विदेशी ऑर्डर से मालामाल भारतीय दवा कंपनियां, जून तिमाही में सात साल की सबसे मजबूत ग्रोथ, आखिर क्या है वजह?

जेफरीज (Jefferies) की कवरेज वाली नौ कंपनियों का कुल CRDMO रेवेन्यू जून तिमाही में सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़ा, जो मार्च तिमाही में 9 फीसदी था. कुल बिक्री (गैर-CRDMO बिजनेस सहित) में 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि कुल EBITDA में 36% का उछाल आया. इसमें CDMO के ज्यादा योगदान और मार्जिन बढ़ने से मदद मिली.

दवा कंपनियों का रेवेन्यू मजबूत. Image Credit: AI

जून 2026 की अवधि में भारतीय कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (CRDMOs) ने पिछले सात क्वार्टर में सबसे मजबूत ग्रोथ दर्ज की. इसकी वजह ग्लोबल इनोवेटर फार्मा कंपनियों से प्रपोजल के लिए बढ़ती रिक्वेस्ट (RFPs) और FY27 के लिए बेहतर ऑर्डर विजिबिलिटी रही. जेफरीज ने अपनी सेक्टर समीक्षा में कहा है कि जेफरीज (Jefferies) की कवरेज वाली नौ कंपनियों का कुल CRDMO रेवेन्यू जून तिमाही में सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़ा, जो मार्च तिमाही में 9 फीसदी था.

कुल बिक्री (गैर-CRDMO बिजनेस सहित) में 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि कुल EBITDA में 36% का उछाल आया. इसमें CDMO के ज्यादा योगदान और मार्जिन बढ़ने से मदद मिली.

विदेशों से क्यों मिल रहा काम?

भारतीय कंपनियों को विदेशों से बड़े पैमाने पर इसलिए काम मिल रहा है, क्योंकि वो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा दवा उत्पादक है. इसके अलावा वैश्विक जेनरिक दवा सप्लाई में इसकी हिस्सेदारी 20 फीसदी है. अप्रैल 2024 तक देश के 748 प्लॉट अमेरिका दवा नियामक यूएसएफडीए में रजिस्टर्ड थे. भारतीय कंपनियां अब पेप्टाइड, जटिल इंजेक्टेबल और एंटीबॉडी ड्रग कॉन्जुगेट जैसे एडवांस्ड प्रोडक्ट्स भी बना रही हैं.

कमाई के अनुमानों से आगे निकलीं कई कंपनियां

नौ में से छह कंपनियों ने ऑपरेशनल अर्निंग्स के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया. दो कंपनियां (कोहेंस लाइफसाइंसेज और सिनजीन इंटरनेशनल) ऐसा नहीं कर पाईं. तिमाही के दौरान रुपये की कीमत में आई भारी गिरावट से भी कई कंपनियों को फायदा हुआ, जिससे उनकी रिपोर्ट की गई ग्रोथ और मार्जिन में बढ़ोतरी हुई.

डिविस लैबोरेटरीज, लॉरस लैब्स, ग्लैंड फार्मा, पिरामल फार्मा और साई लाइफ साइंसेज ग्रोथ को आगे बढ़ाने वाले मुख्य फैक्टर रहे. वहीं, सिनजीन और कोहांस का सेक्टर के प्रदर्शन पर दबाव बना रहा.

ऑर्डर बुक मजबूत

मैनेजमेंट की बातों से पता चलता है कि बड़ी फार्मा कंपनियों से अच्छे RFP मिल रहे हैं और ऑर्डर बुक भी मजबूत है. साई लाइफ साइंसेज के पास पहले से ही FY27 के लिए अपने टारगेट रेवेन्यू का 90% से ज्यादा हिस्सा ऑर्डर के रूप में मौजूद है.

एंथम बायोसाइंसेज के पास 80% से अधिक ऑर्डर की जानकारी है. पिरामल फार्मा ने कहा कि उसकी FY27 की ऑर्डर बुक पिछले कई वर्षों की तुलना में ज्यादा मजबूत है.

डबल-डिजिट ग्रोथ बरकरार रहने की उम्मीद

Divi’s को उम्मीद है कि FY27 में भी डबल-डिजिट ग्रोथ बनी रहेगी. बड़े CDMO प्रोजेक्ट्स के लिए वैलिडेशन-बैच की शिपिंग शुरू हो गई है और उम्मीद है कि इससे काम की तेज रफ़्तार बनी रहेगी. कंपनी एक कॉन्ट्रास्ट-मीडिया प्रोडक्ट के लिए कई साल के CDMO कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने के भी करीब है (जिसकी उम्मीद अगले 3-4 महीनों में है) और अगले 12-18 महीनों में कई स्मॉल-मॉलिक्यूल और पेप्टाइड प्रोजेक्ट्स भी पाइपलाइन में हैं.

लौरस लैब्स

लौरस लैब्स ने अपने CDMO बिजनेस में साल-दर-साल 76% की ग्रोथ दर्ज की. मैनेजमेंट ने कहा कि मौजूदा सेल्स रन-रेट के अगले कुछ क्वार्टर तक बने रहने की उम्मीद है और उसने FY27 के लिए कैपिटल-एक्सपेंडिचर गाइडेंस को लगभग 33% बढ़ा दिया. ग्रॉस मार्जिन के 63% के आसपास अच्छे बने रहने की उम्मीद है.

साई लाइफ

साई लाइफ के CRO बिजनेस में 24% की ग्रोथ हुई. कंपनी को FY27 में पहली छमाही/दूसरी छमाही के रेवेन्यू में 40:60 के बंटवारे की उम्मीद है (पिछले साल यह 48:52 था), जिसके बारे में जेफरीज का कहना है कि इससे पूरे साल की सेल्स ग्रोथ 20% से अधिक हो सकती है.

इसकी डेडिकेटेड पेप्टाइड डेवलपमेंट लैब जल्द ही शुरू होने वाली है. FY28 के लिए एक ग्रीनफील्ड पेप्टाइड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की योजना है. पेप्टाइड्स और एंटीबॉडी-ड्रग कॉन्जुगेट्स (ADCs) में क्लाइंट कन्वर्जन तेजी से बढ़ रहा है.

पिरामल फार्मा

पिरामल फार्मा ने FY27 में सेल्स ग्रोथ के लिए ‘लो-टू-मिड-टीन्स’ (13-15% रेंज) का गाइडेंस बनाए रखा, जिसमें EBITDA और मुनाफ़े के रेवेन्यू से तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. ग्लैंड फार्मा ने कॉन्स्टेंट-करेंसी के आधार पर FY27 के लिए सेल्स ग्रोथ गाइडेंस को 12-13% से बढ़ाकर 15% या उससे ज्यादा कर दिया. कॉनकॉर्ड बायोटेक के ऐतिहासिक ग्रोथ से ज्यादा, यानी 20% से ऊपर की ग्रोथ देने की उम्मीद है.

कमजोर कड़ी

कमजोर पक्ष की बात करें तो, सिनजीन ने कम मार्जिन वाले CRO प्रोजेक्ट्स को तर्कसंगत बनाने के बाद FY27 के लिए अपने गाइडेंस को ‘फ्लैट सेल्स’ से घटाकर ‘सिंगल-डिजिट ईयर-ऑन-ईयर गिरावट’ कर दिया. कोहेंस को उम्मीद है कि सेल्स और EBITDA ग्रोथ FY27 की दूसरी छमाही से ही वापस आएगी. इसके सभी डिवीजनों ने जून क्वार्टर में भारी गिरावट दर्ज की. एंथम के लिए क्वार्टर मुश्किल रहा, क्योंकि मुख्य प्रोडक्ट्स की शिपमेंट FY27 के दूसरे क्वार्टर से ही होनी है.

कमाई के अनुमान में बदलाव और रेटिंग्स

जेफरीज़ ने मजबूत कंपनियों के लिए अहम अपग्रेड किए. लौरस में सबसे अधिक बदलाव देखे गए, जिसमें FY27 और FY28 के EBITDA अनुमानों को क्रमशः 23% और 24% बढ़ाया गया. डिवीज के EBITDA अनुमानों को 17% और 11% बढ़ाया गया, जबकि ग्लैंड के अनुमानों को 10% और 11% बढ़ाया गया.

साई लाइफ और कॉनकॉर्ड को छोटे अपग्रेड मिले. सिंजीन के वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 के राजस्व अनुमानों में 9% की कटौती की गई, जबकि ईबीआईटीडीए अनुमानों में क्रमशः 12% और 7% की कमी आई. कोहांस की रेटिंग में भी गिरावट देखी गई.

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