और CEO का पदभार संभाल लिया है. उनसे पहले यह जिम्मेदारी संभाल रहे शशिधर जगदीशन का कार्यकाल सोमवार को पूरा हो गया. बागची ICICI ग्रुप के अनुभवी बैंकर हैं और HDFC Bank के तीन दशक से ज्यादा के हिस्ट्री में पहले ऐसे प्रमुख हैं, जो बैंक के बाहर से इस पद पर आए हैं. उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब बैंक को अपनी इनकम की ग्रोथ और मार्जिन से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

कौन हैं अनूप बागची?

अनूप बागची बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र का जाना-पहचाना नाम हैं. वह लंबे समय तक ICICI ग्रुप से जुड़े रहे हैं. HDFC Bank में नियुक्ति से पहले वह ICICI Prudential Life Insurance के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. अब वह देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंक HDFC Bank का नेतृत्व करेंगे. उनकी नियुक्ति इसलिए भी अहम है, क्योंकि बैंक के इतिहास में पहली बार कोई बाहरी व्यक्ति इस शीर्ष पद पर पहुंचा है. इससे पहले बैंक के नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रमुख अधिकारी बैंक के भीतर से आए थे.

HDFC Bank के सामने क्या हैं चुनौतियां?

अनूप बागची ऐसे समय बैंक की कमान संभाल रहे हैं, जब निवेशकों की नजर उसकी इनकम की ग्रोथ और मार्जिन पर है. इन मोर्चों पर चुनौतियों के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी है. इसके अलावा, HDFC और HDFC Bank के 2023 में हुए विलय से जुड़े कुछ काम अभी बाकी हैं. बागची ने बैंक की कमाई पर हुई चर्चा के दौरान कहा कि विलय से जुड़ी प्रक्रिया का एक हिस्सा अभी पूरा किया जाना है. उन्होंने यह भी कहा कि वह बैंक के कामकाज को बेहतर तरीके से समझने के लिए सभी संबंधित पक्षों से मुलाकात करेंगे.

नेतृत्व में बदलाव के बीच संभाली जिम्मेदारी

अनूप बागची की नियुक्ति से पहले बैंक में नेतृत्व को लेकर कई घटनाएं हुईं. शशिधर जगदीशन ने अपने कार्यकाल को आगे बढ़ाने की उपलब्धता नहीं जताई थी. बैंक से जुड़े कुछ गवर्नेंस मुद्दों और जमा जुटाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठे थे. बैंक की आंतरिक जांच में कार्ड रेट से अधिक पेमेंट करके बड़ी रकम के डिपॉजिट जुटाने में कमियां पाई गई थीं. इस मामले में जगदीशन पर जुर्माना भी लगाया गया था.

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बैंक के नेतृत्व में आगे क्या होगा?

बागची के पदभार संभालने के आसपास बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरुचा ने भी दिसंबर तक रिटायर होने का इरादा जताया है. ऐसे में बैंक के नेतृत्व और आगे की रणनीति पर निवेशकों की नजर रहेगी. बैंक ने शशिधर जगदीशन के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बैंक के प्रदर्शन, कल्चर और कस्टमर सेंट्रिक कामकाज को मजबूती मिली. बैंक ने विलय को सफलतापूर्वक पूरा कराने में उनकी भूमिका को भी अहम बताया.