भारत के LPG इंपोर्ट में दिखा बड़ा बदलाव, अमेरिका को पछाड़ ये देश बन गया सबसे बड़ा सप्लायर
सितंबर में भारत का LPG इंपोर्ट वापस UAE की ओर शिफ्ट हो गया, क्योंकि US सप्लाई में 58 फीसदी की गिरावट आई, जबकि गल्फ शिपमेंट में सुधार हुआ. ओमान भी भारत का सबसे बड़ा LNG सप्लायर बनकर उभरा, जिससे पता चलता है कि जियोपॉलिटिकल रिस्क एनर्जी सोर्सिंग को कैसे बदल रहे हैं.

सितंबर में भारत का लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) इंपोर्ट मिक्स वापस वेस्ट एशिया की ओर शिफ्ट हो गया, जिसमें यूनाइटेड अरब अमीरात देश का सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा, जबकि यूनाइटेड स्टेट्स से शिपमेंट में तेजी से गिरावट आई. मैरीटाइम इंटेलिजेंस फर्म केप्लर के डेटा के मुताबिक, UAE ने सितंबर में 547,000 टन LPG सप्लाई की, जो अगस्त के 193,000 टन से 182 फीसदी ज्यादा है.
वहीं, दूसरी ओर यूएस शिपमेंट अगस्त के लेवल से महीने-दर-महीने 58 फीसदी घटकर 323,000 टन रह गया, जिससे भारत के LPG इंपोर्ट में यूएस का हिस्सा 23 फीसदी हो गया. हालांकि, भारत का कुल LPG इंपोर्ट सितंबर में पिछले महीने के मुकाबले 4 फीसदी घटकर 1.39 मिलियन टन रह गया, जिससे पता चलता है कि पश्चिम एशिया से सप्लाई में रिकवरी अभी तक कुल इंपोर्ट में बढ़ोतरी में नहीं बदली है.
गल्फ सप्लाई में हो रहा सुधार
फरवरी के आखिर में Strait of Hormuz में रुकावटों के बाद गल्फ देशों से शिपमेंट पर बुरी तरह असर पड़ने के बाद यूनाइटेड स्टेट्स भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बनकर उभरा था. लेटेस्ट डेटा बताता है कि जैसे-जैसे इस इलाके से कार्गो वापस आ रहे हैं, सप्लाई सोर्स धीरे-धीरे रीबैलेंस हो रहा है.
सितंबर में दूसरे गल्फ सप्लायर्स से भी इंपोर्ट बढ़ा, कुवैत ने 132,544 टन सप्लाई की, जो अगस्त से 15.6 फीसदी ज्यादा है, जबकि कतर से शिपमेंट 76 फीसदी बढ़कर 115,340 टन हो गया. भारत ने इस महीने सऊदी अरब से कोई LPG इंपोर्ट नहीं किया, दूसरे सप्लायर्स में ईरान शामिल था, जिसने 89,000 टन सप्लाई की, ओमान और कांगो गणराज्य ने 23,000 टन, अल्जीरिया ने 24,000 टन और ब्रुनेई ने 4,000 टन सप्लाई की है.
डाइवर्सिफिकेशन है जरूरी
बिजनेस टुडे के मुताबिक, भारत अपनी LPG ज़रूरतों का लगभग 60 फीसदी इम्पोर्ट करता है, जिसमें से लगभग 90 फीसदी इम्पोर्ट पहले खाड़ी देशों से Strait of Hormuz के जरिए होता था. एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि भारतीय रिफाइनरियां खाड़ी के बाहर भी अपनी सोर्सिंग में डाइवर्सिफिकेशन करते रहेंगी, भले ही वेस्ट एशिया कच्चे तेल और LPG का एक जरूरी सप्लायर बना हुआ है. केप्लर के लीड और प्रिंसिपल फ्रेट एनालिस्ट मैट राइट ने कहा कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों के लिए लगातार रिस्क की वजह से फ्रेट कॉस्ट ज्यादा बनी हुई है.
भारत की LNG सप्लाई में ये देश सबसे आगे
सितंबर में भारत के लिक्विफाइड नेचुरल गैस इंपोर्ट में भी ऐसा ही बदलाव दिखा, जिसमें Oman देश का सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा. केप्लर डेटा के मुताबिक, ओमान ने 585,000 टन सप्लाई की, जो भारत के LNG इंपोर्ट का 27 फीसदी है, जो अगस्त से 11.6 फीसदी ज्यादा है. US LNG शिपमेंट महीने-दर-महीने 59 फीसदी गिरा है जिससे देश का हिस्सा घटकर 16 फीसदी रह गया, जबकि कतर का हिस्सा घटकर 4.3 फीसदी रह गया. भारत का कुल LNG इंपोर्ट 14 फीसदी घटकर 2.17 मिलियन टन रह गया है.
Qalhat में ओमान की एक्सपोर्ट फैसिलिटी Strait of Hormuz के बाहर हैं, जिससे इलाके में दिक्कतों के बीच उसके कार्गो को शिपिंग में फायदा मिलता है. हालांकि, ओमान की लिमिटेड एक्सपोर्ट कैपेसिटी का मतलब है कि वह बड़े पैमाने पर कतर की सप्लाई की जगह नहीं ले सकता.
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