भारत और चीन का व्यापार बढ़ा, लेकिन बढ़ गया 67.1 अरब डॉलर का घाटा, जानिए वजह

साल 2026 के पहले छह महीनों में भारत और चीन के बीच कुल व्यापार 91.72 अरब डॉलर पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 23.6 फीसदी अधिक है. इस दौरान चीन का भारत को निर्यात 79.41 अरब डॉलर और भारत का चीन को निर्यात 12.31 अरब डॉलर रहा. हालांकि भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 67.1 अरब डॉलर हो गया.

छह महीनों में भारत और चीन के बीच कुल व्यापार 91.72 अरब डॉलर पहुंच गया है. Image Credit: CANVA

India China Trade: भारत और चीन के बीच कारोबार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ भारत का व्यापार घाटा भी तेजी से बढ़ा है. साल 2026 के पहले छह महीनों में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 91.72 अरब डॉलर पहुंच गया. इस दौरान चीन से भारत का आयात तेजी से बढ़ा, जबकि भारत का निर्यात भी मजबूत रहा. इसके बावजूद भारत का व्यापार घाटा 67.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया. यह आंकड़ा भारत के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है.

छह महीने में व्यापार 23.6 फीसदी बढ़ा

चीनी कस्टम डिपार्टमेंट के अनुसार जनवरी से जून 2026 के दौरान भारत और चीन के बीच कुल व्यापार 91.72 अरब डॉलर रहा. यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 23.6 फीसदी अधिक है. इस दौरान चीन का भारत को निर्यात 21.8 फीसदी बढ़कर 79.41 अरब डॉलर पहुंच गया. वहीं भारत का चीन को निर्यात 37.2 फीसदी बढ़कर 12.31 अरब डॉलर हो गया. इसके बावजूद दोनों देशों के व्यापार में संतुलन नहीं बन सका.

व्यापार घाटा 67.1 अरब डॉलर तक पहुंचा

भारत का सबसे बड़ा चिंता का विषय व्यापार घाटा बना हुआ है. पहले छह महीनों में यह बढ़कर 67.1 अरब डॉलर हो गया. भारत चीन से इलेक्ट्रोनिक सामान, सेमीकंडक्टर, मोबाइल पार्ट्स, बैटरी, औद्योगिक मशीनें, कंप्यूटर और रसायन जैसी वस्तुओं का भारी मात्रा में आयात करता है. दूसरी ओर भारत मुख्य रूप से खनिज, पेट्रोलियम उत्पाद, कृषि उत्पाद, दवाइयां, रसायन और आभूषण का निर्यात करता है.

यह भी पढ़ें- इन 2 मल्टीबैगर स्टॉक्स पर विजय केडिया ने लगाया दांव, खरीदी 3% हिस्सेदारी; 435% तक दे चुके हैं रिटर्न, रखें नजर

भारत ने बाजार में ज्यादा पहुंच की उठाई मांग

भारत लगातार चीन से आईटी, दवा और कृषि उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने की मांग करता रहा है. भारतीय राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने हाल ही में कहा कि यदि चीन भारतीय दवाइयों और अन्य उत्पादों का आयात बढ़ाता है तो इससे दोनों देशों के संबंध मजबूत होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हाल के महीनों में चीनी निवेश के लिए कुछ नियम आसान किए हैं ताकि दोनों देशों के आर्थिक संबंध बेहतर हो सकें.

Latest Stories

भारत की सबसे अमीर रियल एस्टेट बिजनेस फैमिली बना अडानी परिवार, DLF के राजीव सिंह को छोड़ा पीछे

सोने की कीमतों में गिरावट, चांदी 8900 रुपये हुई सस्ती; जानें- 24 कैरेट वाले गोल्ड का दाम

डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 16.4 फीसदी की बढ़त, 13 जुलाई तक सरकार के पास आए 6.51 लाख करोड़ रुपये;जानें पूरी रिपोर्ट

IND-UK FTA: 15 जुलाई से होगा लागू, जानें- ऑटो, व्हिस्की, एक्सपोर्ट और ग्राहकों के लिए क्या होंगे बड़े बदलाव?

ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद भारत के सबसे मजबूत ब्रांड्स की ग्रोथ बरकरार, नंबर 1 पर टाटा… दूसरे नंबर पर ये कंपनी

जून में थोक महंगाई 9.87% पहुंची, खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई कीमत; जानें किस सेक्टर पड़ा ज्यादा असर